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घर व प्रतिष्ठानों में आज होगा महालक्ष्मी का स्वागत
Updated Wed, 18 Oct 2017 10:18 PM IST
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बहराइच। दीपावली के अवसर पर चारो तरफ हर्षोल्लास का माहौल है। पंच पर्व की पूर्व संध्या पर बुधवार शाम को शहर रोशनी से जगमगा उठा। विद्युत झालरों से भवन, प्रतिष्ठान जगमगाते दिखे। शहर में अलग ही रौनक नजर आयी। वहीं गांव और कस्बे भी दिये और झालरों से जगमग नजर आए। हर कोई दीपावली के उल्लास में दिखा। महालक्ष्मी के स्वागत के लिए रंगोली, बंधनवार और विद्युत झालराें से लोगों ने घर और दुकानों को दुल्हन की तरह सजाया है। सभी को इंतजार है भोर होने का। इसके साथ ही पूजन-अर्चन के लिए बाजार में बुधवार को गणेश व लक्ष्मी की प्रतिमाओं की खरीदारी भी जमकर हुई।
दीपोत्सव पर्व गुरुवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए लोग उल्लासित हैं। बच्चे, बूढ़े और युवा सभी अपने-अपने अंदाज में उत्साहित हैं। दीपावली पर्व पर महालक्ष्मी के स्वागत के लिए घर व प्रतिष्ठानों में बुधवार को पूरे दिन तैयारियां होती रहीं। रंगोली बनाई गई। लोगों ने बंदनवार और विद्युत झालरों से घर और प्रतिष्ठान को दुल्हन की तरह सजाया है। परंपरागत तरीके से महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने के लिए बाजार में गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा की खरीदारी जोरों पर हुई। लोगों ने मनमाफिक प्रतिमाओं की खरीदारी की। इसके अलावा पूजन में प्रयुक्त होने वाले खील, बताशे, मिठाइयों की खरीदारी का बाजार भी गर्म रहा। शाम होते ही घर व प्रतिष्ठान विद्युत झालरों से जगमगा उठे। सभी को इंतजार है सुबह होने का। सुबह होते ही महालक्ष्मी के आह्वान के लिए घर और प्रतिष्ठानों में परंपरागत तरीके से पूजन-अर्चन मुहूर्त के मुताबिक शुरू होगा।
लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त
पयागपुर निवासी पंडित शिवकुमार शास्त्री और इमलियागंज निवासी पंडित इंदुभूषण ने बताया कि
अमावस्या तिथि 18 अक्तूबर को रात्रि 12:10 बजे लगेगी यह 19 अक्तूबर को रात 12:32 बजे तक रहेगी। दीपावली पूजन में अमावस्या तिथि, प्रदोष निशीथ और महानिशीथ काल का विशेष महत्व होता है। ऐसे में दीपावली के दिन शाम 05:38 बजे से 08:14 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। इस बीच शाम 07:05 बजे से रात 9 बजे तक वृष लग्न में पूजा करना विशेष शुभप्रद माना जा रहा है। इसके साथ ही निशीथ काल और महानिशीथ काल में भी पूजा का शुभ समय है। उन्हाेंने बताया कि दीपावली के मौके पर सुबह 07:18 बजे तक हस्त नक्षत्र एवं इसके बाद चित्रा नक्षत्र लगेगा। शाम 05:40 बजे से 07:18 बजे तक अमृत की चौघड़िया रहने से इस योग में दीपदान, महालक्ष्मी, गणेश कुबेर पूजन, बहीखाता पूजन शुभ रहेगा।
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महाकाली की पूजा का यह है समय
पंडित शिव कुमार शास्त्री ने बताया कि दीपावली का पर्व मंत्रों की सिद्धि का पर्व भी है। महाकाली की आराधना कर तंत्र साधक मंत्रों की सिद्धि कर सकते हैं। इसके लिए रात 12:00 बजे से 12:32 बजे तक शुभ समय है।
चौक लगाकर जलाएं दीपक
दीपावली के मौके पर शाम को शुभ मुहूर्त में दीप जलाने से पहले सुहागिन गृहणी या बालिका को पूजा स्थल पर हल्दी व चूना से चौक बनाना होगा। इसके बाद घी का दीपक जलाएं तो महालक्ष्मी घर में विराजमान रहेंगी।
मंत्री व अधिकारियों ने दी दीपावली की बधाई
