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चार दिन में सिर्फ एक घंटे मिली बिजली, बूंद-बंदी पानी को तरस रहे लोग
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मिहींपुरवा/मोतीपुर। मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में 13 फरवरी से बिजली गुल है। शुक्रवार रात तीन शिफ्टों में एक घंटे के लिए बिजली आई। इसके बाद फिर बिजली चली गई। चार दिन में सिर्फ एक घंटे ही पूरे तहसील के लोगों को बिजली नसीब हुई।
पावर कार्पोरेशन के अधिकारी उपभोक्ताओं का फोन तक रिसीव नहीं कर रहे हैं। तहसील में तीन लाख से अधिक की आबादी बिजली पानी के लिए तरस रही है। व्यापारियों व आम उपभोक्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में दो फीडरों से बिजली सप्लाई दी जाती है। इनमें 20 गांवों को लखीमपुर से बिजली सप्लाई दी जाती है। जबकि शेष गांवों और कस्बों को परवानीगौढ़ी फीडर से सप्लाई चालू की जाती है। मिहींपुरवा कस्बा के लोगों ने बताया कि 13 फरवरी को शाम चार बजे बिजली सप्लाई चली गई।
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इसके बाद शुक्रवार रात को तीन शिफ्ट में सिर्फ एक घंटे ही बिजली सप्लाई दी गई। इससे कस्बे व ग्रामीण क्षेत्र में बिजली, पानी की किल्लत बन गई है। लोगों के मोबाइल व बैट्री तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। लोग परिचितों से बात करने के लिए 10 से 20 रुपये देकर मोबाइल चार्ज करा रहे हैं। व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि जब बिजली के मामले में बिजली के अवर अभियंता व लाइनमैन को फोन लगाया जाता है तो किसी ने फोन ही रिसीव नहीं करते हैं।
मिहींपुरवा निवासी एडवोकेट प्रदीप कश्यप ने बताया कि बिजली न आने से लोग हैंडपंपों से पानी भरकर दिनचार्य के काम कर रहे हैं। व्यापार मंडल के महामंत्री अतुल चौधरी, होटल संचालक दशरथ, बीडीसी सदस्य पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि बिजली संचालन की व्यवस्था काफी खस्ता है। मिहींपुरवा के साथ उर्रा, नैनिहा, परवानीगौढ़ी, गुलालपुरवा, जरही, मधवापुर, हरखापुर, जालिमनगर, गूढ़, अमतपुर, गंगापुर समेत 150 से अधिक गांवों की तीन लाख से अधिक की आबादी प्रभावित है।
उपभोक्ताओं व व्यापारियों ने बिजली व्यवस्था दुरुस्त न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मामले में एक्सईएन मुकेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लाइन में तकनीकी फाल्ट आई थी। लेकिन चार दिनों से आपूर्ति बाधित है, इसकी जानकारी हुई है। रिपोर्ट तलब कर व्यवस्था सही करवाने की कोशिश कर रहे हैं।
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पावर कार्पोरेशन के अधिकारी उपभोक्ताओं का फोन तक रिसीव नहीं कर रहे हैं। तहसील में तीन लाख से अधिक की आबादी बिजली पानी के लिए तरस रही है। व्यापारियों व आम उपभोक्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
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मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में दो फीडरों से बिजली सप्लाई दी जाती है। इनमें 20 गांवों को लखीमपुर से बिजली सप्लाई दी जाती है। जबकि शेष गांवों और कस्बों को परवानीगौढ़ी फीडर से सप्लाई चालू की जाती है। मिहींपुरवा कस्बा के लोगों ने बताया कि 13 फरवरी को शाम चार बजे बिजली सप्लाई चली गई।
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इसके बाद शुक्रवार रात को तीन शिफ्ट में सिर्फ एक घंटे ही बिजली सप्लाई दी गई। इससे कस्बे व ग्रामीण क्षेत्र में बिजली, पानी की किल्लत बन गई है। लोगों के मोबाइल व बैट्री तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। लोग परिचितों से बात करने के लिए 10 से 20 रुपये देकर मोबाइल चार्ज करा रहे हैं। व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि जब बिजली के मामले में बिजली के अवर अभियंता व लाइनमैन को फोन लगाया जाता है तो किसी ने फोन ही रिसीव नहीं करते हैं।
मिहींपुरवा निवासी एडवोकेट प्रदीप कश्यप ने बताया कि बिजली न आने से लोग हैंडपंपों से पानी भरकर दिनचार्य के काम कर रहे हैं। व्यापार मंडल के महामंत्री अतुल चौधरी, होटल संचालक दशरथ, बीडीसी सदस्य पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि बिजली संचालन की व्यवस्था काफी खस्ता है। मिहींपुरवा के साथ उर्रा, नैनिहा, परवानीगौढ़ी, गुलालपुरवा, जरही, मधवापुर, हरखापुर, जालिमनगर, गूढ़, अमतपुर, गंगापुर समेत 150 से अधिक गांवों की तीन लाख से अधिक की आबादी प्रभावित है।
उपभोक्ताओं व व्यापारियों ने बिजली व्यवस्था दुरुस्त न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मामले में एक्सईएन मुकेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लाइन में तकनीकी फाल्ट आई थी। लेकिन चार दिनों से आपूर्ति बाधित है, इसकी जानकारी हुई है। रिपोर्ट तलब कर व्यवस्था सही करवाने की कोशिश कर रहे हैं।