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चार पुलिस वालों पर होगी रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 06 Apr 2016 12:17 AM IST
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बागपत में वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली के विरोध पर पुलिस वालों द्वारा बाइक सवार को हवालात में बंद कर यातनाएं देने और उससे लूटपाट करने के मामले को कोर्ट ने गंभीरता से लेकर आरोपी दरोगा और तीन पुलिस वालों के खिलाफ सिंघावली अहीर थाना प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
सिंघावली अहीर गांव के गजराज सिंह ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया उनका बेटा संजय दिल्ली में आईएनए में नौकरी करता है। 16 मार्च 2016 को संजय ने शाम को दिल्ली से घर आने के बारे में कहा था। वह दिल्ली से घर के लिए चल भी दिया था, लेकिन घर नहीं पहुंचा । रात करीब आठ बजे संजय के मोबाइल पर संपर्क किया, लेकिन मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। इंतजार करने के बाद रात में करीब दस बजे सिंघावली अहीर थाना में पहुंचकर जानकारी की तो पुलिस वालों ने संजय के बारे में जानकारी होने से इंकार कर दिया था।
वे अगले दिन सुबह करीब छह बजे तलाश करते हुए थाने के पास पहुंचे तो थाने में तैनात संतरी ने आवाज लगाकर हवालात में बंद युवक को पहचाने के लिए कहा। वहां जाकर देखा तो उसका बेटा संजय ही बंद मिला। जानकारी करने पर संजय ने बताया पुलिस वालों ने चेकिंग के दौरान बाइक के कागज दिखाने के बावजूद उससे 200 रुपये की मांग की। विरोध करने पर पुलिस वालों ने उसके साथ मारपीट कर 50 हजार रुपये की नगदी, चार एटीएम कार्ड और अन्य कीमती सामान छीन लिया था।
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आग्रह करने के बावजूद उसके बेटे का पुलिस ने चालान किया। उन्हें भी थाने से भगा दिया । पुलिस अफसरों से शिकायत की, लेकिन पुलिस अफसरों ने भी कोई सुनवाई नहीं की। बाद में उसने कोर्ट की शरण ली। अधिवक्ता रमन कुमार चौधरी ने बताया पीड़ित गजराज के मामले में सीजेएम कोर्ट ने आरोपी दारोगा और तीन सिपाहियों के खिलाफ सिंघावली अहीर थाना प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
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सिंघावली अहीर गांव के गजराज सिंह ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया उनका बेटा संजय दिल्ली में आईएनए में नौकरी करता है। 16 मार्च 2016 को संजय ने शाम को दिल्ली से घर आने के बारे में कहा था। वह दिल्ली से घर के लिए चल भी दिया था, लेकिन घर नहीं पहुंचा । रात करीब आठ बजे संजय के मोबाइल पर संपर्क किया, लेकिन मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। इंतजार करने के बाद रात में करीब दस बजे सिंघावली अहीर थाना में पहुंचकर जानकारी की तो पुलिस वालों ने संजय के बारे में जानकारी होने से इंकार कर दिया था।
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वे अगले दिन सुबह करीब छह बजे तलाश करते हुए थाने के पास पहुंचे तो थाने में तैनात संतरी ने आवाज लगाकर हवालात में बंद युवक को पहचाने के लिए कहा। वहां जाकर देखा तो उसका बेटा संजय ही बंद मिला। जानकारी करने पर संजय ने बताया पुलिस वालों ने चेकिंग के दौरान बाइक के कागज दिखाने के बावजूद उससे 200 रुपये की मांग की। विरोध करने पर पुलिस वालों ने उसके साथ मारपीट कर 50 हजार रुपये की नगदी, चार एटीएम कार्ड और अन्य कीमती सामान छीन लिया था।
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आग्रह करने के बावजूद उसके बेटे का पुलिस ने चालान किया। उन्हें भी थाने से भगा दिया । पुलिस अफसरों से शिकायत की, लेकिन पुलिस अफसरों ने भी कोई सुनवाई नहीं की। बाद में उसने कोर्ट की शरण ली। अधिवक्ता रमन कुमार चौधरी ने बताया पीड़ित गजराज के मामले में सीजेएम कोर्ट ने आरोपी दारोगा और तीन सिपाहियों के खिलाफ सिंघावली अहीर थाना प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।