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चुनाव निपटाने में पांच करोड़ से ज्यादा खर्च
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 16 Dec 2015 09:55 PM IST
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बहराइच। जिले में पंचायत चुनाव दो चरणों में निपटाया गया है। इस चुनाव में पांच करोड़ से अधिक का खर्च आया है, जिसमें महज वाहनों के दौड़ाने पर ही लगभग 70 हजार लीटर डीजल की खपत हुई है। चुनाव में लगभग पांच करोड़ रुपये का खर्च जिला प्रशासन ने किया है।
जनपद में पहले चरण में जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव कराया गया था। जिले की 64 जिला पंचायत सदस्य व 1368 क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव हुआ था। दूसरे चरण में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव कराए गए थे।
पंचायत चुनाव के दोनों चक्रों में कुल 6 हजार के करीब कर्मचारियों की ड्यूटी मतदान के लिए लगाई गई थी। इनको पारिश्रमिक के रूप में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
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जबकि मतगणना में लगाए जाने वाले कर्मचारियों को भी पचास लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इसी तरह चुनाव में लगभग 1600 भारी वाहन और 550 छोटे वाहन लगाए गए थे, जिन्हें चलाने के लिए 70 हजार लीटर डीजल की खपत हुई थी। इस पर भी 36 लाख की लागत आई थी।
सभी बूथों पर मतदान के दिन बैरीकेटिंग कराने व मतगणना की व्यवस्थाओं आदि को लेकर टेंट हाउस के लिए भी 40 लाख से अधिक का खर्च आया है।
कैमरे के प्रतिदिन 1900
पंचायत चुनाव में स्ट्रांग रूम के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनके लिए प्रतिदिन 1900 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि मतदान के दिन और मतगणना के लिए भी कैमरे लगवाए गए थे। इनके लिए 1300 रुपये प्रतिदिन से लेकर 650 रुपये प्रतिदिन तक का भुगतान दिया गया।
पंचायत चुनाव होती है प्राथमिकता
उप जिला निर्वाचन अधिकारी विद्याशंकर सिंह से चुनाव खर्च पर बात करने पर उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव को सकुशल निपटाने के लिए व्यवस्थाएं करनी होती हैं। चुनाव आयोग के मैनुअल के आधार पर ही सभी भुगतान किए जाते हैं।
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जनपद में पहले चरण में जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव कराया गया था। जिले की 64 जिला पंचायत सदस्य व 1368 क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव हुआ था। दूसरे चरण में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव कराए गए थे।
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पंचायत चुनाव के दोनों चक्रों में कुल 6 हजार के करीब कर्मचारियों की ड्यूटी मतदान के लिए लगाई गई थी। इनको पारिश्रमिक के रूप में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
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जबकि मतगणना में लगाए जाने वाले कर्मचारियों को भी पचास लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इसी तरह चुनाव में लगभग 1600 भारी वाहन और 550 छोटे वाहन लगाए गए थे, जिन्हें चलाने के लिए 70 हजार लीटर डीजल की खपत हुई थी। इस पर भी 36 लाख की लागत आई थी।
सभी बूथों पर मतदान के दिन बैरीकेटिंग कराने व मतगणना की व्यवस्थाओं आदि को लेकर टेंट हाउस के लिए भी 40 लाख से अधिक का खर्च आया है।
कैमरे के प्रतिदिन 1900
पंचायत चुनाव में स्ट्रांग रूम के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनके लिए प्रतिदिन 1900 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि मतदान के दिन और मतगणना के लिए भी कैमरे लगवाए गए थे। इनके लिए 1300 रुपये प्रतिदिन से लेकर 650 रुपये प्रतिदिन तक का भुगतान दिया गया।
पंचायत चुनाव होती है प्राथमिकता
उप जिला निर्वाचन अधिकारी विद्याशंकर सिंह से चुनाव खर्च पर बात करने पर उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव को सकुशल निपटाने के लिए व्यवस्थाएं करनी होती हैं। चुनाव आयोग के मैनुअल के आधार पर ही सभी भुगतान किए जाते हैं।