{"_id":"6ad203f922d8065b3a0e1372","slug":"yajna-brings-mental-and-spiritual-purification-acharya-vinod-shastri-baghpat-news-c-28-1-bpt1002-160671-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"यज्ञ से मिलती है मानसिक और आत्मिक शुद्धि : आचार्य विनोद शास्त्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यज्ञ से मिलती है मानसिक और आत्मिक शुद्धि : आचार्य विनोद शास्त्री
विज्ञापन
-गढ़ी कांगरान में विश्व कल्याण, पर्यावरण शुद्धि के लिए तीन दिवसीय यज्ञ शुरू
फोटो-एक
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। गढ़ी कांगरान गांव में आर्य समाज द्वारा शुक्रवार को तीन दिवसीय यज्ञ किया गया। यह यज्ञ विश्व कल्याण एवं पर्यावरण शुद्धि के उद्देश्य से आयोजित हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना की।
विनोद कुमार शास्त्री ने विधि विधान से यज्ञ कराया। उन्होंने कहा, यज्ञ से मानसिक और आत्मिक शुद्धि होती है। अज्ञानता मनुष्य के दुख का कारण है। शास्त्री ने बताया कि ईश्वर ने मनुष्य को कर्म करने की स्वतंत्रता दी है, लेकिन कर्मों का फल परमात्मा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान और धर्म का मूल वेद हैं। इसका कारण है कि वेद ईश्वरीय वाणी हैं। कपिल शास्त्री ने बताया कि बुराइयों का त्याग और अच्छाइयों को अपनाना ही मनुष्य का लक्ष्य होना चाहिए। यज्ञ सुख-शांति का संदेश देता है।
कुलदीप भास्कर ने इस अवसर पर भजन प्रस्तुत किए। रवि शास्त्री ने कहा, पर्यावरण और जीवन की रक्षा के लिए यज्ञ-हवन के साथ वृक्षों का संरक्षण जरूरी है। यह यज्ञ विश्व कल्याण और पर्यावरण शुद्धि के महत्व को दर्शाता है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं। इस मौके पर सुधीर तोमर, हवन पाल, जसपाल, रामपाल तोमर, बिल्लू, राजकुमार, सुनील, प्रवेश तोमर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो-एक
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। गढ़ी कांगरान गांव में आर्य समाज द्वारा शुक्रवार को तीन दिवसीय यज्ञ किया गया। यह यज्ञ विश्व कल्याण एवं पर्यावरण शुद्धि के उद्देश्य से आयोजित हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना की।
विनोद कुमार शास्त्री ने विधि विधान से यज्ञ कराया। उन्होंने कहा, यज्ञ से मानसिक और आत्मिक शुद्धि होती है। अज्ञानता मनुष्य के दुख का कारण है। शास्त्री ने बताया कि ईश्वर ने मनुष्य को कर्म करने की स्वतंत्रता दी है, लेकिन कर्मों का फल परमात्मा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान और धर्म का मूल वेद हैं। इसका कारण है कि वेद ईश्वरीय वाणी हैं। कपिल शास्त्री ने बताया कि बुराइयों का त्याग और अच्छाइयों को अपनाना ही मनुष्य का लक्ष्य होना चाहिए। यज्ञ सुख-शांति का संदेश देता है।
विज्ञापन
कुलदीप भास्कर ने इस अवसर पर भजन प्रस्तुत किए। रवि शास्त्री ने कहा, पर्यावरण और जीवन की रक्षा के लिए यज्ञ-हवन के साथ वृक्षों का संरक्षण जरूरी है। यह यज्ञ विश्व कल्याण और पर्यावरण शुद्धि के महत्व को दर्शाता है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं। इस मौके पर सुधीर तोमर, हवन पाल, जसपाल, रामपाल तोमर, बिल्लू, राजकुमार, सुनील, प्रवेश तोमर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन