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तराई की नदियों में 293 डॉल्फिन कर रहीं अठखेलियां

Sat, 10 Oct 2015 09:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Sat, 10 Oct 2015 09:27 PM IST
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बहराइच। पर्यावरण और जलीय जीवों के प्रेमियों के लिए बहुत ही सुखद खबर है। तराई की नदियों में अठखेलियां करने वाली डॉल्फिनों का कुनबा बढ़ गया है। तीन साल में इनकी संख्या 69 से बढ़कर 293 पहुंच गई है।
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अब इनकी उछलकूद देखने के लिए पर्यटकों को बहुत देर तक इंतजार नहीं करना होगा और न ही बहुत दूर जाने की जरूरत है क्योंकि कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में ये सब आसानी से मुमकिन है। ये डॉल्फिन कतर्निया की छटा को और भी मनोरम बना रही हैं।
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कतर्नियाघाट सेंक्चुरी वन क्षेत्र से बहने वाली गेरुआ और कौड़ियाला नदियां डॉल्फिन का कुनबा बढ़ाने में सहायक मानी जाती हैं। लेकिन, अब घाघरा नदी का पानी भी डॉल्फिन को रास आने लगा है।
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तीन साल बाद प्रदेश सरकार ने डॉल्फिन की गणना को हरी झंडी दी थी। इसके तहत पांच से आठ अक्तूबर तक वन विभाग, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, टीएसए, कतर्नियाघाट वेलफेयर सोसाइटी समेत अन्य संस्थाओं के विशेषज्ञों की टीम ने नदियों को खंगाला।

चार दिन की गणना के दौरान नेपाल से सटे गेरुआ नदी में कोठियाघाट से चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज और कौड़ियाला नदी में शारदा नदी की सीमा तक एक टीम ने सर्वेक्षण किया।

इस परिक्षेत्र में 75 डॉल्फिन की उछलकूद रिकॉर्ड की गई। वहीं, टर्टल सरवाइवल एलायंस के समन्वयक भास्कर दीक्षित की अगुवाई में शारदा और घाघरा के संगम से अयोध्या तक दूसरी टीम ने सर्वेक्षण कार्य किया।

इस परिक्षेत्र में 138 डॉल्फिन के मौजूदगी की पुष्टि हुई है। वहीं, तीसरी टीम ने अयोध्या से दोहरीघाट तक घाघरा को खंगाला, जिसमें 80 डॉल्फिन की उछलकूद रिकॉर्ड हुई।

कतर्नियाघाट से दोहरीघाट तक इस समय कुल 293 डॉल्फिन अठखेलियां कर रही हैं, जिससे लग रहा है कि डॉल्फिन का कुनबा तराई की नदियों में तेजी से बढ़ा है।

डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि गणना के जो परिणाम आए हैं। काफी सुखद है। डॉल्फिन पर आधे दशक पहले संकट मंडरा रहा था लेकिन अब उसकी सुरक्षा और संरक्षा के प्रति जागरूक करने से संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है।

2012 में थी महज 69 डॉल्फिन

डीएफओ आशीष तिवारी और कतर्नियाघाट वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारी आबिद रजा ने बताया कि वर्ष 2012 की गणना में कतर्नियाघाट से बहने वाली नेपाल की गेरुआ और कौड़ियाला नदी में 69 डॉल्फिन के मौजूदगी की पुष्टि हुई थी। इस बार की गणना में डॉल्फिन की संख्या में चार गुना इजाफा हुआ है।

पूरे प्रदेश में मिली 1263 डॉल्फिन

टर्टल सरवाइवल एलायंस के समन्वयक भास्कर दीक्षित ने बताया कि उनकी टीम ने सर्वाधिक 200 किलोमीटर की यात्रा कर घाघरा नदी को खंगाला, जिसमें शारदा, घाघरा के संगम से अयोध्या तक 138 डॉल्फिन मिली। उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथि में पूरे प्रदेश में डॉल्फिन की गणना करवाई गई थी। प्रदेश की सभी नदियों में कुल 1263 डॉल्फिन की मौजूदगी पाई गई है, जबकि वर्ष 2012 में यह संख्या महज 671 थी।


संरक्षण को बनेगा डॉल्फिन नेटवर्क

कतर्नियाघाट वेलफेयर सोसाइटी के आबिद रजा ने बताया कि डॉल्फिन की गणना से सरकार भी उत्साहित है। गणना के जो परिणाम आए हैं। इसके बाद प्रदेश स्तर पर यह तय हुआ कि डॉल्फिन के संरक्षण को डॉल्फिन नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसमें सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के साथ ही मीडिया को भी शामिल किया जाएगा।

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