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गेहूं से आयात शुल्क हटाना किसान विरोधी : जयंत
ब्यूरो\ अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 10 Dec 2016 12:49 AM IST
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जयंत
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रालोद महासचिव जयंत चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने गेहूं से आयात शुल्क खत्म कर दिया है। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ेंगी। भाजपा की नीतियां किसान विरोधी है। इसके विरोध में 12 दिसंबर को प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। सरकार ने विदेश से गेहूं मंगाया, जिसका नुकसान किसानों को होगा।
शुक्रवार को जारी किए गए बयान में जयंत चौधरी ने कहा कि नोटबंदी की सबसे अधिक मार किसान पर पड़ी है। धान की फसल सस्ते में बेचनी पड़ी। वित्त मंत्री ने अब गेहूं आयात से शुल्क खत्म कर दिया है, इसका कारण बताया गया है कि बाजार भाव में बढ़ोतरी को इसका कारण बताया गया है।
यह गलत है। आयात शुल्क घटाने से गेहूं की कीमतें और अधिक कम होगी और किसान के गेहूं पर इसका सबसे अधिक असर पड़ेगा। रूस और यूक्रेन से 6.25 लाख टन गेहूं सरकार ने मंगाया है, यह फरवरी तक पहुंच जाएगा। जब तक विदेशी गेहूं बाजार में आएगा, देश के किसानों की फसल भी पककर तैयार होगी।
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ऐसे में दाम कम होने से यहां के किसानों की मुसीबत बढ़ेगी। रालोद इसका प्रत्येक जिले में विरोध करेगा। 12 दिसंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे। यह आंदोलन आगे और बढ़ाया जाएगा जब तक मांग पूरी न हो।
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शुक्रवार को जारी किए गए बयान में जयंत चौधरी ने कहा कि नोटबंदी की सबसे अधिक मार किसान पर पड़ी है। धान की फसल सस्ते में बेचनी पड़ी। वित्त मंत्री ने अब गेहूं आयात से शुल्क खत्म कर दिया है, इसका कारण बताया गया है कि बाजार भाव में बढ़ोतरी को इसका कारण बताया गया है।
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यह गलत है। आयात शुल्क घटाने से गेहूं की कीमतें और अधिक कम होगी और किसान के गेहूं पर इसका सबसे अधिक असर पड़ेगा। रूस और यूक्रेन से 6.25 लाख टन गेहूं सरकार ने मंगाया है, यह फरवरी तक पहुंच जाएगा। जब तक विदेशी गेहूं बाजार में आएगा, देश के किसानों की फसल भी पककर तैयार होगी।
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ऐसे में दाम कम होने से यहां के किसानों की मुसीबत बढ़ेगी। रालोद इसका प्रत्येक जिले में विरोध करेगा। 12 दिसंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे। यह आंदोलन आगे और बढ़ाया जाएगा जब तक मांग पूरी न हो।