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Baghpat News: जयंत को कौशल विकास और शिक्षा मंत्रालय मिलने पर युवाओं की बढ़ी उम्मीद
Tue, 11 Jun 2024 03:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Tue, 11 Jun 2024 03:54 AM IST
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बागपत। रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह को केंद्र में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाए जाने के बाद सोमवार को मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनको कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया तो शिक्षा मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया गया है। जयंत को ऐसे मंत्रालय मिले हैं, जिनसे वेस्ट यूपी के युवाओं के लिए रोजगार व शिक्षा के क्षेत्र में फायदा मिलने की बड़ी उम्मीद जगी है।
रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने राज्यसभा सदस्य बनने के बाद ही अपनी पांच करोड़ की पूरी निधि को युवाओं के लिए खेल पर खर्च करने की घोषणा की थी। जिसके बाद उनकी निधि का अभी तक जितना भी पैसा खर्च हुआ है, वह खेल सुविधाओं को बेहतर करने पर खर्च हुआ है। ऐसे में जयंत को कौशल विकास एवं उद्यमिता और शिक्षा मंत्रालय मिलने पर युवाओं को काफी फायदा हो सकता है।
कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्र में युवाओं को अभी यहां बेहतर सुविधाएं नहीं मिलती है। अगर पॉलीटेकनिक, आईटीआई व अन्य तकनीकी संस्थान से लेकर सुविधाओं तक को बढ़ाया जाए और जिस क्षेत्र में कार्य करने वाले युवाओं की मांग बढ़ रही है, उसके लिए युवाओं को प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाए तो उनको रोजगार की समस्या नहीं होगी। इसके अलावा बेहतर सुविधाएं मिलने पर युवाओं का कौशल विकास करके उनको स्वरोजगार की तरफ भी बढ़ाया जा सकता है।
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वहीं वेस्ट यूपी में शिक्षा का बुनियादी ढांचा बेहतर करने के लिए संस्थानों की जरूरत है। इसमें चौधरी जयंत सिंह का विदेश में पढ़ाई का अनुभव सबसे ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि जयंत की शिक्षा की बात करे तो उनकी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से हुई और इसके बाद दिल्ली विवि से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने साल 2002 में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में परास्नातक किया। इस तरह वह अपने देश से लेकर विदेश तक की शिक्षा तकनीक के बारे में जानकारी रखते हैं और वेस्ट यूपी के लिए इस क्षेत्र में काफी बेहतर कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री के स्किल इंडिया की पहल को पूरा करता है यह मंत्रालय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्किल इंडिया की पहल की थी, जिसको इस मंत्रालय के माध्यम से पूरा किया जाता है। क्योंकि युवाओं को रोजगार की जरूरत को देखते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के सहारे ही तैयार किया जा सकता है। इससे उनको कौशल करके औद्योगिक क्षेत्र में कार्य लिया जा सकता है तो जरूरत के अनुसार विदेशों की कंपनियों तक में भेजा जा सकता है।
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रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने राज्यसभा सदस्य बनने के बाद ही अपनी पांच करोड़ की पूरी निधि को युवाओं के लिए खेल पर खर्च करने की घोषणा की थी। जिसके बाद उनकी निधि का अभी तक जितना भी पैसा खर्च हुआ है, वह खेल सुविधाओं को बेहतर करने पर खर्च हुआ है। ऐसे में जयंत को कौशल विकास एवं उद्यमिता और शिक्षा मंत्रालय मिलने पर युवाओं को काफी फायदा हो सकता है।
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कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्र में युवाओं को अभी यहां बेहतर सुविधाएं नहीं मिलती है। अगर पॉलीटेकनिक, आईटीआई व अन्य तकनीकी संस्थान से लेकर सुविधाओं तक को बढ़ाया जाए और जिस क्षेत्र में कार्य करने वाले युवाओं की मांग बढ़ रही है, उसके लिए युवाओं को प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाए तो उनको रोजगार की समस्या नहीं होगी। इसके अलावा बेहतर सुविधाएं मिलने पर युवाओं का कौशल विकास करके उनको स्वरोजगार की तरफ भी बढ़ाया जा सकता है।
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वहीं वेस्ट यूपी में शिक्षा का बुनियादी ढांचा बेहतर करने के लिए संस्थानों की जरूरत है। इसमें चौधरी जयंत सिंह का विदेश में पढ़ाई का अनुभव सबसे ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि जयंत की शिक्षा की बात करे तो उनकी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से हुई और इसके बाद दिल्ली विवि से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने साल 2002 में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में परास्नातक किया। इस तरह वह अपने देश से लेकर विदेश तक की शिक्षा तकनीक के बारे में जानकारी रखते हैं और वेस्ट यूपी के लिए इस क्षेत्र में काफी बेहतर कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री के स्किल इंडिया की पहल को पूरा करता है यह मंत्रालय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्किल इंडिया की पहल की थी, जिसको इस मंत्रालय के माध्यम से पूरा किया जाता है। क्योंकि युवाओं को रोजगार की जरूरत को देखते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के सहारे ही तैयार किया जा सकता है। इससे उनको कौशल करके औद्योगिक क्षेत्र में कार्य लिया जा सकता है तो जरूरत के अनुसार विदेशों की कंपनियों तक में भेजा जा सकता है।