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42 गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए नानपारा में बनेंगी सात चौकियां
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नानपारा (बहराइच)। क्षेत्र के 42 गांवों को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए नानपारा तहसील प्रशासन ने भी तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। बाढ़ से बचाव के लिए सात बाढ़ चौकियां बनायी गयी हैं। वहीं, पांच बाढ़ राहत शरणालय की व्यवस्था की गयी है। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सात राहत केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।
तहसील नानपारा के उप जिलाधिकारी डॉ. संतोष उपाध्याय ने बताया कि नानपारा तहसील क्षेत्र मेें 246 ग्राम हैं। क्षेत्र में घाघरा, राप्ती व सरयू नदी प्रतिवर्ष कहर बरपाती है, जिससे 42 गांव प्रभावित होते हैं। सरयू नदी पर ग्राम गोपिया के निकट गोपिया बैराज बना हुआ है। यहां से जल निस्तारण होता है। प्रतिवर्ष नदियों का पानी बरसात में बाढ़ के रूप में कहर बरपाता है।
ऐसे में बाढ़ से निपटने के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गयी हैं। उप जिला अधिकारी ने बताया कि बाढ़ से प्रतिवर्ष 42 ग्राम प्रभावित होते हैं। जिनमें विकासखंड बलहा में 12 ग्राम, शिवपुर में 25 ,नवाबगंज के 5 ग्राम शामिल है। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिये सात बाढ़ चौकियां तथा सात राहत केंद्र बनाए गए हैं। 82 नावों के साथ 15 गोताखोरों की व्यवस्था की गयी है। सभी बाढ़ चौकियों के प्रभारी नियुक्त कर दिये गये है। पशुओं के लिये भी जगह चिन्हित कर सूचना प्रसारण व बचाव तथा राहत कार्य के लिये ग्राम स्तरीय समिति बनाई गई है। बाढ़ शरणालयों की भी व्यवस्था कर ली गयी है।
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यहां बने बाढ़ शरणालय
उप जिलाधिकारी ने बताया कि बलहा विकास खंड में सआदत इंटर कॉलेज, मंडी समिति, तथा शिवपुर में राम दुलारे इंटर कॉलेज व पिपरिया गांव के स्कूल को बाढ़ शरणालय के लिए चिन्हित किया गया है।
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तहसील नानपारा के उप जिलाधिकारी डॉ. संतोष उपाध्याय ने बताया कि नानपारा तहसील क्षेत्र मेें 246 ग्राम हैं। क्षेत्र में घाघरा, राप्ती व सरयू नदी प्रतिवर्ष कहर बरपाती है, जिससे 42 गांव प्रभावित होते हैं। सरयू नदी पर ग्राम गोपिया के निकट गोपिया बैराज बना हुआ है। यहां से जल निस्तारण होता है। प्रतिवर्ष नदियों का पानी बरसात में बाढ़ के रूप में कहर बरपाता है।
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ऐसे में बाढ़ से निपटने के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गयी हैं। उप जिला अधिकारी ने बताया कि बाढ़ से प्रतिवर्ष 42 ग्राम प्रभावित होते हैं। जिनमें विकासखंड बलहा में 12 ग्राम, शिवपुर में 25 ,नवाबगंज के 5 ग्राम शामिल है। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिये सात बाढ़ चौकियां तथा सात राहत केंद्र बनाए गए हैं। 82 नावों के साथ 15 गोताखोरों की व्यवस्था की गयी है। सभी बाढ़ चौकियों के प्रभारी नियुक्त कर दिये गये है। पशुओं के लिये भी जगह चिन्हित कर सूचना प्रसारण व बचाव तथा राहत कार्य के लिये ग्राम स्तरीय समिति बनाई गई है। बाढ़ शरणालयों की भी व्यवस्था कर ली गयी है।
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यहां बने बाढ़ शरणालय
उप जिलाधिकारी ने बताया कि बलहा विकास खंड में सआदत इंटर कॉलेज, मंडी समिति, तथा शिवपुर में राम दुलारे इंटर कॉलेज व पिपरिया गांव के स्कूल को बाढ़ शरणालय के लिए चिन्हित किया गया है।