प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, प्रदेश की बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल ने दीपों के पर्व दीपावली पर बहराइच और श्रावस्ती के जनपदवासियों को हार्दिक बधाई दी है। उधर डीएम अजयदीप सिंह, एसपी जुगुलकिशोर, एडीएम संतोष कुमार, एएसपी कमलेश दीक्षित, रवींद्र कुमार सिंह, सीडीओ राकेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट पीके सिंह ने दीपावली पर्व पर जिले में अमन चैन कायम रखने की अपील करते हुए पर्व की बधाइयां जनपदवासियों को दी है।
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दीपोत्सव पर्व गुरुवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए लोग उल्लासित हैं। बच्चे, बूढ़े और युवा सभी अपने-अपने अंदाज में उत्साहित हैं। दीपावली पर्व पर महालक्ष्मी के स्वागत के लिए घर व प्रतिष्ठानों में बुधवार को पूरे दिन तैयारियां होती रहीं। रंगोली बनाई गई। लोगों ने बंदनवार और विद्युत झालरों से घर और प्रतिष्ठान को दुल्हन की तरह सजाया है। परंपरागत तरीके से महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने के लिए बाजार में गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा की खरीदारी जोरों पर हुई। लोगों ने मनमाफिक प्रतिमाओं की खरीदारी की। इसके अलावा पूजन में प्रयुक्त होने वाले खील, बताशे, मिठाइयों की खरीदारी का बाजार भी गर्म रहा। शाम होते ही घर व प्रतिष्ठान विद्युत झालरों से जगमगा उठे। सभी को इंतजार है सुबह होने का। सुबह होते ही महालक्ष्मी के आह्वान के लिए घर और प्रतिष्ठानों में परंपरागत तरीके से पूजन-अर्चन मुहूर्त के मुताबिक शुरू होगा।
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लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त
पयागपुर निवासी पंडित शिवकुमार शास्त्री और इमलियागंज निवासी पंडित इंदुभूषण ने बताया कि
अमावस्या तिथि 18 अक्तूबर को रात्रि 12:10 बजे लगेगी यह 19 अक्तूबर को रात 12:32 बजे तक रहेगी। दीपावली पूजन में अमावस्या तिथि, प्रदोष निशीथ और महानिशीथ काल का विशेष महत्व होता है। ऐसे में दीपावली के दिन शाम 05:38 बजे से 08:14 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। इस बीच शाम 07:05 बजे से रात 9 बजे तक वृष लग्न में पूजा करना विशेष शुभप्रद माना जा रहा है। इसके साथ ही निशीथ काल और महानिशीथ काल में भी पूजा का शुभ समय है। उन्हाेंने बताया कि दीपावली के मौके पर सुबह 07:18 बजे तक हस्त नक्षत्र एवं इसके बाद चित्रा नक्षत्र लगेगा। शाम 05:40 बजे से 07:18 बजे तक अमृत की चौघड़िया रहने से इस योग में दीपदान, महालक्ष्मी, गणेश कुबेर पूजन, बहीखाता पूजन शुभ रहेगा।
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महाकाली की पूजा का यह है समय
पंडित शिव कुमार शास्त्री ने बताया कि दीपावली का पर्व मंत्रों की सिद्धि का पर्व भी है। महाकाली की आराधना कर तंत्र साधक मंत्रों की सिद्धि कर सकते हैं। इसके लिए रात 12:00 बजे से 12:32 बजे तक शुभ समय है।
चौक लगाकर जलाएं दीपक
दीपावली के मौके पर शाम को शुभ मुहूर्त में दीप जलाने से पहले सुहागिन गृहणी या बालिका को पूजा स्थल पर हल्दी व चूना से चौक बनाना होगा। इसके बाद घी का दीपक जलाएं तो महालक्ष्मी घर में विराजमान रहेंगी।
मंत्री व अधिकारियों ने दी दीपावली की बधाई
प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, प्रदेश की बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल ने दीपों के पर्व दीपावली पर बहराइच और श्रावस्ती के जनपदवासियों को हार्दिक बधाई दी है। उधर डीएम अजयदीप सिंह, एसपी जुगुलकिशोर, एडीएम संतोष कुमार, एएसपी कमलेश दीक्षित, रवींद्र कुमार सिंह, सीडीओ राकेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट पीके सिंह ने दीपावली पर्व पर जिले में अमन चैन कायम रखने की अपील करते हुए पर्व की बधाइयां जनपदवासियों को दी है।