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पतित पावन सरयू को जहरीला बना रहा चीनीमिल और नाले का गंदा पानी
Updated Mon, 05 Jun 2017 03:20 PM IST
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सरयू को जहरीला बना रहा चीनी मिल व नाले का गंदा पानी
बहराइच। विश्व पर्यावरण दिवस पर बहराइच को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लेने की तैयारी की गई है। लेकिन बहराइच से निकलने वाली सरयू नदी की गंदगी दूर करने के लिए कोई प्रशासनिक पहल नहीं शुरू हुई है। सरयू नदी में नानपारा और चिलवरिया चीनी मिल का गंदा पानी छोटे-छोटे नालों से होकर पहुंच रहा है। वहीं, बहराइच शहर के नालों का मुंह भी प्रशासन की ओर से सरयू की ओर मोड़ दिया गया है, जिससे सरयू का पानी जहरीला होता जा रहा है। इसके बावजूद प्रशासन नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की कोई कार्ययोजना तैयार नहीं कर सका है।
बहराइच जनपद के कतर्नियाघाट इलाके से गेरुआ और घाघरा नदी बहती है। इन नदियों के बीच से ही सरयू नदी भी नानपारा इलाके से निकली हुई है, जो रिसिया, मटेरा और बहराइच शहर से होते हुए अयोध्या तक जाती है। सरयू नदी का पानी कुछ समय पहले आचमन योग्य हुआ करता था। लेकिन नानपारा और चिलवरिया इलाके में स्थापित चीनी मिलों से निकलने वाले गंदे पानी ने सरयू के पानी को जहरीला बना दिया है। सरयू नदी में सीधे प्रवाहित होने वाले गंदे पानी के कारण जलीय जीवों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वहीं बहराइच शहर से निकलने वाले बड़े नालों का रुख भी नगर पालिका प्रशासन की ओर से सरयू नदी की ओर कर रखा गया है, जिससे गंदा पानी सीधे नदी में पहुंच रहा है। नदी की सफाई न होने के कारण जगह-जगह जलकुंभी और सेवार भी जमा हो गई है। कई स्थानों पर सरयू नदी ने नाले की शक्ल ले ली है। सरयू नदी के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन नदी की सफाई को लेकर कोई प्रभावी कार्य योजना तैयार नहीं कर सका है।
इंसेट
समाजसेवियों ने उठाया सफाई का बीड़ा
सरयू नदी की गंदगी को देखकर कुछ समाजसेवियों ने सरयू बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि सरयू नदी के तटों पर फैली गंदगी को देखकर मन काफी विचलित था। जिसे देखते हुए नदी की सफाई के लिए श्रमदान का निर्णय लिया गया है। सप्ताह में एक बार श्रमदान कर नदी की सफाई की जा रही है। समिति के महामंत्री पारसनाथ यादव ने कहा कि सरयू नदी की पानी की धारा को अविरल बनाने तक समिति की ओर से प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक नदी की सफाई के लिए प्रशासन कोई पहल नहीं कर सका है।
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इंसेट
नगर को स्वच्छ रखने में नगर पालिका कर करें सहयोग
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए सभी जनपदवासियों से अपने घरों के सामने नीली और हरी बाल्टी रखने का अनुरोध किया गया है। जिससे नगर पालिका के कर्मचारी घर-घर पहुंचकर कूड़े को एकत्र कर सकें। ईओ ने बताया कि ऐसे नगरवासी जो बाल्टी खरीदने में अक्षम हैं, वे गरीबी रेखा से नीचे के साक्ष्य सहित अपने नाम नगर पालिका के स्वास्थ्य अनुभाग में अंकित करा सकते हैं, जिससे उन्हें कूड़ा अलग रखने के लिए बाल्टी उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने लोगों से नगर पालिका का सहयोग करने की अपील की है।
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बहराइच। विश्व पर्यावरण दिवस पर बहराइच को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लेने की तैयारी की गई है। लेकिन बहराइच से निकलने वाली सरयू नदी की गंदगी दूर करने के लिए कोई प्रशासनिक पहल नहीं शुरू हुई है। सरयू नदी में नानपारा और चिलवरिया चीनी मिल का गंदा पानी छोटे-छोटे नालों से होकर पहुंच रहा है। वहीं, बहराइच शहर के नालों का मुंह भी प्रशासन की ओर से सरयू की ओर मोड़ दिया गया है, जिससे सरयू का पानी जहरीला होता जा रहा है। इसके बावजूद प्रशासन नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की कोई कार्ययोजना तैयार नहीं कर सका है।
बहराइच जनपद के कतर्नियाघाट इलाके से गेरुआ और घाघरा नदी बहती है। इन नदियों के बीच से ही सरयू नदी भी नानपारा इलाके से निकली हुई है, जो रिसिया, मटेरा और बहराइच शहर से होते हुए अयोध्या तक जाती है। सरयू नदी का पानी कुछ समय पहले आचमन योग्य हुआ करता था। लेकिन नानपारा और चिलवरिया इलाके में स्थापित चीनी मिलों से निकलने वाले गंदे पानी ने सरयू के पानी को जहरीला बना दिया है। सरयू नदी में सीधे प्रवाहित होने वाले गंदे पानी के कारण जलीय जीवों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वहीं बहराइच शहर से निकलने वाले बड़े नालों का रुख भी नगर पालिका प्रशासन की ओर से सरयू नदी की ओर कर रखा गया है, जिससे गंदा पानी सीधे नदी में पहुंच रहा है। नदी की सफाई न होने के कारण जगह-जगह जलकुंभी और सेवार भी जमा हो गई है। कई स्थानों पर सरयू नदी ने नाले की शक्ल ले ली है। सरयू नदी के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन नदी की सफाई को लेकर कोई प्रभावी कार्य योजना तैयार नहीं कर सका है।
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समाजसेवियों ने उठाया सफाई का बीड़ा
सरयू नदी की गंदगी को देखकर कुछ समाजसेवियों ने सरयू बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि सरयू नदी के तटों पर फैली गंदगी को देखकर मन काफी विचलित था। जिसे देखते हुए नदी की सफाई के लिए श्रमदान का निर्णय लिया गया है। सप्ताह में एक बार श्रमदान कर नदी की सफाई की जा रही है। समिति के महामंत्री पारसनाथ यादव ने कहा कि सरयू नदी की पानी की धारा को अविरल बनाने तक समिति की ओर से प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक नदी की सफाई के लिए प्रशासन कोई पहल नहीं कर सका है।
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नगर को स्वच्छ रखने में नगर पालिका कर करें सहयोग
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए सभी जनपदवासियों से अपने घरों के सामने नीली और हरी बाल्टी रखने का अनुरोध किया गया है। जिससे नगर पालिका के कर्मचारी घर-घर पहुंचकर कूड़े को एकत्र कर सकें। ईओ ने बताया कि ऐसे नगरवासी जो बाल्टी खरीदने में अक्षम हैं, वे गरीबी रेखा से नीचे के साक्ष्य सहित अपने नाम नगर पालिका के स्वास्थ्य अनुभाग में अंकित करा सकते हैं, जिससे उन्हें कूड़ा अलग रखने के लिए बाल्टी उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने लोगों से नगर पालिका का सहयोग करने की अपील की है।