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20 घंटे बिन बिजली रही 60 हजार आबादी
अमर उजाला/बहराइच
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:46 PM IST
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बिजलीघर
- फोटो : अमर उजाला
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रिसिया नगर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति शुक्रवार को दोपहर से अचानक गुल हो गई। करीब बीस घंटे के बाद आपूर्ति दूसरे दिन बहाल हुई। लेकिन इसके बाद पूरे दिन ट्रिपिंग की समस्या बनी रही। विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से रिसिया क्षेत्र की करीब 60 हजार से अधिक आबादी इस भीषण गर्मी में बिजली व पानी को तरसती रही।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने बेहतर विद्युत आपूर्ति देने का वायदा प्रदेशवासियों से किया था। इसके लिए उन्होंने जिले के अधिकारियों को आपूर्ति के दौरान फाल्ट आ जाने पर तत्काल दुरुस्त करने की हिदायत भी दी थी। लेकिन जिले के अधिकारियों के आगे मुख्यमंत्री के आदेश बौने साबित हो रहे हैं। पूरे जिले में बिजली के लिए हायतौबा मची हुई है। लेकिन अधिकारी इससे इतर सिर्फ वसूली करने में ही जुटे हुए हैं।
जनता की समस्याओं से अधिकारियों का कोई लेना-देना नहीं है। मालूम हो कि रिसिया नगर स्थित विद्युत उपकेंद्र से पूरे रिसिया क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति की जाती है। शुक्रवार दोपहर दो बजे अचानक विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। लोगों ने समझा की ओवरलोडिंग से आपूर्ति ठप हुई है। कुछ देर बाद आपूर्ति शुरू हो जायेगी। लेकिन जब शाम तक आपूर्ति शुरू नही हुई, तो लोगों ने उपकेंद्र के अवर अभियंता से संपर्क करना शुरू किया। उ
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पकेंद्र के अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि बहराइच रिसिया मार्ग पर फाल्ट आ जाने से परेशानी हुई है। देर शाम तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। लेकिन जब देर शाम तक आपूर्ति बहाल नही हुई, तो पुन: सभी उपकेंद्र पर संपर्क करना शुरू किया। लेकिन अधिकारी अपना मोबाइल बंद कर उपकेंद्र से लापता हो गए। विभागीय उदासीनता के चलते पूरी रात इस भीषण गर्मी में क्षेत्रवासियों को बिजली व पानी के बिना रात काटनी पड़ी।
करीब 60 हजार से अधिक आबादी पूरी रात बिजली पानी को तरसती रही। सबसे ज्यादा रोजेदारों को परेशानी उठानी पड़ी। सुबह 10 बजे आपूर्ति बहाल तो हुई, लेकिन इसके बाद पूरे दिन ट्रिपिंग की समस्या से लोग जूझते रहे। मामले में विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता संजय पासवान ने बताया कि बख्शीपुरा सब स्टेशन के पास विद्युत लाइन में फाल्ट आ जाने से परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने बताया कि काफी मशक्कत के बाद फाल्ट को दुरुस्त कराकर आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
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प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने बेहतर विद्युत आपूर्ति देने का वायदा प्रदेशवासियों से किया था। इसके लिए उन्होंने जिले के अधिकारियों को आपूर्ति के दौरान फाल्ट आ जाने पर तत्काल दुरुस्त करने की हिदायत भी दी थी। लेकिन जिले के अधिकारियों के आगे मुख्यमंत्री के आदेश बौने साबित हो रहे हैं। पूरे जिले में बिजली के लिए हायतौबा मची हुई है। लेकिन अधिकारी इससे इतर सिर्फ वसूली करने में ही जुटे हुए हैं।
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जनता की समस्याओं से अधिकारियों का कोई लेना-देना नहीं है। मालूम हो कि रिसिया नगर स्थित विद्युत उपकेंद्र से पूरे रिसिया क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति की जाती है। शुक्रवार दोपहर दो बजे अचानक विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। लोगों ने समझा की ओवरलोडिंग से आपूर्ति ठप हुई है। कुछ देर बाद आपूर्ति शुरू हो जायेगी। लेकिन जब शाम तक आपूर्ति शुरू नही हुई, तो लोगों ने उपकेंद्र के अवर अभियंता से संपर्क करना शुरू किया। उ
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पकेंद्र के अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि बहराइच रिसिया मार्ग पर फाल्ट आ जाने से परेशानी हुई है। देर शाम तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। लेकिन जब देर शाम तक आपूर्ति बहाल नही हुई, तो पुन: सभी उपकेंद्र पर संपर्क करना शुरू किया। लेकिन अधिकारी अपना मोबाइल बंद कर उपकेंद्र से लापता हो गए। विभागीय उदासीनता के चलते पूरी रात इस भीषण गर्मी में क्षेत्रवासियों को बिजली व पानी के बिना रात काटनी पड़ी।
करीब 60 हजार से अधिक आबादी पूरी रात बिजली पानी को तरसती रही। सबसे ज्यादा रोजेदारों को परेशानी उठानी पड़ी। सुबह 10 बजे आपूर्ति बहाल तो हुई, लेकिन इसके बाद पूरे दिन ट्रिपिंग की समस्या से लोग जूझते रहे। मामले में विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता संजय पासवान ने बताया कि बख्शीपुरा सब स्टेशन के पास विद्युत लाइन में फाल्ट आ जाने से परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने बताया कि काफी मशक्कत के बाद फाल्ट को दुरुस्त कराकर आपूर्ति बहाल कर दी गई है।