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तराई का पारा 38 डिग्री पहुंचा, गर्म पछुआ से झुलसन का एहसास
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बहराइच। तराई में रविवार को तापमान 38 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली गर्म पछुआ हवा ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई। सूरज की तपिश से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। भीषण गर्मी के कारण लोगों को झुलसन का एहसास होता रहा। दोपहर में गर्मी व तपिश से सार्वजनिक स्थानों पर सन्नाटा दिखा।
तराई में गर्मी में कमी नहीं आ रही है। रविवार सुबह 8 बजे से चिलचिलाती धूप का लोगों ने सामना किया। दोपहर होते होते सूरज की तपिश से लोग बेहाल हुए। गर्म पछुआ हवा ने घर से निकले लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी। सूरज की तपिश से घर से बाहर कदम रखने वालों को झुलसन का एहसास हुआ।
मौसम की प्रतिकूलता के कारण शहर, गांव और कस्बों में भी लोग घर से बाहर निकलने के लिए बचते रहे। जो कामकाजी लोग बाहर निकले भी उन्हें सूरज की चिलचिलाती किरणों का सामना करना पड़ा। नरेंद्रदेव कृषि अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के विशेषज्ञ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को तराई का पारा फिर 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
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न्यूनतम तापमान भी 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने कहा कि गर्म पछुआ हवा के कारण लोगों को परेशानी हुई है। अभी उमस और गर्मी कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। तापमान में और इजाफा होने के संकेत मिल रहे हैं। आगामी तीन दिन तक तापमान 41 से 43 डिग्री के बीच रहने के संकेत हैं।
15 दिन पर करें खेतों की सिंचाई
वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण खेतों में खड़ी मेंथा, गन्ना, भिंडी, लौकी कद्दू और सूरजमुखी की फसलों की पैदावार प्रभावित न हो, इसके लिए 15 दिन के अंतराल पर किसानों को खेतों की सिंचाई करनी होगी। जिससे बेहतर उत्पादन हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि सिंचाई में कोताही बरतने पर दिक्कत हो सकती है।
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तराई में गर्मी में कमी नहीं आ रही है। रविवार सुबह 8 बजे से चिलचिलाती धूप का लोगों ने सामना किया। दोपहर होते होते सूरज की तपिश से लोग बेहाल हुए। गर्म पछुआ हवा ने घर से निकले लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी। सूरज की तपिश से घर से बाहर कदम रखने वालों को झुलसन का एहसास हुआ।
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मौसम की प्रतिकूलता के कारण शहर, गांव और कस्बों में भी लोग घर से बाहर निकलने के लिए बचते रहे। जो कामकाजी लोग बाहर निकले भी उन्हें सूरज की चिलचिलाती किरणों का सामना करना पड़ा। नरेंद्रदेव कृषि अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के विशेषज्ञ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को तराई का पारा फिर 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
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न्यूनतम तापमान भी 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने कहा कि गर्म पछुआ हवा के कारण लोगों को परेशानी हुई है। अभी उमस और गर्मी कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। तापमान में और इजाफा होने के संकेत मिल रहे हैं। आगामी तीन दिन तक तापमान 41 से 43 डिग्री के बीच रहने के संकेत हैं।
15 दिन पर करें खेतों की सिंचाई
वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण खेतों में खड़ी मेंथा, गन्ना, भिंडी, लौकी कद्दू और सूरजमुखी की फसलों की पैदावार प्रभावित न हो, इसके लिए 15 दिन के अंतराल पर किसानों को खेतों की सिंचाई करनी होगी। जिससे बेहतर उत्पादन हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि सिंचाई में कोताही बरतने पर दिक्कत हो सकती है।