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खतरे के निशान पर पहुंची यमुना और हिंडन, अलर्ट जारी
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बागपत के पक्काघाट स्थित इस्लामनगर में जलभराव के बीच जाते लोग
- फोटो : BAGHPAT
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बागपत। जिले में यमुना और हिंडन नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई है। बाढ़ नियंत्रण के लिए जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। हिंडन किनारे बसे ग्रामीणों को हिंडन की ओर न जाने के निर्देश दिए गए है। हथिनिकुंड बैराज से सोमवार को यमुना में 67 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। मंगलवार तक पानी बागपत पहुंच जाएगा। हालांकि सिंचाई विभाग के अनुसार अभी जिले में बाढ़ की खतरा नहीं है। सोमवार को डीएम राजकमल यादव ने खेडा इस्लामपुर गांव में यमुना का जलस्तर देखा। उन्होंने बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बरसात से यमुना और हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। यमुना और हिंडन खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यमुना किनारे कटान की आशंका हो गई है, जिससे किसानों की फसलें पानी में डूबने की आशंका बढ़ गई है। सोमवार की सुबह यमुना का जलस्तर 209.20 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर है। उधर हिंडन नदी का जलस्तर 210.95 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर है। यमुना और हिंडन का जलस्तर बढने से प्रशासन ने जिले में अलर्ट जारी कर दिया है।
सिंचाई विभाग ने सभी चौकियों को अलर्ट कर नियमित निगरानी के निर्देश दिए है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज ने बताया कि जिले में अभी बाढ़ की आंशका नहीं है। बाढ़ नियंत्रण के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। चौकियों को अलर्ट जारी कर निगरानी के निर्देश दिए गए है। किसी भी आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रुम स्थापित कर कर्मचारी नियुक्त कर दिया है।
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पूर्वी यमन नहर में छोड़ा जाए पानी
रालोद नेता ओमवीर सिंह ढाका ने पूर्वी यमन नहर में पानी छोड़ने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यमुना नदी पूरे उफान पर चल रही है। हथिनीकुंड बैराज से रोज यमुना में पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे जनपद बागपत के सैकड़ों एकड़ फसल का नुकसान हो रहा है। वहीं पूर्वी यमन नहर सूखी पड़ी है। जबकि इसी नहर से निकलने वाले माइनरों से जिले के 60 फीसदी किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। भाजपा ने चुनाव से पूर्व यमुना की ठोकरें बनवाने का वादा किया था। लेकिन कोई कार्य नहीं कराया। इस मौके पर योगेंद्र पाबला, अनित, विक्रम, उस्मान, जितेंद्र, सतेंद्र, महाराज सिंह आदि मौजूद रहे।
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पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बरसात से यमुना और हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। यमुना और हिंडन खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यमुना किनारे कटान की आशंका हो गई है, जिससे किसानों की फसलें पानी में डूबने की आशंका बढ़ गई है। सोमवार की सुबह यमुना का जलस्तर 209.20 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर है। उधर हिंडन नदी का जलस्तर 210.95 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर है। यमुना और हिंडन का जलस्तर बढने से प्रशासन ने जिले में अलर्ट जारी कर दिया है।
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सिंचाई विभाग ने सभी चौकियों को अलर्ट कर नियमित निगरानी के निर्देश दिए है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज ने बताया कि जिले में अभी बाढ़ की आंशका नहीं है। बाढ़ नियंत्रण के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। चौकियों को अलर्ट जारी कर निगरानी के निर्देश दिए गए है। किसी भी आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रुम स्थापित कर कर्मचारी नियुक्त कर दिया है।
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पूर्वी यमन नहर में छोड़ा जाए पानी
रालोद नेता ओमवीर सिंह ढाका ने पूर्वी यमन नहर में पानी छोड़ने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यमुना नदी पूरे उफान पर चल रही है। हथिनीकुंड बैराज से रोज यमुना में पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे जनपद बागपत के सैकड़ों एकड़ फसल का नुकसान हो रहा है। वहीं पूर्वी यमन नहर सूखी पड़ी है। जबकि इसी नहर से निकलने वाले माइनरों से जिले के 60 फीसदी किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। भाजपा ने चुनाव से पूर्व यमुना की ठोकरें बनवाने का वादा किया था। लेकिन कोई कार्य नहीं कराया। इस मौके पर योगेंद्र पाबला, अनित, विक्रम, उस्मान, जितेंद्र, सतेंद्र, महाराज सिंह आदि मौजूद रहे।

बागपत के पक्काघाट पर यमुना का बढ़ता जलस्तर देखते लोग- फोटो : BAGHPAT