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नेपाली हाथियों का नहीं थम रहा उत्पात, मशाल जलाकर जग रहे ग्रामीण
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बिछिया (बहराइच)। नेपाल से आया हाथियों का झुंड निशानगाड़ा रेंज में लोहरा और आजमगढ़पुरवा गांव के आसपास तीन दिनों से घूम रहा है। हाथियों का झुंड गांव के निकट लगी गन्ने की फसल तहस-नहस कर चुका है। इससे परेशान ग्रामीण मशाल जलाकर रतजगा करने को मजबूर हैं। मंगलवार को डीएफओ ने टीम के साथ गांव पहुंचकर हाथियों के उत्पात की स्थिति देखी। प्रभावित किसानों से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही मुआवजा दिलाने का भी आश्वासन दिया।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के निशानगाड़ा रेंज में नेपाल से आए जंगली हाथियों का उत्पात थम नहीं रहा है। रेंज में जंगल से सटे लोहरा और आजमगढ़पुरवा गांव के आसपास तीन दिन से हाथी रात में धावा बोलकर फसलों को तहस-नहस कर रहे हैं। अब तक 95 बीघा फसल बर्बाद हो चुकी है। वन विभाग की ओर से 20 सदस्यीय टीम भी गठित की गई है, लेकिन रविवार की रात फिर हाथियों का झुंड लोहरा गांव के निकट गन्ने के खेतों में पहुंचकर चिंघाड़ता रहा।
हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों की नींद भी हराम है। लोहरा और आजमगढ़पुरवा गांव के लोग पूरी रात मशाल जलाकर ढोल पीटते हुए हांका लगाकर रतजगा कर रहे हैं। हाथियों के उत्पात की सूचना पाकर मंगलवार को सुबह प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह टीम के साथ आजमगढ़पुरवा गांव पहुंचे। उन्होंने लोगों से मुलाकात कर हाथियों के उत्पात में बर्बाद हुई फसल का मुआयना किया।
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डीएफओ ने ग्रामीणों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। कहा कि 20 सदस्यीय टीम निरंतर गश्त कर रही है। शीघ्र ही हाथियों का मूवमेंट बदलेगा। इस मौके पर वन रक्षक कबीरुल हसन, सुजौली व निशानगाड़ा रेंज के अन्य वनकर्मी मौजूद रहे।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के निशानगाड़ा रेंज में नेपाल से आए जंगली हाथियों का उत्पात थम नहीं रहा है। रेंज में जंगल से सटे लोहरा और आजमगढ़पुरवा गांव के आसपास तीन दिन से हाथी रात में धावा बोलकर फसलों को तहस-नहस कर रहे हैं। अब तक 95 बीघा फसल बर्बाद हो चुकी है। वन विभाग की ओर से 20 सदस्यीय टीम भी गठित की गई है, लेकिन रविवार की रात फिर हाथियों का झुंड लोहरा गांव के निकट गन्ने के खेतों में पहुंचकर चिंघाड़ता रहा।
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हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों की नींद भी हराम है। लोहरा और आजमगढ़पुरवा गांव के लोग पूरी रात मशाल जलाकर ढोल पीटते हुए हांका लगाकर रतजगा कर रहे हैं। हाथियों के उत्पात की सूचना पाकर मंगलवार को सुबह प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह टीम के साथ आजमगढ़पुरवा गांव पहुंचे। उन्होंने लोगों से मुलाकात कर हाथियों के उत्पात में बर्बाद हुई फसल का मुआयना किया।
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डीएफओ ने ग्रामीणों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। कहा कि 20 सदस्यीय टीम निरंतर गश्त कर रही है। शीघ्र ही हाथियों का मूवमेंट बदलेगा। इस मौके पर वन रक्षक कबीरुल हसन, सुजौली व निशानगाड़ा रेंज के अन्य वनकर्मी मौजूद रहे।