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पहेलियों में उलझे युवक
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 26 Aug 2016 12:26 AM IST
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बोर्ड कॉपियों की जांच
- फोटो : demo pic
बागपत में उप संभागीय परिवहन कार्यालय में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस की नौ पहेली में 300 युवक उलझकर रह गए। केवल 150 ही सवालों के जवाब दें पाए। 16 से 24 अगस्त तक की परीक्षा में 450 ने आवेदन किए थे, इनमें से डेढ़ सौ ही पास हो पाए। परीक्षा के डर से युवक आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए युवाओं को यातायात के नियम और उनके चिह्नों का ज्ञान होना बहुत जरूरी हो गया है। ऑनलाइन परीक्षा में इसी तरह के प्रश्न पूछे जा रहे हैं। युवाओं अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते हुए डरने लगे है। 16 अगस्त से ऑनलाइन लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए बनवाने के लिए परीक्षा शुरू हुई थी। जिसमें 24 अगस्त तक 450 युवाओं ने अपने आवेदन किए थे।
जिनमें से केवल 150 युवक ही परीक्षा की बाधा को पार कर पाए। 300 युवा नौ पहेलियों के सवालों में उलझकर रह गए। लाइसेंस बनवाने के लिए युवाओं के लिए परेशानियां खड़ी हो गई है। अब वह आवेदन करने से भी डरे हैं। कुछ लोग सरकार से परीक्षा को रद करवाने मांग कर रहे हैं। निरक्षरों को लाइसेंस बनवाने में दिक्कतें आएगी।
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इस संबंध में एआरटीओ प्रशासन सुहैल अहमद ने बताया ऑनलाइन परीक्षा के कारण युवकों के सामने परेशानी आ रही है। परीक्षा में जो युवक नौ प्रश्नों का हल कर पाएगा उसका ही लाइसेंस बनेगा। फेल होने वाले युवकों को तीन बार मौका दिया जाएगा। उसके बाद दोबारा से उसे फीस जमा करने के बाद परीक्षा में बैठाया जाएगा।
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ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए युवाओं को यातायात के नियम और उनके चिह्नों का ज्ञान होना बहुत जरूरी हो गया है। ऑनलाइन परीक्षा में इसी तरह के प्रश्न पूछे जा रहे हैं। युवाओं अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते हुए डरने लगे है। 16 अगस्त से ऑनलाइन लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए बनवाने के लिए परीक्षा शुरू हुई थी। जिसमें 24 अगस्त तक 450 युवाओं ने अपने आवेदन किए थे।
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जिनमें से केवल 150 युवक ही परीक्षा की बाधा को पार कर पाए। 300 युवा नौ पहेलियों के सवालों में उलझकर रह गए। लाइसेंस बनवाने के लिए युवाओं के लिए परेशानियां खड़ी हो गई है। अब वह आवेदन करने से भी डरे हैं। कुछ लोग सरकार से परीक्षा को रद करवाने मांग कर रहे हैं। निरक्षरों को लाइसेंस बनवाने में दिक्कतें आएगी।
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इस संबंध में एआरटीओ प्रशासन सुहैल अहमद ने बताया ऑनलाइन परीक्षा के कारण युवकों के सामने परेशानी आ रही है। परीक्षा में जो युवक नौ प्रश्नों का हल कर पाएगा उसका ही लाइसेंस बनेगा। फेल होने वाले युवकों को तीन बार मौका दिया जाएगा। उसके बाद दोबारा से उसे फीस जमा करने के बाद परीक्षा में बैठाया जाएगा।