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50 गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
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बहराइच। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश से घाघरा नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। कैसरगंज व महसी तहसील क्षेत्र में घाघरा कहर बरपा रही है। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से 50 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। कोढ़वा गांव से घाघरा नदी महज 200 मीटर दूरी पर बची है। नदी की कटान में 50 बीघा कृषि योग्य भूमि भी समाहित हो गई है।
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश ने कैसरगंज और महसी तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेजी से बढ़ रहे नदी के जलस्तर से ग्रामीण परेशान हैं। महसी तहसील के कोढ़वा गांव से घाघरा नदी महज 200 मीटर दूर ही रह गई है। कैसरगंज और महसी तहसील क्षेत्र के करीब 50 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। महसी के गोलागंज, कायमपुर, छत्तरपुरवा, जोगापुरवा, तारापुरवा, मांझा दरिया बुर्द, चमराही, पिपरा, पिपरी, नागेश्वरपुरवा समेत 12 गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
उधर कैसरगंज तहसील क्षेत्र के मंझारा तौकली गांव में घाघरा की कटान लगातार जारी है। मंझारा तौकली के भिरगूपुरवा व चमरौधी गांव में नाले के पास तक घाघरा नदी पहुंच गई है। चमरौधी गांव के बाहर स्थित नाले के पास नदी के पहुंचने से ग्रामीण अपना आशियाना समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। कैसरगंज के मंझारा तौकली, गोड़हिया नंबर तीन, ग्यारह सौ रेती, महावीर पुरवा, गुलाबसिंह पुरवा, बलराज पुरवा, बिरजा पकड़िया, गोड़ियन पुरवा, रोहितपुरवा समेत अन्य गांव कटान के मुहाने पर हैं।
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ग्यारह सौ रेती के ग्राम प्रधान पवन कुमार निषाद ने बताया कि लगातार किसानों की जमीन नदी में समा रही है। करीब 50 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो चुकी है। तहसील प्रशासन को सूचना दी गई है। मगर कटान रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
एसडीएम रामजीत मौर्या ने बताया कि तहसील क्षेत्र के मंझारा तौकली गांव में कटान हो रही है। राजस्व कर्मचारियों की टीम कटान के साथ ही नदी के जलस्तर पर भी नजर रख रही है। कटान पीड़ितों को मुआवजा देने की भी कार्रवाई की जा रही है।
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नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश ने कैसरगंज और महसी तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेजी से बढ़ रहे नदी के जलस्तर से ग्रामीण परेशान हैं। महसी तहसील के कोढ़वा गांव से घाघरा नदी महज 200 मीटर दूर ही रह गई है। कैसरगंज और महसी तहसील क्षेत्र के करीब 50 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। महसी के गोलागंज, कायमपुर, छत्तरपुरवा, जोगापुरवा, तारापुरवा, मांझा दरिया बुर्द, चमराही, पिपरा, पिपरी, नागेश्वरपुरवा समेत 12 गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
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उधर कैसरगंज तहसील क्षेत्र के मंझारा तौकली गांव में घाघरा की कटान लगातार जारी है। मंझारा तौकली के भिरगूपुरवा व चमरौधी गांव में नाले के पास तक घाघरा नदी पहुंच गई है। चमरौधी गांव के बाहर स्थित नाले के पास नदी के पहुंचने से ग्रामीण अपना आशियाना समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। कैसरगंज के मंझारा तौकली, गोड़हिया नंबर तीन, ग्यारह सौ रेती, महावीर पुरवा, गुलाबसिंह पुरवा, बलराज पुरवा, बिरजा पकड़िया, गोड़ियन पुरवा, रोहितपुरवा समेत अन्य गांव कटान के मुहाने पर हैं।
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ग्यारह सौ रेती के ग्राम प्रधान पवन कुमार निषाद ने बताया कि लगातार किसानों की जमीन नदी में समा रही है। करीब 50 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो चुकी है। तहसील प्रशासन को सूचना दी गई है। मगर कटान रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
एसडीएम रामजीत मौर्या ने बताया कि तहसील क्षेत्र के मंझारा तौकली गांव में कटान हो रही है। राजस्व कर्मचारियों की टीम कटान के साथ ही नदी के जलस्तर पर भी नजर रख रही है। कटान पीड़ितों को मुआवजा देने की भी कार्रवाई की जा रही है।