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यादव महासभा ने किया शहीद सैनिकों को याद
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यादव महासभा के तत्वावधान में यादव शौर्य दिवस कार्यक्रम का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा/बालैनी। यादव महासभा के तत्वावधान में यादव शौर्य दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें लेह लद्दाख में चीन के 1300 सैनिकों को मारकर शहीद होने वाले यादव जाति के 120 सिपाहियों को श्रद्धांजली दी गई। खेकड़ा के 15 पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया।
मोहल्ला अहिरान स्थित शिव मंदिर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि 18 नवंबर 1962 में लेह लद्दाख की रेजांगला चौकी पर भारत की 13 कुमायूं रेजीमेंट के चार्ली कंपनी के 125 सैनिकों और चीन के 3000 से अधिक सैनिकों के बीच युद्ध हुआ था। इस रेजीमेंट में 120 सैनिक यादव जाति के थे। इस जंग में तोप नहीं थीं। गोला-बारूद भी कम था। हथियार पुराने थे। इसके बावजूद सैनिकों ने चीन के 1300 सैनिकों को मार गिराया था। लड़ते हुए यादव जाति के 114 सैनिक शहीद हुए थे। लेकिन आखिर कार रेजांगला चौकी पर भारत का झंडा फहरा दिया था। समाज के लोगों ने मोमबत्ती जलाकर शहीदों को याद किया।
साथ ही यादव समाज के 15 सेवानिवृत्त सैनिकों राजपाल यादव, ओमबीर यादव, ब्रह्म सिंह यादव, डूंगर यादव, सूरजपाल, मनोज यादव, विजयपाल, रामकुमार, गजेंद्र, नीरज, विक्रम, धर्मेंद्र, राजपाल यादव आदि को भी सम्मानित किया गया। सर्वसम्मति से सेना में अहीर रेजीमेंट बनाने की मांग भी की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. बलबीर यादव और संचालन अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल यादव ने किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष आनंद यादव, सुभाष यादव आदि मौजूद रहे।
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उधर, बालैनी में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता कैप्टन रणजीत सिंह और संचालन मास्टर राजेंद्र यादव ने किया। शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। वेटलिफ्टिंग फाउंडेशन के चेयरमैन सहदेव यादव ने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ने के लिए खेल से जुड़ना चाहिए। इस मौके पर महिपाल सिंह, डॉ एसपी यादव, दीपक यादव, सीमा यादव, चाहेराम यादव, सुरेंद्र यादव, एडवोकेट कृष्ण यादव मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा/बालैनी। यादव महासभा के तत्वावधान में यादव शौर्य दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें लेह लद्दाख में चीन के 1300 सैनिकों को मारकर शहीद होने वाले यादव जाति के 120 सिपाहियों को श्रद्धांजली दी गई। खेकड़ा के 15 पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया।
मोहल्ला अहिरान स्थित शिव मंदिर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि 18 नवंबर 1962 में लेह लद्दाख की रेजांगला चौकी पर भारत की 13 कुमायूं रेजीमेंट के चार्ली कंपनी के 125 सैनिकों और चीन के 3000 से अधिक सैनिकों के बीच युद्ध हुआ था। इस रेजीमेंट में 120 सैनिक यादव जाति के थे। इस जंग में तोप नहीं थीं। गोला-बारूद भी कम था। हथियार पुराने थे। इसके बावजूद सैनिकों ने चीन के 1300 सैनिकों को मार गिराया था। लड़ते हुए यादव जाति के 114 सैनिक शहीद हुए थे। लेकिन आखिर कार रेजांगला चौकी पर भारत का झंडा फहरा दिया था। समाज के लोगों ने मोमबत्ती जलाकर शहीदों को याद किया।
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साथ ही यादव समाज के 15 सेवानिवृत्त सैनिकों राजपाल यादव, ओमबीर यादव, ब्रह्म सिंह यादव, डूंगर यादव, सूरजपाल, मनोज यादव, विजयपाल, रामकुमार, गजेंद्र, नीरज, विक्रम, धर्मेंद्र, राजपाल यादव आदि को भी सम्मानित किया गया। सर्वसम्मति से सेना में अहीर रेजीमेंट बनाने की मांग भी की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. बलबीर यादव और संचालन अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल यादव ने किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष आनंद यादव, सुभाष यादव आदि मौजूद रहे।
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उधर, बालैनी में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता कैप्टन रणजीत सिंह और संचालन मास्टर राजेंद्र यादव ने किया। शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। वेटलिफ्टिंग फाउंडेशन के चेयरमैन सहदेव यादव ने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ने के लिए खेल से जुड़ना चाहिए। इस मौके पर महिपाल सिंह, डॉ एसपी यादव, दीपक यादव, सीमा यादव, चाहेराम यादव, सुरेंद्र यादव, एडवोकेट कृष्ण यादव मौजूद रहे।