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शहर को जाम के झाम से मिलेगा निजात
Updated Wed, 25 Jul 2018 10:48 PM IST
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बहराइच। जाम की समस्या खत्म करने के लिए शहर के मध्य से गुजरने वाले राजमार्गों को बाईपास के माध्यम से शहर के बाहर जोड़ा जाएगा।
ऐसे में गोंडा, बलरामपुर, लखनऊ और बरेली की ओर से आने वाले वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। शहर के बाहर जुड़ने वाले लिंक बाईपास मार्ग से गंतव्य को रवाना हो जाएंगे।
इससे शहरवासियों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इस मामले में प्रदेश सरकार की बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दे दी है। शासन की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र भेजा गया है।
बौद्ध परिपथ शहर के मध्य से होकर गुजरता है। इस कारण लखनऊ, गोंडा, बलरामपुर की ओर से आने-जाने वाले वाहन शहर के बीच से होकर निकले राजमार्ग से गुजरते हैं।
इससे आए दिन शहर के डिगिहा तिराहा, अस्पताल चौराहा, सिविल लाइंस, पानी टंकी चौराहा, जेलरोड, कलेक्ट्रेट के पास जाम की समस्या उत्पन्न होती है।
नेपाल, बरेली और लखीमपुर की ओर से आने वाले वाहन भी शहर में प्रवेश करते हैं, जिससे घंटो जाम लगता है। इस समस्या को देखते हुए बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने प्रस्ताव तैयार किया है।
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मंत्री बोलीं, बरसात बाद शुरू होगा सर्वे
राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने बताया कि प्रस्ताव की फाइल पर मुख्यमंत्री की मुहर लग गई है। शासन की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र लिखा गया है।
बरसात के बाद सर्वे का कार्य शुरू होगा। शहर की सड़कों को आपस में बाहर-बाहर जोड़ने और बाईपास बनाने पर लगभग 1150 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। सर्वे कार्य के बाद निर्माण की कवायद शुरू होगी।
चित्तौरा के निकट से बाईपास का प्रस्ताव
राज्यमंत्री ने कहा कि सबसे अधिक दिक्कत गोंडा, बलरामपुर व लखनऊ की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को होती है। बौद्ध परिपथ शहर के मध्य से गुजरने के कारण जाम की समस्या होती है।
दुर्घटनाओं का भी ग्राफ बढ़ा है। इस समस्य से निजात के लिए चित्तौरा के पास से बाईपास बनाकर आसाम रोड, गोंडा-बहराइच मार्ग व बहराइच-बलरामपुर मार्ग को आपस में जोड़ने का प्रस्ताव है।
शहर के पश्चिमी हिस्से में टिकोरामोड़ से रामगांव क्षेत्र में बाईपास निर्माण पर पहले से ही एनएच के अधिकारी कार्य कर रहे हैं। इस मार्ग को शहर के अन्य मार्गों से जोड़ने का प्रस्ताव किया गया है।
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ऐसे में गोंडा, बलरामपुर, लखनऊ और बरेली की ओर से आने वाले वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। शहर के बाहर जुड़ने वाले लिंक बाईपास मार्ग से गंतव्य को रवाना हो जाएंगे।
इससे शहरवासियों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इस मामले में प्रदेश सरकार की बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दे दी है। शासन की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र भेजा गया है।
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बौद्ध परिपथ शहर के मध्य से होकर गुजरता है। इस कारण लखनऊ, गोंडा, बलरामपुर की ओर से आने-जाने वाले वाहन शहर के बीच से होकर निकले राजमार्ग से गुजरते हैं।
इससे आए दिन शहर के डिगिहा तिराहा, अस्पताल चौराहा, सिविल लाइंस, पानी टंकी चौराहा, जेलरोड, कलेक्ट्रेट के पास जाम की समस्या उत्पन्न होती है।
नेपाल, बरेली और लखीमपुर की ओर से आने वाले वाहन भी शहर में प्रवेश करते हैं, जिससे घंटो जाम लगता है। इस समस्या को देखते हुए बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने प्रस्ताव तैयार किया है।
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मंत्री बोलीं, बरसात बाद शुरू होगा सर्वे
राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने बताया कि प्रस्ताव की फाइल पर मुख्यमंत्री की मुहर लग गई है। शासन की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र लिखा गया है।
बरसात के बाद सर्वे का कार्य शुरू होगा। शहर की सड़कों को आपस में बाहर-बाहर जोड़ने और बाईपास बनाने पर लगभग 1150 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। सर्वे कार्य के बाद निर्माण की कवायद शुरू होगी।
चित्तौरा के निकट से बाईपास का प्रस्ताव
राज्यमंत्री ने कहा कि सबसे अधिक दिक्कत गोंडा, बलरामपुर व लखनऊ की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को होती है। बौद्ध परिपथ शहर के मध्य से गुजरने के कारण जाम की समस्या होती है।
दुर्घटनाओं का भी ग्राफ बढ़ा है। इस समस्य से निजात के लिए चित्तौरा के पास से बाईपास बनाकर आसाम रोड, गोंडा-बहराइच मार्ग व बहराइच-बलरामपुर मार्ग को आपस में जोड़ने का प्रस्ताव है।
शहर के पश्चिमी हिस्से में टिकोरामोड़ से रामगांव क्षेत्र में बाईपास निर्माण पर पहले से ही एनएच के अधिकारी कार्य कर रहे हैं। इस मार्ग को शहर के अन्य मार्गों से जोड़ने का प्रस्ताव किया गया है।