फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Womens Day: women touched the sky setting an example in society after stepped out of the house

महिला दिवस विशेष: घर के बाहर रखा कदम तो छू लिया आसमान, समाज में पेश की मिसाल

Sat, 08 Mar 2025 09:54 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: डिंपल सिरोही Updated Sat, 08 Mar 2025 09:54 AM IST
सार

महिलाएं आज अपने दम पर न सिर्फ लाखों की कमाई कर रहीं, बल्कि उनके लिए भी सबक बन गईं जो यह तंज कसते नहीं थकते थे कि ये औरतें क्या गुल खिलाएंगी।

विज्ञापन
Womens Day: women touched the sky setting an example in society after stepped out of the house
महिला दिवस विशेष - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बागपत में समाज में उन महिलाओं की कमी नहीं, जिन्होंने स्वयं के दम पर स्वावलंबन की डगर चलकर न केवल अपने परिवार को संभाला। बल्कि रोजगार देकर दूसरों के घरों के चूल्हे जलवाने की भी मिसाल पेश की। न केवल लाखों की कमाई कर रहीं, बल्कि उनके लिए भी सबक बन गईं जो यह तंज कसते नहीं थकते थे कि ये औरतें क्या गुल खिलाएंगी। प्रस्तुत है खुद के दम पर सफलता का आसमां छूने वाली महिलाओं की कहानी...।

विज्ञापन

Womens Day: women touched the sky setting an example in society after stepped out of the house
एलईडी बल्ब बनाने वाली विमला - फोटो : अमर उजाला

पति की नौकरी छूटने पर थामी कमान और छू लिया आसमान
यह कहानी है बसौली गांव निवासी हाईस्कूल उत्तीर्ण विमला भारद्धाज की जो कभी पाई-पाई को तरसती थीं, लेकिन आज आठ घरों के चूल्हे जलवा रहीं। बात कुछ यूं है कि पति अश्वनी की रेलवे में आउट सोर्सिंग की नौकरी छूटने पर 2020 में वह स्वयं सहायता समूह से जुड़ गईं। प्रतिदिन 10 रुपये बचत कर जमा करने लगीं। कुछ दिन बाद ब्यूटीशियन का प्रक्षिण लेकर गांव में ब्यूटी पार्लर खोल स्वरोजगार की डगर थामी।

कुछ कमाई होने लगी तो 20 हजार रुपये लगाकर एलईडी बल्ब तैयार करने का काम शुरू किया। काम बढ़ा तो फिर दूसरी आठ महिलाओं से भी एलईडी बल्ब बनवाने लगीं। खुद 30-35 हजार रुपये कमाने के साथ दूसरी महिलाओं की प्रत्येक की आठ-दस हजार रुपये कमाई होने लगीं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा उप मुख्यमंत्री कैशव प्रसाद मौर्य समेत कई नामचीन हस्तियां उन्हें सम्मानित कर चुकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

Womens Day: women touched the sky setting an example in society after stepped out of the house
रजनी - फोटो : अमर उजाला

बहू क्या मर्दों के साथ काम करेगीं
नौरोजपुर गुर्जर निवासी रजनी ने चार साल पहले स्वयं सहायता समूह गठित किया, लेकिन स्वरोजगार की राह नहीं सुझी। कोरोना काल में सरकार ने बिजली बिलों की वसूली का का जिम्मा समूह की दीदियों को दिया तो उनका विद्युत सखी पद पर चयन हो गया। वसूली को घरों में जाना शुरू किया तो सासू ने तंज कसा कि बहू क्या अब मर्दों के साथ काम करेगी, लेकिन वह अपने इरादे से टस से मस नहीं हुई। बिल वसूली को घरों में जाती तो लोग तंज कसते कि ये तो ठगनी है। भला घर में काम करने वालीं को बिल वसूली का काम कैसे मिल गया।

मगर, हिम्मत नहीं हारी और ऊर्जा निगम के जेई तथा एक्सईएन को गांव में बुलाकर लोगों को यकीन दिलाया कि ये बिल वसूली के लिए अधिकृत है। फिर क्या था वे वसूली मिशन पर निकल पड़ी और देखते ही देखते सफलता की सीढि़यां चढ़ती गईं।

वर्ष 2023 में 42 लाख रुपये वसूली करने पर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर 2024 में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ में उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। चालू वित्त वर्ष में छह माह में ही ढ़ाई करोड़ की वसूली कर कर चुकी हैं। प्रत्येक माह 40-50 हजार रुपये कमाने से परिवार को न केवल गरीबी रेखा से बाहर निकाला, बल्कि जीवन स्तर भी ऊंचा उठने लगा। वे अब गांव ही नहीं, बल्कि जिले में बिजली वाली दीदी के रूप में मशहूर हो चुकीं हैं। 

विज्ञापन

Womens Day: women touched the sky setting an example in society after stepped out of the house
आसमां - फोटो : अमर उजाला

हुनर के दम पर मुंबई में मचाई धूम
बड़ागांव की आसमां पांच साल पहले एक आम बुनकर थीं, लेकिन वर्ष 2018 में एक जिला, एक उत्पाद योजना के तहत बागपत में गृह सज्जा के उत्पाद शामिल होने पर उनकी किस्मत ही बदल गई।

प्रशिक्षण से अपने हुनर को ऐसा निखरा कि अब उनके हाथ के बने पर्दे, चादर, तकियों के कवर, पायदान, झोले आदि की काफी डिमांड है। फरवरी 2025 में राष्ट्रीय आजीविका मिशन से मुंबई में लगे राष्ट्रीय स्तर के मेले में प्रदेश सरकार ने महाराष्ट्र सरकार से स्टाॅल आवंटित करवाकर उन्हें वहां भाग लेने को भेजा।

मुंबई में उनकी कमाई लाखों में हुई। वहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस समेत मुंबई की नामचीन हस्तियों ने उनके स्टाल पर जाकर उनका हौंसला बढ़ाया। आसमां बोलीं कि पहले उनकी साल में एक-डेढ़ लाख रुपये की कमाई होती थी, लेकिन अब वह छह-सात लाख रुपये कमा रहीं हैं। जिससे अब वह बच्चों को पढ़ाने के साथ हंसी खुशी से परिवार चला रहीं हैं। उपायुक्त स्वत: रोजगार अखिलेश चौबे कहते हैं कि आसमां के बनाए हैंडलूम उत्पादों की मुंबई में खासी बिक्री हुई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed