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नर्सिंग होम में नवजात की मौत पर गैर इरादतन हत्या का केस
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:05 AM IST
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बहराइच। डिगिहा तिराहे के निकट स्थित सुषमा हास्पिटल में गुरुवार शाम को पैदा हुए नवजात की कुछ घंटे बाद मौत हो गई। परिवारीजनों से डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को काबू में किया। मृत नवजात के पिता की तहरीर पर चिकित्सक व एएनएम के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की है।
मोतीपुर थाना अंतर्गत पुरैना रघुनाथपुर गांव निवासी अखिलेश कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी सुमन (34) को बुधवार देर रात को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर वह पत्नी को लेकर नगर में डिगिहा तिराहे के निकट स्थित सुषमा हास्पिटल पहुंचा।
यहां पर डॉक्टर सुषमा की सलाह पर पत्नी को भर्ती करा दिया। रात भर पत्नी दर्द से कराहती रही, लेकिन इलाज सही तरीके से नहीं हुआ। पति का कहना है कि अस्पताल में सिर्फ एएनएम मंजू मौजूद थी। उससे कई बार डॉक्टर को बुलवाकर पत्नी को दिखाने की बात कही गई, लेकिन एएनएम ने ध्यान नहीं दिया। वह फोन पर बात करने में मशगूल रही।
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सुबह पत्नी की हालत अधिक बिगड़ने पर ऑपरेशन व जांच के लिए 52 हजार रुपये जमा करवाए गए। गुरुवार शाम तीन बजे के आसपास ऑपरेशन हुआ। इस पर पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद चिकित्सक ने स्थिति सामान्य बताई। लेकिन दो घंटे बाद नवजात की हालत बिगड़ने लगी। लेकिन न तो चिकित्सक ने ध्यान दिया न ही एएनएम ने।
बच्चे की हालत अधिक बिगड़ने पर उसे दूसरे चिकित्सक के नर्सिंग होम में रेफर कर दिया। इसी दौरान नवजात की मौत हो गई। पिता का कहना है कि चिकित्सक डॉ. सुषमा एवं एएनएम मंजू मिश्रा की लापरवाही से बच्चे की मौत हुई है। नवजात की मौत के बाद मौजूद परिवार के लोग भड़क उठे। हंगामे की स्थिति बन गई।
देर रात तक गहमागहमी का माहौल रहा। सूचना पाकर कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक आरपी सोनकर दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह गुस्साए लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। रात में ही मृत नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
वहीं मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने चिकित्सक डॉ. सुषमा व एएनएम मंजू मिश्रा के खिलाफ धारा 304ए के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की है। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मोतीपुर थाना अंतर्गत पुरैना रघुनाथपुर गांव निवासी अखिलेश कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी सुमन (34) को बुधवार देर रात को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर वह पत्नी को लेकर नगर में डिगिहा तिराहे के निकट स्थित सुषमा हास्पिटल पहुंचा।
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यहां पर डॉक्टर सुषमा की सलाह पर पत्नी को भर्ती करा दिया। रात भर पत्नी दर्द से कराहती रही, लेकिन इलाज सही तरीके से नहीं हुआ। पति का कहना है कि अस्पताल में सिर्फ एएनएम मंजू मौजूद थी। उससे कई बार डॉक्टर को बुलवाकर पत्नी को दिखाने की बात कही गई, लेकिन एएनएम ने ध्यान नहीं दिया। वह फोन पर बात करने में मशगूल रही।
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सुबह पत्नी की हालत अधिक बिगड़ने पर ऑपरेशन व जांच के लिए 52 हजार रुपये जमा करवाए गए। गुरुवार शाम तीन बजे के आसपास ऑपरेशन हुआ। इस पर पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद चिकित्सक ने स्थिति सामान्य बताई। लेकिन दो घंटे बाद नवजात की हालत बिगड़ने लगी। लेकिन न तो चिकित्सक ने ध्यान दिया न ही एएनएम ने।
बच्चे की हालत अधिक बिगड़ने पर उसे दूसरे चिकित्सक के नर्सिंग होम में रेफर कर दिया। इसी दौरान नवजात की मौत हो गई। पिता का कहना है कि चिकित्सक डॉ. सुषमा एवं एएनएम मंजू मिश्रा की लापरवाही से बच्चे की मौत हुई है। नवजात की मौत के बाद मौजूद परिवार के लोग भड़क उठे। हंगामे की स्थिति बन गई।
देर रात तक गहमागहमी का माहौल रहा। सूचना पाकर कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक आरपी सोनकर दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह गुस्साए लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। रात में ही मृत नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
वहीं मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने चिकित्सक डॉ. सुषमा व एएनएम मंजू मिश्रा के खिलाफ धारा 304ए के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की है। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।