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Baghpat News: जो जैसा करेगा, उसे इसी जीवन में भोगना पड़ेगा
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-आर्य समाज बड़ौत व आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय पर हुए साप्ताहिक यज्ञ
फोटो संख्या 2
बड़ौत। आर्य समाज बड़ौत व आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय पर रविवार को आयोजित साप्ताहिक यज्ञों मेें आर्यजनों ने यज्ञ मेें आहुति देकर विश्व के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह आर्य ने कहा कि पूर्व जन्म के पुण्य-पाप कर्मों के अनुसार वर्तमान जन्म और वर्तमान, पूर्व जन्म के कर्मानुसार भविष्यत जन्म होते हैं। न जाने संसार में कितनी योनि हैं, सब में जीव एक समान है, परंतु पाप-पुण्य के योग से मलिन और पवित्र होते हैं।
वेद का कथन है कि जीवन कर्मानुसार योनि में तब्दील होता है। जब पाप बढ़ जाता है और पुण्य कम हो जाता है, तब मनुष्य पशु आदि शरीर को प्राप्त करता है। जब धर्म अधिक व अधर्म कम हो जाता है, तब देव अथवा विद्वानों का शरीर मिलता है। जीवन में पुण्य और पाप बराबर होता है, तब साधारण पुरुष का जन्म होता है। आर्य समाज बड़ौत द्वारा आयोजित के यज्ञ के ब्रह्मा राजेन्द्र आर्य, यजमान तैजेन्द्र चौहान रहे।
पट्टी चौधरान आर्य समाज द्वारा आयोजित यज्ञ के ब्राह्म सोमेन्द्र यजमान राममेहर रहे। दोनों यज्ञों में डा. ओमवीर सिंह, प्रीतम सिंह आर्य, हरवीर सिंह, देवव्रत शास्त्री, इंद्रपाल, वीरपाल सिंह, सत्यपाल पथौलिया, सुरेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे
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बड़ौत। आर्य समाज बड़ौत व आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय पर रविवार को आयोजित साप्ताहिक यज्ञों मेें आर्यजनों ने यज्ञ मेें आहुति देकर विश्व के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह आर्य ने कहा कि पूर्व जन्म के पुण्य-पाप कर्मों के अनुसार वर्तमान जन्म और वर्तमान, पूर्व जन्म के कर्मानुसार भविष्यत जन्म होते हैं। न जाने संसार में कितनी योनि हैं, सब में जीव एक समान है, परंतु पाप-पुण्य के योग से मलिन और पवित्र होते हैं।
वेद का कथन है कि जीवन कर्मानुसार योनि में तब्दील होता है। जब पाप बढ़ जाता है और पुण्य कम हो जाता है, तब मनुष्य पशु आदि शरीर को प्राप्त करता है। जब धर्म अधिक व अधर्म कम हो जाता है, तब देव अथवा विद्वानों का शरीर मिलता है। जीवन में पुण्य और पाप बराबर होता है, तब साधारण पुरुष का जन्म होता है। आर्य समाज बड़ौत द्वारा आयोजित के यज्ञ के ब्रह्मा राजेन्द्र आर्य, यजमान तैजेन्द्र चौहान रहे।
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पट्टी चौधरान आर्य समाज द्वारा आयोजित यज्ञ के ब्राह्म सोमेन्द्र यजमान राममेहर रहे। दोनों यज्ञों में डा. ओमवीर सिंह, प्रीतम सिंह आर्य, हरवीर सिंह, देवव्रत शास्त्री, इंद्रपाल, वीरपाल सिंह, सत्यपाल पथौलिया, सुरेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे
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