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गांवों में पानी शुद्धता की जांच करेंगी महिलाएं
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बागपत। जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अंर्तगत ग्राम पंचायत में महिलाओं की पांच सदस्यीय कमेटी पेयजल की गुणवत्ता की जांच करेगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर गांवों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जाएगा। महिलाओं को जल की शुद्धता की जांच के लिए राज्य स्वच्छता एवं पेयजल समिति की ओर से प्रशिक्षण और जांच किट उपलब्ध कराई जाएगी।
गांव में लोगों का शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत 2024 तक पानी की टंकियों का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए प्रदेश स्तर स्वच्छता एवं पेयजल समिति और जिला स्तर पर जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया है। राज्य स्तरीय समिति ने गांवों में पानी की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए है। ब्लॉक स्तर से प्रत्येक ग्राम पंचायत में पांच सदस्यीय टीम का गठन किया जाएगा। पानी की जांच की मॉनिटिरिंग के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।
इन्हें सौंपी जाएगी जांच की जिम्मेदारी
पानी की गुणवत्ता की जांच की जिम्मेदारी एएनएम, आंगनवाड़ी, ग्राम पंचायत सदस्य, शिक्षिका और सक्रिय महिलाओं को सौंपी जाएगी। महिलाओं को पानी की जांच करने का राज्य स्वच्छता पेयजल समिति की ओर से प्रशिक्षण व किट उपलब्ध कराई जाएगी। ग्राम पंचायतों में पानी की जांच मॉनिटिरिंग ब्लॉक स्तर पर की जाएगी। विकास खंड अधिकारी जल की जांच की सूचना का सत्यापन कर सहायक नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराएगें।
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ग्राम पंचायतों में पानी की शुद्धता की जांच के लिए महिलाओं की पांच सदस्यीय टीम का गठन किया जाएगा। महिलाओं को पानी की शुद्धता की जांच के लिए प्रशिक्षण और किट उपलब्ध कराई जाएगी।- रविंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम
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गांव में लोगों का शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत 2024 तक पानी की टंकियों का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए प्रदेश स्तर स्वच्छता एवं पेयजल समिति और जिला स्तर पर जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया है। राज्य स्तरीय समिति ने गांवों में पानी की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए है। ब्लॉक स्तर से प्रत्येक ग्राम पंचायत में पांच सदस्यीय टीम का गठन किया जाएगा। पानी की जांच की मॉनिटिरिंग के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।
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इन्हें सौंपी जाएगी जांच की जिम्मेदारी
पानी की गुणवत्ता की जांच की जिम्मेदारी एएनएम, आंगनवाड़ी, ग्राम पंचायत सदस्य, शिक्षिका और सक्रिय महिलाओं को सौंपी जाएगी। महिलाओं को पानी की जांच करने का राज्य स्वच्छता पेयजल समिति की ओर से प्रशिक्षण व किट उपलब्ध कराई जाएगी। ग्राम पंचायतों में पानी की जांच मॉनिटिरिंग ब्लॉक स्तर पर की जाएगी। विकास खंड अधिकारी जल की जांच की सूचना का सत्यापन कर सहायक नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराएगें।
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ग्राम पंचायतों में पानी की शुद्धता की जांच के लिए महिलाओं की पांच सदस्यीय टीम का गठन किया जाएगा। महिलाओं को पानी की शुद्धता की जांच के लिए प्रशिक्षण और किट उपलब्ध कराई जाएगी।- रविंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम