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Bahraich News: 4.36 लाख उज्ज्वला लाभार्थियों को 45 दिन बाद मिलेगा सिलिंडर
Sun, 15 Mar 2026 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 15 Mar 2026 01:13 AM IST
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विकास भवन के पास दुकान में जांच करते जिला पूर्ति अधिकारी। -संवाद
बहराइच। जिले में रसोई गैस की किल्लत गहराने लगी है। घरेलू गैस की कम सप्लाई और कॉमर्शियल सिलिंडर पर लगी रोक के कारण परेशानी बढ़ गई है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि जिले के 4.36 लाख से अधिक उज्ज्वला गैस कनेक्शनधारकों को सिलिंडर भरवाने की तिथि से 45 दिन बाद ही दूसरा सिलिंडर मिलेगा।
जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कुल 4,36,726 लाभार्थी हैं। इनमें से बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस सिलिंडर की आपूर्ति में देरी से परेशान हैं। गैस एजेंसियों पर सिलिंडर की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन सप्लाई पर्याप्त न होने से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसका असर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक देखने को मिल रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस खत्म होने के बाद कई दिनों तक नया सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में लकड़ी-उपलों के चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है। होटल व ढाबा संचालकों को भी रसोई संचालन में दिक्कत हो रही है।
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जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी का कहना है कि उपलब्ध गैस की आपूर्ति सभी उपभोक्ताओं को संतुलित तरीके से करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
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फोन पर न बताएं ओटीपी
गैस एजेंसियों और प्रशासन ने उपभोक्ताओं को सतर्क करते हुए कहा है कि गैस बुकिंग या सब्सिडी के नाम पर किसी को भी फोन पर ओटीपी न बताएं। साइबर ठग इन दिनों लोगों को कॉल कर ओटीपी मांग रहे हैं। वहीं कुछ हॉकर भी गैस की ब्लैक मार्केटिंग के लिए उपभोक्ताओं को डिलिवरी से पहले ओटीपी बताने को कह रहे हैं। ऐसे में गैस घर पर पहुंचने के बाद ही हॉकर को ओटीपी बताएं।
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लकड़ी-कोयले के बढ़े दाम, होटलों ने भट्ठी का लिया सहारा
कॉमर्शियल गैस की किल्लत के कारण कई होटल और ढाबा संचालकों ने अब लकड़ी और कोयले की भट्ठियों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। बाजार में जलौनी लकड़ी 15 रुपये प्रति किलो और कोयला 40 से 45 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
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कई होटलों ने बदला मेन्यू
गैस की कमी का असर होटल और रेस्टोरेंट के मेन्यू पर भी पड़ने लगा है। कई होटल संचालकों ने बताया कि गैस की उपलब्धता कम होने के कारण कुछ व्यंजन अस्थायी रूप से बंद करने पड़े हैं। होटल संचालक रामनिवास और शकील अहमद का कहना है कि गैस की कमी के कारण सीमित व्यंजन ही तैयार किए जा रहे हैं।
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जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कुल 4,36,726 लाभार्थी हैं। इनमें से बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस सिलिंडर की आपूर्ति में देरी से परेशान हैं। गैस एजेंसियों पर सिलिंडर की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन सप्लाई पर्याप्त न होने से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसका असर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक देखने को मिल रहा है।
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उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस खत्म होने के बाद कई दिनों तक नया सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में लकड़ी-उपलों के चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है। होटल व ढाबा संचालकों को भी रसोई संचालन में दिक्कत हो रही है।
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जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी का कहना है कि उपलब्ध गैस की आपूर्ति सभी उपभोक्ताओं को संतुलित तरीके से करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
फोन पर न बताएं ओटीपी
गैस एजेंसियों और प्रशासन ने उपभोक्ताओं को सतर्क करते हुए कहा है कि गैस बुकिंग या सब्सिडी के नाम पर किसी को भी फोन पर ओटीपी न बताएं। साइबर ठग इन दिनों लोगों को कॉल कर ओटीपी मांग रहे हैं। वहीं कुछ हॉकर भी गैस की ब्लैक मार्केटिंग के लिए उपभोक्ताओं को डिलिवरी से पहले ओटीपी बताने को कह रहे हैं। ऐसे में गैस घर पर पहुंचने के बाद ही हॉकर को ओटीपी बताएं।
लकड़ी-कोयले के बढ़े दाम, होटलों ने भट्ठी का लिया सहारा
कॉमर्शियल गैस की किल्लत के कारण कई होटल और ढाबा संचालकों ने अब लकड़ी और कोयले की भट्ठियों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। बाजार में जलौनी लकड़ी 15 रुपये प्रति किलो और कोयला 40 से 45 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
कई होटलों ने बदला मेन्यू
गैस की कमी का असर होटल और रेस्टोरेंट के मेन्यू पर भी पड़ने लगा है। कई होटल संचालकों ने बताया कि गैस की उपलब्धता कम होने के कारण कुछ व्यंजन अस्थायी रूप से बंद करने पड़े हैं। होटल संचालक रामनिवास और शकील अहमद का कहना है कि गैस की कमी के कारण सीमित व्यंजन ही तैयार किए जा रहे हैं।