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विवाह पंजीकरण की अनिवार्यता से बाल विवाह पर लगेगा अंकुश

Tue, 13 Jun 2017 09:32 PM IST
Updated Tue, 13 Jun 2017 09:32 PM IST
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विवाह पंजीकरण की अनिवार्यता से बाल विवाह पर लगेगा अंकुश
विवाह पंजीकरण की अनिवार्यता से बाल विवाह पर लगेगी रोक
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जिले में प्रति वर्ष 23 हजार होती हैं पारंपरिक शादियां
पंजीकरण कराने से पीछे हटते हैं लोग, डेढ़ साल में हुए 27 पंजीकरण
बहराइच। सरकार विवाह का पंजीकरण अनिवार्य करेगी। इससे बाल विवाह पर अंकुश जरूर लगेगा। लेकिन तराई के लोग पारंपरिक शादी पर अधिक विश्वास करते हैं। साल भर में लगभग 23 हजार युवक-युवतियां परिणय सूत्र में बंधे, लेकिन विवाह पंजीकरण के लिए महज 27 जोडे़ ही रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पंजीकरण के प्रति कितनी जागरूकता है। हालांकि अनिवार्यता के बाद पंजीकरण में तेजी आएगी।
प्रदेश सरकार अब नई कवायद के तहत विवाह का पंजीकरण अनिवार्य करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए महिला कल्याण विभाग नियमावली बनाने में जुटा है। बिना विवाह पंजीकरण के अब लोगोें को सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ेगा। गौरतलब हो कि जिले में प्रतिवर्ष औसतन 23 हजार युवक-युवतियां परिणय सूत्र में बंधते हैं। लेकिन विवाह पंजीकरण के लिए बीते डेढ़ वर्ष में महज 27 जोड़े ही आगे आए हैं, जिन्होंने पंजीकरण करवाया है। अन्य मामलों में अग्नि के सात फेरों और निकाहनामे के परंपरा के बीच शादियां होती हैं। टेंट हाउस व्यवसायी रूपेश जायसवाल का कहना है कि शहर में 35 टेंट हाउस और 30 मैरिज लान हैं। लगभग 70 दिन की सहालग इस बार चली है। प्रतिदिन बुकिंग रही है। ऐसे में सिर्फ शहर में ही शादियों का आंकड़ा तीन हजार के पार रहा है। इसके अलावा ग्रामीण अंचलों में 10 गुना टेंट हाउस स्थित है। जिसके तहत लगभग 23 हजार शादियां हुई हैं।
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इंसेट
लिखा-पढ़ी के पचड़े से बचते हैं लोग
पंजीकरण करवाने में लिखा-पढ़ी अधिक होती है। ऐसे में लोग पचड़े में नहीं पड़ना चाहते। यह कहना है रिटायर्ड सीएमएस डॉ. माहेश्वरी पांडेय का। उन्होंने कहा कि पंजीकरण की अनिवार्यता से बाल विवाह पर पूरी तरह अंकुश लगेगा। समाजसेवी रामबच्चा चौधरी का कहना है कि विवाह का पंजीकरण अनिवार्य होने से बाल विवाह पर रोक लगेगी। हालांकि नए जोड़ों को पंजीकरण कराने के लिए दौड़-भाग जरूर करनी पड़ेगी।
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इंसेट
आए लगभग 900 लोग, लेकिन पंजीकरण एक का भी नहीं
आर्य समाज के प्रधान रमेंद्र देव सिंह का कहना है कि वर्ष 2016 से अब तक लगभग 900 लोग पंजीकरण कराने के लिए कार्यालय आए। लेकिन जब उनसे शपथ पत्र गवाही और फोटोग्राफ मांगे गए तो सभी पीछे हट गए। इसके चलते डेढ़ वर्ष में आर्य समाज कार्यालय में एक भी विवाह पंजीकरण नहीं हुआ है।

कोट
सिर्फ पासपोर्ट या अन्य कार्यों की जरूरत पर करवाते पंजीकरण
बीते डेढ़ वर्षों में लगभग 27 पंजीकरण हुए हैं। अब तक लोग पासपोर्ट बनवाने या अन्य सरकारी दस्तावेजों में पंजीकरण नंबर दर्ज कराने के लिए आगे आते हैं। लेकिन अनिवार्यता के बाद तेजी आएगी। हालांकि इस तरह का अभी कोई आदेश नहीं मिला है।

जगदंबा शुक्ला, उप निबंधन रजिस्ट्रार



इंसेट
500 रुपये जमा कराकर करवा सकते पंजीकरण
विवाह पंजीकरण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था है। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उसकी हार्ड कॉपी निकालकर कलेक्ट्रेट स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचना होता है। यहां पर 500 रुपये जमा कर पंजीकरण की कार्रवाई पूरी होती है। प्रक्रिया में लगभग 30 दिन का समय लगता है।
महेंद्र पाल श्रीवास्तव, अध्यक्ष बार एसोसिएशन
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