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Bahraich News: स्मार्ट बने जिले के 685 परिषदीय विद्यालय, बच्चे ले रहे रुचि
Thu, 11 Apr 2024 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 11 Apr 2024 12:43 AM IST
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बहराइच। परिषदीय विद्यालयों का स्तर धीरे-धीरे सुधर रहा है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत कॉन्वेंट स्कूलों को टक्कर देने के लिए जिले के 685 परिषदीय विद्यालयों को स्मार्ट बनाया गया है। डिजिटल कक्षाओं में विद्यार्थियों को संख्या, अक्षर ज्ञान के साथ खेलकूद, कहानी और कविता भी सिखाई जा रही है। इसमें बच्चे काफी रुचि भी ले रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिले में 2803 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, संविलियन विद्यालय व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में 5,33,936 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। निजी विद्यालयों की तरह जिले के 685 स्कूलों को स्मार्ट बनाकर डिजिटल कक्षाएं शुरू कर दी गई हैंं। इसके लिए विद्यालयों में प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड व एलईडी टीवी लगाया गया है। इसके जरिये विद्यार्थियों को संख्या, अक्षर ज्ञान के साथ खेलकूद, कहानी और कविता, दीक्षा सहित अन्य एप से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
सरकार की ओर से पहली बार परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट बनाने के बाद विद्यालयों की सूरत भी बदल गई है। पयागपुर के एआरपी राजेश कुमार मिश्र ने बताया कि पयागपुर शिक्षा क्षेत्र में 52 विद्यालय स्मार्ट बनाए गए हैं। कक्षाओं के संचालन की स्थिति जानने के लिए समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है। डिजिटल कक्षा में बच्चे काफी रुचि ले रहे हैं।
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विद्यालयों की बढ़ाई गई सुरक्षा
जिन स्कूलों को स्मार्ट बनाया गया है वहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी किए गए हैं। इसके लिए दरवाजों और गेट में डबल इंटरलॉक लगवाया गया है। खिड़कियों को मजबूत रखने के लिए ग्रिल लगाई गई है। उपकरणों के रख-रखाव की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक और प्रधान को दी गई है।
नौनिहालों को मिलेगा प्रतिभा दिखाने का मौका
स्मार्ट क्लास बनने से नौनिहालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। डिजिटल प्रोजेक्टर, मल्टीमीडिया सामग्री और शैक्षिक सॉफ्टवेयर जैसे डिजिटल संसाधनों से छात्रों को पढ़ने में आसानी हो रही है।
स्वयंसेवी संस्था ने 100 विद्यालयों को बनाया स्मार्ट
जिले के चार हुजूरपुर, पयागपुर, तेजवापुर तथा चित्तौरा ब्लॉक के 100 विद्यालयों को एक निजी फाउंडेशन की ओर से स्मार्ट बनाया गया है। जहां बच्चे डिजिटल पढ़ाई कर रहे हैं।
जिले के 685 परिषदीय, कंपोजिट व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को स्मार्ट बना दिया गया है। इसमें 585 विद्यालयों में शिक्षा विभाग और 100 विद्यालयों में एक स्वयंसेवी संस्था ने स्मार्ट क्लास के लिए प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड और टीवी लगवाया है। जहां बच्चे डिजिटल रूप से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
-अव्यक्त राम तिवारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिले में 2803 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, संविलियन विद्यालय व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में 5,33,936 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। निजी विद्यालयों की तरह जिले के 685 स्कूलों को स्मार्ट बनाकर डिजिटल कक्षाएं शुरू कर दी गई हैंं। इसके लिए विद्यालयों में प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड व एलईडी टीवी लगाया गया है। इसके जरिये विद्यार्थियों को संख्या, अक्षर ज्ञान के साथ खेलकूद, कहानी और कविता, दीक्षा सहित अन्य एप से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
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सरकार की ओर से पहली बार परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट बनाने के बाद विद्यालयों की सूरत भी बदल गई है। पयागपुर के एआरपी राजेश कुमार मिश्र ने बताया कि पयागपुर शिक्षा क्षेत्र में 52 विद्यालय स्मार्ट बनाए गए हैं। कक्षाओं के संचालन की स्थिति जानने के लिए समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है। डिजिटल कक्षा में बच्चे काफी रुचि ले रहे हैं।
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विद्यालयों की बढ़ाई गई सुरक्षा
जिन स्कूलों को स्मार्ट बनाया गया है वहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी किए गए हैं। इसके लिए दरवाजों और गेट में डबल इंटरलॉक लगवाया गया है। खिड़कियों को मजबूत रखने के लिए ग्रिल लगाई गई है। उपकरणों के रख-रखाव की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक और प्रधान को दी गई है।
नौनिहालों को मिलेगा प्रतिभा दिखाने का मौका
स्मार्ट क्लास बनने से नौनिहालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। डिजिटल प्रोजेक्टर, मल्टीमीडिया सामग्री और शैक्षिक सॉफ्टवेयर जैसे डिजिटल संसाधनों से छात्रों को पढ़ने में आसानी हो रही है।
स्वयंसेवी संस्था ने 100 विद्यालयों को बनाया स्मार्ट
जिले के चार हुजूरपुर, पयागपुर, तेजवापुर तथा चित्तौरा ब्लॉक के 100 विद्यालयों को एक निजी फाउंडेशन की ओर से स्मार्ट बनाया गया है। जहां बच्चे डिजिटल पढ़ाई कर रहे हैं।
जिले के 685 परिषदीय, कंपोजिट व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को स्मार्ट बना दिया गया है। इसमें 585 विद्यालयों में शिक्षा विभाग और 100 विद्यालयों में एक स्वयंसेवी संस्था ने स्मार्ट क्लास के लिए प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड और टीवी लगवाया है। जहां बच्चे डिजिटल रूप से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
-अव्यक्त राम तिवारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी