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राष्ट्र व समाज के कल्याण की कामना की
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। रेलवे रोड स्थित आर्य समाज भवन में रविवार को साप्ताहिक यज्ञ हुआ। इसमें ब्रह्म समरभानु आचार्य व यज्ञमान जयवीर आर्य रहे।
यहां देवव्रत शास्त्री ने कहा कि सभाओं, जनसभाओं में सत्य तथा धर्म आधारित व्याख्यान होने चाहिए। बताया कि पूर्व में पांच आदमी बैठकर किसी निर्णय को लिया करते थे। उन्हें पंच परमेश्वर की संज्ञा दी जाती थी। वे पांचों सत्य और धर्म के आधार पर निर्णय करते थे। यह सर्वमान्य होता था। आज के समय में परिस्थितियों में बदलाव आ चुका है। जनसभाओं में स्वार्थ की पूर्ति करने के लिए सत्य व धर्म की कोई जगह नहीं है।
दूसरी ओर बावली चौक स्थित आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय पर साप्ताहिक यज्ञ हुआ। इसमें आर्यजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। राष्ट्र व समाज कल्याण की कामना कर आहुति दी। यज्ञ के ब्रह्म ओमपाल शास्त्री व यज्ञमान राममेहर सिंह रहे। इस दौरान डॉ. ओमवीर सिंह, जसवीर मलिक, हरवीर सिंह, प्रीतम सिंह आर्य, सत्यपाल पथौलिया, अंगिरस मुनि, साहब सिंह, किशनवीर, डॉ. हरपाल सिंह, माया देवी, सुनीता देवी, ओमप्रकाश, मोहनपाल, फूल सिंह, राजवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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बड़ौत। रेलवे रोड स्थित आर्य समाज भवन में रविवार को साप्ताहिक यज्ञ हुआ। इसमें ब्रह्म समरभानु आचार्य व यज्ञमान जयवीर आर्य रहे।
यहां देवव्रत शास्त्री ने कहा कि सभाओं, जनसभाओं में सत्य तथा धर्म आधारित व्याख्यान होने चाहिए। बताया कि पूर्व में पांच आदमी बैठकर किसी निर्णय को लिया करते थे। उन्हें पंच परमेश्वर की संज्ञा दी जाती थी। वे पांचों सत्य और धर्म के आधार पर निर्णय करते थे। यह सर्वमान्य होता था। आज के समय में परिस्थितियों में बदलाव आ चुका है। जनसभाओं में स्वार्थ की पूर्ति करने के लिए सत्य व धर्म की कोई जगह नहीं है।
दूसरी ओर बावली चौक स्थित आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय पर साप्ताहिक यज्ञ हुआ। इसमें आर्यजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। राष्ट्र व समाज कल्याण की कामना कर आहुति दी। यज्ञ के ब्रह्म ओमपाल शास्त्री व यज्ञमान राममेहर सिंह रहे। इस दौरान डॉ. ओमवीर सिंह, जसवीर मलिक, हरवीर सिंह, प्रीतम सिंह आर्य, सत्यपाल पथौलिया, अंगिरस मुनि, साहब सिंह, किशनवीर, डॉ. हरपाल सिंह, माया देवी, सुनीता देवी, ओमप्रकाश, मोहनपाल, फूल सिंह, राजवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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