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Baghpat News: 40 मिमी बारिश से डूबी धान व सब्जी की फसल, किसानों की परेशानी बढ़ी
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लहचौडा में बारिश के दौरान खराब हुई धान की फसल दिखाते किसान । संवाद
- जिले में बृहस्पतिवार सुबह झमाझम बारिश होने से खेतों में जलभराव, धान और सब्जियों की फसलों में 25 फीसदी नुकसान
- फाल्ट होने से शहरों समेत 60 गांवों में बत्ती भी गुल हुई, सिसाना में जलभराव से 20 से अधिक वाहन खराब, अंडरपास में भरा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। यहां बृहस्पतिवार की सुबह से दोपहर तक हुई 40 एमएम बारिश से खेतों में कटी पड़ी किसानों की धान की फसल डूब गई तो तेज हवा व बारिश से खड़ी फसल गिर गई। वहीं सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं सिसाना गांव में जलभराव होने से दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर 20 से अधिक वाहन खराब हो गए और कई अंडरपास में पानी भरने से वाहन चालक परेशान रहे।
यहां बृहस्पतिवार की सुबह तेज बारिश शुरू हो गई, जो दोपहर दो बजे तक जारी रही। बारिश होने से मौसम ठंडा हो गया। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर सिसाना गांव में दो फीट पानी भर गया और पानी में 20 से अधिक बाइकें खराब हो गई हैं। लोगों को बाइकों को पैदल लेकर गुजरना पड़ा और उनको परेशानी उठानी पड़ी। बारिश होने से अधिकतम दो डिग्री व न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस की कमी आई।
वहीं बारिश होने से सबसे ज्यादा धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। इस समय धान पककर तैयार है और काफी जगह कटाई चल रही है। जिले में 25 फीसदी धान की फसल हवा चलने व बारिश के कारण गिरने व दाना टूटने से बर्बाद हो गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने बताया कि लंबे समय तक पानी में रहने से फसल सड़ने और दाना खराब होने का डर है। ऐसे में जहां धान कट चुकी है और वहां खेतों में पानी भर गया है तो खेत से तुरंत पानी निकासी कराई जाए।
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- सब्जी की फसल को भी पहुंचा नुकसान
रटौल। लहचौड़ा निवासी मनोज यादव, धीर सिंह, रटौल के सुल्तान, गौना के गजेंद्र यादव, सरफाबाद निवासी अंकित आदि ने बताया कि इस समय आलू, भिंडी, लोकी, मूली, खीरा, गोभी, टमाटर आदि फसल तैयार है। बारिश होने के कारण सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचा है, क्योंकि खेतों में पानी भरने सब्जी में रोग लगने का खतरा बना हुआ है। किसानों ने बताया कि दिन-रात मेहनत कर फसल तैयार की थी और अब उनकी मेहनत खराब हो गई।
- जलभराव व बत्ती गुल होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ी
बागपत। बारिश होने से कई स्थानों पर जलभराव होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खेकड़ा, अग्रवाल मंडी टटीरी, बावली, सूजरा आदि स्थानों पर अंडरपास में पानी भरने के कारण कई वाहन फंसे, जिनको ट्रैक्टर से खींचकर निकाला गया। वहीं तेज हवा चलने व बारिश के कारण 60 गांवों में लाइन में फाल्ट होने से बिजली गुल रही। इससे गांवों में अंधेरा छाया रहा। बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, अग्रवाल मंडी टटीरी, बावली, बिनौली, हिसावदा, सिंघावली अहीर, डौला, अहैड़ा आदि गांवों में बिजली नहीं आने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
- तेज हवा व बारिश से खेतों में गिरी फसल
दोघट। बृहस्पतिवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में धान व ज्वार की फसल गिर गई है। किसान मिंटू सहरावत, दिनेश, पप्पू राठी, कपिल, रोहित ने बताया कि बारिश के कारण दाहा, टीकरी, दोघट, हिम्मतपुर सूजती आदि गांवों में फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से सर्वे कराकर नष्ट फसल का मुआवजा दिलवाने की मांग की है। वहीं बारिश होने से कोल्हू भी बंद हो गए हैं।
वर्जन
- तहसील की राजस्व टीम के साथ खेतों का सर्वे कराया जाएगा और देखा जाएगा कि किस-किस किसान की फसल को कितना नुकसान हुआ है। आकलन करने के बाद शासन को मुआवजे के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। - बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी
