{"_id":"5d07c3dc8ebc3e688906ead6","slug":"156078996719-bahraich-news14","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीसरी चौथी पर रात भर जियारत को उमड़ते रहे जायरीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीसरी चौथी पर रात भर जियारत को उमड़ते रहे जायरीन
विज्ञापन
बहराइच। सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर रविवार को तीसरी चौथी पर रातभर जियारत का सिलसिला चला। जायरीन ने गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए कव्वाली पेश की और निशान चढ़ाए। भोर होते ही जायरीन जत्थों में घरों को लौटने लगे, जिससे ट्रेन और बसों में भीड़ अधिक रही। मेला परिसर में दुकानों पर जमकर खरीदारी हुई।
सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर रविवार को तीसरी चौथी पर जियारत के लिए विभिन्न प्रांतों के जायरीन का रेला उमड़ा। जंजीरी गेट चूमते हुए नाल दरवाजा होकर अकीदतमंदों ने मजार शरीफ पर पहुंचकर हाजिरी लगाई। गाजी की शान में कसीदे व कव्वाली पढ़ते हुए अकीदतमंदों ने चादरपोशी कर मन्नत मांगी। मेला परिसर में स्थापित दुकानों पर जमकर खरीदारी भी हुई।
पूरी रात मेला में चहल पहल रही। भोर होते ही जायरीन जत्थों में घरों को लौटने लगे, जिसके चलते रेलवे स्टेशन व परिवहन निगम के बस अड्डे पर भीड़ रही। बसों व ट्रेन से जायरीन घरों को लौटे, जिससे काफी भीड़ होने से लोगों को यात्रा करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। जायरीन के घर लौटने के चलते शहर की सड़कों पर भी रेला नजर आया।
विज्ञापन
लोगों को आवागमन में भी दिक्कतें हुईं। अब जेठ मेले की अंतिम चौथी परंपरागत तरीके से अगले रविवार को होगी। माह भर के मेले की इस चौथी के लिए मेला प्रशासन ने अभी से व्यवस्थाएं शुरू करी दी हैं। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद ने कहा कि अंतिम चौथी में जायरीन का सैलाब अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक रहता है।
विज्ञापन
सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर रविवार को तीसरी चौथी पर जियारत के लिए विभिन्न प्रांतों के जायरीन का रेला उमड़ा। जंजीरी गेट चूमते हुए नाल दरवाजा होकर अकीदतमंदों ने मजार शरीफ पर पहुंचकर हाजिरी लगाई। गाजी की शान में कसीदे व कव्वाली पढ़ते हुए अकीदतमंदों ने चादरपोशी कर मन्नत मांगी। मेला परिसर में स्थापित दुकानों पर जमकर खरीदारी भी हुई।
विज्ञापन
पूरी रात मेला में चहल पहल रही। भोर होते ही जायरीन जत्थों में घरों को लौटने लगे, जिसके चलते रेलवे स्टेशन व परिवहन निगम के बस अड्डे पर भीड़ रही। बसों व ट्रेन से जायरीन घरों को लौटे, जिससे काफी भीड़ होने से लोगों को यात्रा करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। जायरीन के घर लौटने के चलते शहर की सड़कों पर भी रेला नजर आया।
विज्ञापन
लोगों को आवागमन में भी दिक्कतें हुईं। अब जेठ मेले की अंतिम चौथी परंपरागत तरीके से अगले रविवार को होगी। माह भर के मेले की इस चौथी के लिए मेला प्रशासन ने अभी से व्यवस्थाएं शुरू करी दी हैं। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद ने कहा कि अंतिम चौथी में जायरीन का सैलाब अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक रहता है।