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यज्ञ मानव कल्याण का मूल सूत्र : स्वामी विवेकानंद
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दोघट। आजमपुर मुलसम गांव में शुक्रवार को तीन दिवसीय सामवेद परायण यज्ञ का शुभारंभ किया। ब्रह्मा स्वामी विवेकानंद सरस्वती गुरुकुल प्रभात आश्रम भोला झाल टीकरी ने कहा कि यज्ञ संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। यज्ञ मानव जीवन को ही नहीं प्राणियों के सुख का माध्यम है। यज्ञ मानव कल्याण का मूल सूत्र है।
उन्होंने कहा कि यज्ञ से वातावरण की शुद्धि होती है। यज्ञ जीवन को सुखी बनाता है। आत्म कल्याण के लिए यज्ञ ही सर्वोत्तम साधन है। यज्ञ से देवता भी प्रसन्न होते हैं। यज्ञ में बोले गए वेद मंत्रों से आत्मिक शुद्धि मिलती है।
यज्ञ में पहुंचे वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री केपी मलिक ने कहा की पर्यावरण की शुद्धि के लिए यज्ञ करना जरूरी है। गुरुकुल प्रभात आश्रम के ब्रह्मचारियों ने वेद पाठ किया। मौके पर पुरोहित डॉ. करुण भारद्वाज, ब्रह्मचारी आर्य, पंडित सतपाल आर्य, पंडित देवेंद्र आर्य, जोगिंद्र आर्य, सत्यपाल सिंह, तेजपाल धनौरा, सोहनपाल मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि यज्ञ से वातावरण की शुद्धि होती है। यज्ञ जीवन को सुखी बनाता है। आत्म कल्याण के लिए यज्ञ ही सर्वोत्तम साधन है। यज्ञ से देवता भी प्रसन्न होते हैं। यज्ञ में बोले गए वेद मंत्रों से आत्मिक शुद्धि मिलती है।
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यज्ञ में पहुंचे वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री केपी मलिक ने कहा की पर्यावरण की शुद्धि के लिए यज्ञ करना जरूरी है। गुरुकुल प्रभात आश्रम के ब्रह्मचारियों ने वेद पाठ किया। मौके पर पुरोहित डॉ. करुण भारद्वाज, ब्रह्मचारी आर्य, पंडित सतपाल आर्य, पंडित देवेंद्र आर्य, जोगिंद्र आर्य, सत्यपाल सिंह, तेजपाल धनौरा, सोहनपाल मौजूद रहे।
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