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निशानगाड़ा गांव में एसएसबी जवानों का उत्पात
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बिछिया (बहराइच)। निशानगाड़ा गांव में गुरुवार देर रात तलाशी के बहाने पहुंचे एसएसबी जवानों पर उत्पात मचाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। घरों में घुसकर तोड़फोड़ की। विरोध करने पर ग्रामीणों को पीटा। महिलाओं के साथ अभद्रता कर उनकी भी पिटाई की। अधिकारियों से शिकायत करने पर फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी गई। इस मामले में एसडीएम ने तहसीलदार को जांच सौंपी है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में निशानगाड़ा रेंज में एसएसबी की 59वीं बटालियन है। बटालियन के जवान गुरुवार की रात 11 बजे के आसपास निशानगड़ा गांव में पहुंच गए। सभी ने ग्रामीणों के घरों में तलाशी लेने की बात कही। गांव निवासी रामू, नानबच्चा, राम किशोर और संतोष अदि का कहना है कि उनके द्वारा रात में तलाशी का विरोध करने पर एसएसबी के जवानों ने पिटाई शुरू कर दी।
घर की महिलाएं पुरुषों को बचाने दौड़ी तो जवानों ने उन्हे भी लाठियों से पीटा। जवानों के उत्पात और पिटायी में दिलमाया, शांती देवी, कल्पना देवी, मीना, मीरा देवी आदि जख्मी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वह सभी दुहाई देते रहे लेकिन जवानों को तरस नहीं आया। कुछ जवान शराब के नशे में भी थे।
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जख्मी दिलमाया और कल्पना देवी ने बताया कि जवानों ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्रता भी की। अधिकारियों से शिकायत करने की बात पर जवानों ने सभी घरों के महिलाओं और पुरुषों को एकत्रित कर कड़ाके की ठंड में खुले मैदान में असलहे की नोक पर लगभग एक घंटे खड़ा रखा। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने एसडीएम से मामले की शिकायत की। इस पर उपजिलाधिकारी केपी भारती ने मामले में तहसीलदार को जांच सौंपी है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में निशानगाड़ा रेंज में एसएसबी की 59वीं बटालियन है। बटालियन के जवान गुरुवार की रात 11 बजे के आसपास निशानगड़ा गांव में पहुंच गए। सभी ने ग्रामीणों के घरों में तलाशी लेने की बात कही। गांव निवासी रामू, नानबच्चा, राम किशोर और संतोष अदि का कहना है कि उनके द्वारा रात में तलाशी का विरोध करने पर एसएसबी के जवानों ने पिटाई शुरू कर दी।
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घर की महिलाएं पुरुषों को बचाने दौड़ी तो जवानों ने उन्हे भी लाठियों से पीटा। जवानों के उत्पात और पिटायी में दिलमाया, शांती देवी, कल्पना देवी, मीना, मीरा देवी आदि जख्मी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वह सभी दुहाई देते रहे लेकिन जवानों को तरस नहीं आया। कुछ जवान शराब के नशे में भी थे।
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जख्मी दिलमाया और कल्पना देवी ने बताया कि जवानों ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्रता भी की। अधिकारियों से शिकायत करने की बात पर जवानों ने सभी घरों के महिलाओं और पुरुषों को एकत्रित कर कड़ाके की ठंड में खुले मैदान में असलहे की नोक पर लगभग एक घंटे खड़ा रखा। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने एसडीएम से मामले की शिकायत की। इस पर उपजिलाधिकारी केपी भारती ने मामले में तहसीलदार को जांच सौंपी है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।