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- फाल्ट होने से शहरों समेत 60 गांवों में बत्ती भी गुल हुई, सिसाना में जलभराव से 20 से अधिक वाहन खराब, अंडरपास में भरा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। यहां बृहस्पतिवार की सुबह से दोपहर तक हुई 40 एमएम बारिश से खेतों में कटी पड़ी किसानों की धान की फसल डूब गई तो तेज हवा व बारिश से खड़ी फसल गिर गई। वहीं सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं सिसाना गांव में जलभराव होने से दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर 20 से अधिक वाहन खराब हो गए और कई अंडरपास में पानी भरने से वाहन चालक परेशान रहे।
यहां बृहस्पतिवार की सुबह तेज बारिश शुरू हो गई, जो दोपहर दो बजे तक जारी रही। बारिश होने से मौसम ठंडा हो गया। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर सिसाना गांव में दो फीट पानी भर गया और पानी में 20 से अधिक बाइकें खराब हो गई हैं। लोगों को बाइकों को पैदल लेकर गुजरना पड़ा और उनको परेशानी उठानी पड़ी। बारिश होने से अधिकतम दो डिग्री व न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस की कमी आई।
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वहीं बारिश होने से सबसे ज्यादा धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। इस समय धान पककर तैयार है और काफी जगह कटाई चल रही है। जिले में 25 फीसदी धान की फसल हवा चलने व बारिश के कारण गिरने व दाना टूटने से बर्बाद हो गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने बताया कि लंबे समय तक पानी में रहने से फसल सड़ने और दाना खराब होने का डर है। ऐसे में जहां धान कट चुकी है और वहां खेतों में पानी भर गया है तो खेत से तुरंत पानी निकासी कराई जाए।
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- सब्जी की फसल को भी पहुंचा नुकसान
रटौल। लहचौड़ा निवासी मनोज यादव, धीर सिंह, रटौल के सुल्तान, गौना के गजेंद्र यादव, सरफाबाद निवासी अंकित आदि ने बताया कि इस समय आलू, भिंडी, लोकी, मूली, खीरा, गोभी, टमाटर आदि फसल तैयार है। बारिश होने के कारण सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचा है, क्योंकि खेतों में पानी भरने सब्जी में रोग लगने का खतरा बना हुआ है। किसानों ने बताया कि दिन-रात मेहनत कर फसल तैयार की थी और अब उनकी मेहनत खराब हो गई।
- जलभराव व बत्ती गुल होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ी
बागपत। बारिश होने से कई स्थानों पर जलभराव होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खेकड़ा, अग्रवाल मंडी टटीरी, बावली, सूजरा आदि स्थानों पर अंडरपास में पानी भरने के कारण कई वाहन फंसे, जिनको ट्रैक्टर से खींचकर निकाला गया। वहीं तेज हवा चलने व बारिश के कारण 60 गांवों में लाइन में फाल्ट होने से बिजली गुल रही। इससे गांवों में अंधेरा छाया रहा। बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, अग्रवाल मंडी टटीरी, बावली, बिनौली, हिसावदा, सिंघावली अहीर, डौला, अहैड़ा आदि गांवों में बिजली नहीं आने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
- तेज हवा व बारिश से खेतों में गिरी फसल
दोघट। बृहस्पतिवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में धान व ज्वार की फसल गिर गई है। किसान मिंटू सहरावत, दिनेश, पप्पू राठी, कपिल, रोहित ने बताया कि बारिश के कारण दाहा, टीकरी, दोघट, हिम्मतपुर सूजती आदि गांवों में फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से सर्वे कराकर नष्ट फसल का मुआवजा दिलवाने की मांग की है। वहीं बारिश होने से कोल्हू भी बंद हो गए हैं।
वर्जन
- तहसील की राजस्व टीम के साथ खेतों का सर्वे कराया जाएगा और देखा जाएगा कि किस-किस किसान की फसल को कितना नुकसान हुआ है। आकलन करने के बाद शासन को मुआवजे के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। - बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी