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तीसरी लहर के लिए 100 बेड का पीकू वार्ड तैयार
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बहराइच। तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का पीकू वार्ड बनकर तैयार हो गया है। जिसमें आईसीयू और आइसोलेशन 50-50 बेड का बनाया गया है। सभी बेडों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइपलाइन लगाई गई है। तीन मेडिकल आफिसर समेत 31 स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई है। देखभाल के लिए नोडल को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया जा रहा है। एम्स के चिकित्सकों के मुताबिक अगस्त माह में तीसरी लहर शुरू हो सकती है। जिसमें छोटे बच्चे कोरोना संक्रमण से प्रभावित हो सकते हैं। शासन के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लिए तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि अस्पताल में 100 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया है। जिसमें 50 बेड का आईसीयू और 50 बेड का आइसोलशन वार्ड है। सीएमओ ने बताया कि सभी बेडों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप लाइन भी लगाई गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज, चरदा, मोतीपुर और पयागपुर सीएचसी में 10-10 बेड बच्चों के लिए बनाया गया है। जिसमें संबंधित ब्लॉक क्षेत्र के बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। सभी बेड तक ऑक्सीजन पाइप लाइन द्वारा पहुंचाई जाएगी। सीएमओ ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए गांव स्तर पर बच्चों को दवा किट वितरित की जा रही है। जिसका समय आने पर सभी सेवन कर सकें। पीकू वार्ड की देखभाल के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से तीन मेडिकल आफिसर समेत 31 स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया है। जिससे आकस्मिक स्थिति में सभी बच्चों का इलाज बेहतर तरीके से हो सके। सीएमएस ने बताया कि पीकू वार्ड के लिए नोडल अधिकारी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. परवेज अहमद को बनाया गया है। जबकि बाल रोग विशेषज्ञ केके वर्मा को भी देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है।
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पीकू वार्ड के लिए तैनात हुए चिकित्सक
बाल रोग विशेषज्ञ- 08
मेडिकल आफिसर- 03
स्टाफ नर्स- 21
इलाज के लिए आए यह उपकरण
पांच बाई पैप मशीन (भाप देने के लिए)
पांच एचएफएनसी मशीन (हाई फ्लो में भाप देने के लिए)
59 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
छह पीडियाट्रिक वेंटीलेटर
चल रहा दवा वितरण
उप स्वास्थ्य सूचना व शिक्षा अधिकारी बृजेश कुमार ने बताया कि तीसरी लहर को देखते हुए गांवों में दवा किट का वितरण कराया गया है। निगरानी समिति के सदस्य स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से गांव के प्रत्येक घर में दवा किट उपलब्ध करा रहे हैं।
बच्चों में संक्रमण न करें नजरंदाज
यदि किसी बच्चे को खांसी, जुकाम व बुखार हो रहा है तो जरूरी नहीं कि उसे कोरोना संक्रमण ही हो। बच्चे को समय से चिकित्सक को दिखाएं। यही समस्या आगे चलकर संक्रमण का भी रूप धारण कर सकती है। ऐसे में बुखार, सर्दी होने पर बच्चों का इलाज कराएं। बच्चों को संक्रमण से दूर रखने के लिए बाहर न जाने दें। बच्चों के साथ माताएं भी अपना ख्याल रखें।
-डॉ. एहतिशाम अली, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ
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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया जा रहा है। एम्स के चिकित्सकों के मुताबिक अगस्त माह में तीसरी लहर शुरू हो सकती है। जिसमें छोटे बच्चे कोरोना संक्रमण से प्रभावित हो सकते हैं। शासन के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लिए तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि अस्पताल में 100 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया है। जिसमें 50 बेड का आईसीयू और 50 बेड का आइसोलशन वार्ड है। सीएमओ ने बताया कि सभी बेडों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप लाइन भी लगाई गई है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज, चरदा, मोतीपुर और पयागपुर सीएचसी में 10-10 बेड बच्चों के लिए बनाया गया है। जिसमें संबंधित ब्लॉक क्षेत्र के बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। सभी बेड तक ऑक्सीजन पाइप लाइन द्वारा पहुंचाई जाएगी। सीएमओ ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए गांव स्तर पर बच्चों को दवा किट वितरित की जा रही है। जिसका समय आने पर सभी सेवन कर सकें। पीकू वार्ड की देखभाल के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से तीन मेडिकल आफिसर समेत 31 स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया है। जिससे आकस्मिक स्थिति में सभी बच्चों का इलाज बेहतर तरीके से हो सके। सीएमएस ने बताया कि पीकू वार्ड के लिए नोडल अधिकारी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. परवेज अहमद को बनाया गया है। जबकि बाल रोग विशेषज्ञ केके वर्मा को भी देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है।
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पीकू वार्ड के लिए तैनात हुए चिकित्सक
बाल रोग विशेषज्ञ- 08
मेडिकल आफिसर- 03
स्टाफ नर्स- 21
इलाज के लिए आए यह उपकरण
पांच बाई पैप मशीन (भाप देने के लिए)
पांच एचएफएनसी मशीन (हाई फ्लो में भाप देने के लिए)
59 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
छह पीडियाट्रिक वेंटीलेटर
चल रहा दवा वितरण
उप स्वास्थ्य सूचना व शिक्षा अधिकारी बृजेश कुमार ने बताया कि तीसरी लहर को देखते हुए गांवों में दवा किट का वितरण कराया गया है। निगरानी समिति के सदस्य स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से गांव के प्रत्येक घर में दवा किट उपलब्ध करा रहे हैं।
बच्चों में संक्रमण न करें नजरंदाज
यदि किसी बच्चे को खांसी, जुकाम व बुखार हो रहा है तो जरूरी नहीं कि उसे कोरोना संक्रमण ही हो। बच्चे को समय से चिकित्सक को दिखाएं। यही समस्या आगे चलकर संक्रमण का भी रूप धारण कर सकती है। ऐसे में बुखार, सर्दी होने पर बच्चों का इलाज कराएं। बच्चों को संक्रमण से दूर रखने के लिए बाहर न जाने दें। बच्चों के साथ माताएं भी अपना ख्याल रखें।
-डॉ. एहतिशाम अली, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