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Baghpat News: जिपं अध्यक्ष पर दस-दस लाख रुपये लेकर ठेके नहीं देने का आरोप
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बागपत। जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पति पर ठेकेदारों से ठेके देने के नाम पर दस-दस लाख रुपये लेने का आरोप लगा है। ठेकेदारों से रुपये लेने के बाद ठेके नहीं दिए गए तो जिला पंचायत कार्यालय में शुक्रवार को हंगामा हो गया। जिलाधिकारी के पास तक शिकायत पहुंचने पर टेंडर प्रक्रिया देख रहा लिपिक खुद को बीमार बता कार्यालय छोड़़कर चला गया।
जिला पंचायत कार्यालय में ठेकेदार मनोज कुमार, सचिन, वासु, दुष्यंत, देवेंद्र कुमार, सचिन कुमार आदि ने शुक्रवार को पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि जिला पंचायत में अध्यक्ष व उनके पति जयकिशोर नए-नए ठेकेदारों से टेंडर देने के नाम पर रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं और उनसे पांच से दस लाख रुपये तक ठेके देने के नाम पर लिए जा रहे हैं। आरोप है कि रुपये लेने के बाद भी ठेके नहीं दिए गए। ठेके केवल चंद ठेकेदारों को ही दिए जा रहे हैं। ठेकेदारों ने अपर मुख्य अधिकारी के नहीं मिलने पर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को फोन करके पूरा मामला बताया कि किस तरह से जिला पंचायत अध्यक्ष का पति वसूली कर रहा है। इसपर जिलाधिकारी ने अपर मुख्य अधिकारी को मामला देखने को कहा तो वह जिला पंचायत कार्यालय में पहुंचे। अपर मुख्य अधिकारी चंद्रवीर सिंह ने सभी ठेकेदारों को टेंडर प्रक्रिया संभाल रहे लिपिक के पास भेज दिया। ठेकेदारों का आरोप है कि वह लिपिक के पास जानकारी लेने पहुंचे तो वह खुद को बीमार बताकर कार्यालय से चला गया।
जिला पंचायत में ऑफलाइन छोड़े जा रहे ठेके
ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत में बड़ा खेल किया जा रहा है। जहां जिला पंचायत अध्यक्ष ममता किशोर की जगह उनके पति जयकिशोर पूरा कामकाज देख रहे है और वही कार्यालय में अपनी पत्नी की जगह आकर बैठते है। वह सभी ठेकों को साढ़े नौ लाख रुपये से कम के कराकर टुकड़ों में ऑफलाइन छुड़वा रहे हैं। इस तरह से जिला पंचायत में खेल किया जा रहा है।
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सभी पूरी तरह से गलत है। ठेके छोड़ने का कार्य जिला पंचायत से होता है। इस बारे में बातचीत की जाएगी कि आखिर क्या परेशानी हो रही है। - ममता किशोर, अध्यक्ष जिला पंचायत
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जिला पंचायत कार्यालय में ठेकेदार मनोज कुमार, सचिन, वासु, दुष्यंत, देवेंद्र कुमार, सचिन कुमार आदि ने शुक्रवार को पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि जिला पंचायत में अध्यक्ष व उनके पति जयकिशोर नए-नए ठेकेदारों से टेंडर देने के नाम पर रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं और उनसे पांच से दस लाख रुपये तक ठेके देने के नाम पर लिए जा रहे हैं। आरोप है कि रुपये लेने के बाद भी ठेके नहीं दिए गए। ठेके केवल चंद ठेकेदारों को ही दिए जा रहे हैं। ठेकेदारों ने अपर मुख्य अधिकारी के नहीं मिलने पर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को फोन करके पूरा मामला बताया कि किस तरह से जिला पंचायत अध्यक्ष का पति वसूली कर रहा है। इसपर जिलाधिकारी ने अपर मुख्य अधिकारी को मामला देखने को कहा तो वह जिला पंचायत कार्यालय में पहुंचे। अपर मुख्य अधिकारी चंद्रवीर सिंह ने सभी ठेकेदारों को टेंडर प्रक्रिया संभाल रहे लिपिक के पास भेज दिया। ठेकेदारों का आरोप है कि वह लिपिक के पास जानकारी लेने पहुंचे तो वह खुद को बीमार बताकर कार्यालय से चला गया।
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जिला पंचायत में ऑफलाइन छोड़े जा रहे ठेके
ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत में बड़ा खेल किया जा रहा है। जहां जिला पंचायत अध्यक्ष ममता किशोर की जगह उनके पति जयकिशोर पूरा कामकाज देख रहे है और वही कार्यालय में अपनी पत्नी की जगह आकर बैठते है। वह सभी ठेकों को साढ़े नौ लाख रुपये से कम के कराकर टुकड़ों में ऑफलाइन छुड़वा रहे हैं। इस तरह से जिला पंचायत में खेल किया जा रहा है।
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सभी पूरी तरह से गलत है। ठेके छोड़ने का कार्य जिला पंचायत से होता है। इस बारे में बातचीत की जाएगी कि आखिर क्या परेशानी हो रही है। - ममता किशोर, अध्यक्ष जिला पंचायत