फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   तेज बुखार से तड़पकर चार मासूमों की सांसें थमीं

तेज बुखार से तड़पकर चार मासूमों की सांसें थमीं

Thu, 14 Sep 2017 12:19 AM IST
Updated Thu, 14 Sep 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
तेज बुखार से तड़पकर चार मासूमों की सांसें थमीं
बहराइच। तराई में फैल रहे संक्रामक रोग में तेज बुखार मासूमों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। बुधवार भोर से दोपहर तक चार मासूमों ने इलाज के दौरान तड़पकर दम तोड़ दिया। वहीं 10 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें चार मासूमों की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया है।
विज्ञापन

तराई में मौसम परिवर्तन के बीच तेज बुखार, डायरिया, निमोनिया, पीलिया व श्वांस की बीमारियां पैर पसारने लगी हैं। हरदी के सिपहिया प्यूली गांव निवासी शिवांगी (ढाई) को तेज बुखार की शिकायत होने पर परिवारीजनों ने जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया। पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में इलाज के दौरान सुबह शिवांगी ने दम तोड़ दिया। वहीं कोतवाली देहात के आगापुरवा गांव निवासी समीर (ढाई) पुत्र मुकद्दर अली तथा पयागपुर के पड़री गांव निवासी रंजीत (6) पुत्र अनिल यादव को भी तेज बुखार और उल्टी-दस्त की शिकायत पर परिवारीजनों ने जिला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन इलाज के दौरान बुधवार दोपहर में आधे-आधे घंटे के अंतराल पर दोनों मासूमों ने अंतिम सांस ली। वहीं बलरामपुर के शहर क्षेत्र निवासी अंजनी (5) पुत्री पन्नालाल को भी बुखार और उल्टी-दस्त की शिकायत पर जिला अस्पताल लाया गया। यहां अंजनी ने बुधवार को दम तोड़ा। परिवारीजन रोते-बिलखते बच्चों के शव लेकर लौट गए। वहीं बुखार, उल्टी-दस्त, निमोनिया व अन्य संक्रामक बीमारियों से पीड़ित और 10 रोगी जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इनमें मुर्तिहा निवासी शिवम (4) पुत्र ननकू, नंदिनी (10) पुत्री बदलू, रूपरानी (3) पुत्री ओमप्रकाश निवासी मल्हीपुर और नेहा (एक) पुत्री अंकित निवासी गुलामअलीपुरा को बुखार, उल्टी-दस्त के साथ श्वांस की तकलीफ थी। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल से केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया है।
विज्ञापन


भगवान भरोसे है पीआईसीयू
बहराइच। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में गंभीर रोगों से जूझ रहे बच्चों के जीवन सुरक्षा के लिए पीआईसीयू स्थापित है। लेकिन इस आईसीयू में डेढ़ माह से एयर कंडीशन खराब है। यहां पर भर्ती रोगियों के परिवारीजन हाथ से पंखा चलाते हैं। इतना ही नहीं विद्युत सप्लाई के अभाव में उपकरण व बिजली संचालन के लिए लगी बैट्रियां भी गड़बड़ हैं। कई बैट्रियां तो फटी हुई हैं। लेकिन कार्रवाई शून्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शासन को लिखा है पत्र
आईसीयू में एसी की खराबी व अन्य उपकरणों को दुरुस्त करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। फिलहाल आईसीयू के पंखे चल रहे हैं। बिजली न रहने पर जनरेटर का संचालन होता है। ऐसे में अधिक दिक्कत नहीं होती है। -पीके टंडन मुख्य चिकित्साधीक्षक जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed