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सभी अदालतों में हिंदी में हों काम, तभी ज्यादा बढ़ेगा मान
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हिंदी हैं हम
अधिवक्ताओं ने अमर उजाला फाउंडेशन के ‘हिंदी हैं हम’ अभियान की सराहना की
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। अमर उजाला फाउंडेशन के ‘हिंदी हैं हम’ अभियान को अधिवक्ताआें ने सराहनीय कदम बताया है। मानना है कि हिंदी को बढ़ावा देने के लिए उपमंडल, जिला, उच्च और उच्चतम न्यायालय तक में हिंदी में कामकाज होना चाहिए। कहा कि हिंदी को बढ़ावा देने के लिए अदालती फैसले अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी भाषा में अपलोड होने चाहिए ताकि आम आदमी को आसानी हो सके।
अधिवक्ता देवेंद्र आर्य और सुनील पंवार ने कहा कि हिंदी देश की मातृभाषा है। सरकारी कार्यालयों में हिंदी भाषा में ही कामकाज होने चाहिए। हिंदी को बढ़ावा देने के लिए उपमंडल, जिला, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में भी कामकाज हिंदी में ही हो तो मातृभाषा अपनी पकड़ और ज्यादा बना सकती है। अमर उजाला की इस मुहिम से युवा वर्ग को ज्यादा से ज्यादा जुड़ना चाहिए। आम आदमी को हिंदी का शुद्ध उच्चारण करना चाहिए।
जयवीर सिंह तोमर एडवोकेट व रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद पाल तोमर ने कहा कि अमर उजाला ने ‘हिंदी हैं हम’ मुहिम शुरू कर अच्छी पहल की है। हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रकार के अदालती फैसले अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी जारी होने चाहिए ताकि हिंदी को बढ़ावा मिल सके।
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एडवोकेट सत्यपाल पंवार, कपिल पंवार और रोहित तोमर का मानना है कि हिंदी को बढ़ावा देने के लिए युवा वर्ग को आगे आना चाहिए। राजभाषा होने के कारण सरकारी कार्यालयों में हिंदी में ही कामकाज होने चाहिए। उन्होंने अमर उजाला मुहिम की सराहना की।
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अधिवक्ताओं ने अमर उजाला फाउंडेशन के ‘हिंदी हैं हम’ अभियान की सराहना की
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। अमर उजाला फाउंडेशन के ‘हिंदी हैं हम’ अभियान को अधिवक्ताआें ने सराहनीय कदम बताया है। मानना है कि हिंदी को बढ़ावा देने के लिए उपमंडल, जिला, उच्च और उच्चतम न्यायालय तक में हिंदी में कामकाज होना चाहिए। कहा कि हिंदी को बढ़ावा देने के लिए अदालती फैसले अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी भाषा में अपलोड होने चाहिए ताकि आम आदमी को आसानी हो सके।
अधिवक्ता देवेंद्र आर्य और सुनील पंवार ने कहा कि हिंदी देश की मातृभाषा है। सरकारी कार्यालयों में हिंदी भाषा में ही कामकाज होने चाहिए। हिंदी को बढ़ावा देने के लिए उपमंडल, जिला, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में भी कामकाज हिंदी में ही हो तो मातृभाषा अपनी पकड़ और ज्यादा बना सकती है। अमर उजाला की इस मुहिम से युवा वर्ग को ज्यादा से ज्यादा जुड़ना चाहिए। आम आदमी को हिंदी का शुद्ध उच्चारण करना चाहिए।
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जयवीर सिंह तोमर एडवोकेट व रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद पाल तोमर ने कहा कि अमर उजाला ने ‘हिंदी हैं हम’ मुहिम शुरू कर अच्छी पहल की है। हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रकार के अदालती फैसले अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी जारी होने चाहिए ताकि हिंदी को बढ़ावा मिल सके।
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एडवोकेट सत्यपाल पंवार, कपिल पंवार और रोहित तोमर का मानना है कि हिंदी को बढ़ावा देने के लिए युवा वर्ग को आगे आना चाहिए। राजभाषा होने के कारण सरकारी कार्यालयों में हिंदी में ही कामकाज होने चाहिए। उन्होंने अमर उजाला मुहिम की सराहना की।