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अंतिम चौथी में शामिल होने के लिए उमड़ने लगे श्रद्धालु
Updated Sat, 10 Jun 2017 02:19 AM IST
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अंतिम चौथी में शामिल होने को जुटने लगे जायरीन
चित्तौरा झील के तट पर अकीदतमंद ने डाला डेरा
बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर आयोजित जेठ मेले की अंतिम चौथी रविवार को है। इसके लिए जायरीन की भीड़ फिर जुटने लगी है। विभिन्न जनपदों के जायरीन जत्थों में चित्तौरा झील के तट पर पहुंच रहे हैं। वहां से गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए जायरीन दरगाह शरीफ में हाजिरी लगा रहे हैं।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की अंतिम चौथी रविवार को है। इसके लिए दरगाह प्रबंध समिति ने व्यवस्था चौकस कर ली हैं। जायरीन भी चौथी में शामिल होने के लिए दस्तक देने लगे हैं। गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बस्ती, आजमगढ़, बिहार के सीवान, पटना, रांची, दिल्ली, राजस्थान, जयपुर से भी जायरीन का रेला बहराइच पहुंचने लगा है। चित्तौरा झील के तट पर जायरीन डेरा डाले हुए हैं। यहां पर परंपरागत तरीके से स्नान व पूजा-अर्चना कर जायरीन हठीले होते हुए गाजी की दरगाह पर पहुंचकर हाजिरी लगा रहे हैं। गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए जायरीन निशान और चादर लेकर भी मजार शरीफ पर पहुंच रहे हैं। मेला परिसर में भीड़ फिर बढ़ने लगी है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि अंतिम चौथी के लिए बिजली, पानी की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गईं हैं। साफ-सफाई के लिए सफाईकर्मी चौबीस घंटे निगरानी कर रहे हैं।
इंसेट
मेले में हो रही खरीदारी
दरगाह मेले में स्थानीय मेलार्थियों की भीड़ शुक्रवार को भी उमड़ती रही। मेला परिसर में स्थित चीनी मिट्टी, कांच के बर्तन, रेडीमेड कपड़े, लाठी आदि की खरीदारी जमकर हुई। महिला मेलार्थियों ने ढोल व चूड़ियां खरीदीं।
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चित्तौरा झील के तट पर अकीदतमंद ने डाला डेरा
बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर आयोजित जेठ मेले की अंतिम चौथी रविवार को है। इसके लिए जायरीन की भीड़ फिर जुटने लगी है। विभिन्न जनपदों के जायरीन जत्थों में चित्तौरा झील के तट पर पहुंच रहे हैं। वहां से गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए जायरीन दरगाह शरीफ में हाजिरी लगा रहे हैं।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की अंतिम चौथी रविवार को है। इसके लिए दरगाह प्रबंध समिति ने व्यवस्था चौकस कर ली हैं। जायरीन भी चौथी में शामिल होने के लिए दस्तक देने लगे हैं। गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बस्ती, आजमगढ़, बिहार के सीवान, पटना, रांची, दिल्ली, राजस्थान, जयपुर से भी जायरीन का रेला बहराइच पहुंचने लगा है। चित्तौरा झील के तट पर जायरीन डेरा डाले हुए हैं। यहां पर परंपरागत तरीके से स्नान व पूजा-अर्चना कर जायरीन हठीले होते हुए गाजी की दरगाह पर पहुंचकर हाजिरी लगा रहे हैं। गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए जायरीन निशान और चादर लेकर भी मजार शरीफ पर पहुंच रहे हैं। मेला परिसर में भीड़ फिर बढ़ने लगी है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि अंतिम चौथी के लिए बिजली, पानी की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गईं हैं। साफ-सफाई के लिए सफाईकर्मी चौबीस घंटे निगरानी कर रहे हैं।
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मेले में हो रही खरीदारी
दरगाह मेले में स्थानीय मेलार्थियों की भीड़ शुक्रवार को भी उमड़ती रही। मेला परिसर में स्थित चीनी मिट्टी, कांच के बर्तन, रेडीमेड कपड़े, लाठी आदि की खरीदारी जमकर हुई। महिला मेलार्थियों ने ढोल व चूड़ियां खरीदीं।
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