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पहाड़ों पर बारिश के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ा
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ओर फसल न डूबे लगा दिया बांध:बागपत यमुना में जलस्तर बढ़ने के बाद मटर,गेहूं व अन्य फसलों को बचाने के ?
- फोटो : BAGHPAT
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- 100 बीघा से ज्यादा में लगाई गई खरबूजे और तरबूज की फसल डूबी
- चार फुट पानी बढ़ यमुना में, किसानों की बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। पहाड़ों पर हुई बारिश से यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। करीब चार फुट तक जलस्तर बढ़ने से बागपत क्षेत्र के किसानों की लगभग सौ बीघा से अधिक खरबूजे और तरबूज की फसल डूब गई है। इससे किसानों की काफी नुकसान हो गया है। फसल बचाने के लिए किसान बुधवार को भी यमुना के किनारे पर बांध बनाकर पानी रोकने की कोशिश करते रहे।
पहाड़ों पर बरसात के बाद यमुना में जलस्तर बढ़ने से गेहूं और मटर की फसल बचाने के लिए बुधवार को भी किसान जुटे रहे। यमुना के किनारे पर बांध बनाया। इसके बावजूद किसानों की सौ बीघा से अधिक फसल डूबकर बर्बाद हो गई है। ईदगाह कॉलोनी के किसान ईसाकी ने बताया कि अचानक यमुना का जलस्तर बढ़ने से उसकी 15 बीघा खरबूजा व तरबूज की फसल और पांच बीघा खीरा, घीया, सीताफल, ककड़ी की फसल नष्ट हो गई। इसके अलावा शौकीन की 15 बीघा व पुराना कस्बे के नूरदीन की 20 बीघा, मुम्तियाज की 25 बीघा, मिरहसन 15 बीघा खरबूजा व तरबूज की फसल यमुना में डूबकर नष्ट हो गई। लगातार बारिश के कारण पहले ही मटर, सरसों की फसलों को नुकसान हो चुका है। अब यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद खरबूजा व तरबूज की फसल खराब हो गई है।
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- चार फुट पानी बढ़ यमुना में, किसानों की बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। पहाड़ों पर हुई बारिश से यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। करीब चार फुट तक जलस्तर बढ़ने से बागपत क्षेत्र के किसानों की लगभग सौ बीघा से अधिक खरबूजे और तरबूज की फसल डूब गई है। इससे किसानों की काफी नुकसान हो गया है। फसल बचाने के लिए किसान बुधवार को भी यमुना के किनारे पर बांध बनाकर पानी रोकने की कोशिश करते रहे।
पहाड़ों पर बरसात के बाद यमुना में जलस्तर बढ़ने से गेहूं और मटर की फसल बचाने के लिए बुधवार को भी किसान जुटे रहे। यमुना के किनारे पर बांध बनाया। इसके बावजूद किसानों की सौ बीघा से अधिक फसल डूबकर बर्बाद हो गई है। ईदगाह कॉलोनी के किसान ईसाकी ने बताया कि अचानक यमुना का जलस्तर बढ़ने से उसकी 15 बीघा खरबूजा व तरबूज की फसल और पांच बीघा खीरा, घीया, सीताफल, ककड़ी की फसल नष्ट हो गई। इसके अलावा शौकीन की 15 बीघा व पुराना कस्बे के नूरदीन की 20 बीघा, मुम्तियाज की 25 बीघा, मिरहसन 15 बीघा खरबूजा व तरबूज की फसल यमुना में डूबकर नष्ट हो गई। लगातार बारिश के कारण पहले ही मटर, सरसों की फसलों को नुकसान हो चुका है। अब यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद खरबूजा व तरबूज की फसल खराब हो गई है।
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