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Baghpat News: हम भी पढ़ना चाहती हैं...काॅलेज बनाकर छोड़ दिया, इसे शुरू तो कराओ
Sat, 05 Apr 2025 12:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sat, 05 Apr 2025 12:44 AM IST
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बिलौचपुरा गांव स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज । संवाद
अमीनगर सराय। सरकार का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा बिलौचपुरा गांव में अधूरा है। यहां बेटियां बच जरूर रही हैं, मगर पढ़ नहीं रहीं। गांव के आसपास कोई इंटर काॅलेज नहीं है। इसलिए हर साल 20-25 बेटियां पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर हो रही हैं। गांव में राजकीय कन्या इंटर कालेज बनकर एक साल पहले तैयार हो गया, मगर उसको भी अधिकारी शुरू नहीं करा सके।
बिलौचपुरा गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय है और यहां कक्षा आठ तक पढ़ाई होती हैं। कक्षा आठ के बाद हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की पढ़ाई करनी होती हैं तो सात किमी दूर जाना पड़ता है। क्योंकि गांव से अमीनगर सराय सात किमी, मीतली आठ किमी, तेड़ा में सात किमी व धनौरा सिल्वरनगर गांव का इंटर कॉलेज आठ किमी दूर पड़ता है। इन सभी जगह के रास्ते भी जंगल के बीच से होकर जाते हैं और परिवहन की कोई सुविधा भी नहीं है।
ऐसे में अभिभावक अपनी बेटियों को जंगल के बीच से अकेले पढ़ने नहीं भेजते हैं। यही कारण है कि आठवीं के बाद हर साल 20 से 25 बेटियां पढ़ाई छोड़ रही हैं। अभी तक करीब 300 बेटियां केवल इस कारण ही पढ़ाई छोड़ चुकी हैं। लोग कहते हैं कि यदि गांव में कन्या इंटर कॉलेज शुरू हो जाए तो बेटियां आगे की पढ़ाई आसानी से कर सकेंगी। संवाद
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बिलौचपुरा गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय है और यहां कक्षा आठ तक पढ़ाई होती हैं। कक्षा आठ के बाद हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की पढ़ाई करनी होती हैं तो सात किमी दूर जाना पड़ता है। क्योंकि गांव से अमीनगर सराय सात किमी, मीतली आठ किमी, तेड़ा में सात किमी व धनौरा सिल्वरनगर गांव का इंटर कॉलेज आठ किमी दूर पड़ता है। इन सभी जगह के रास्ते भी जंगल के बीच से होकर जाते हैं और परिवहन की कोई सुविधा भी नहीं है।
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ऐसे में अभिभावक अपनी बेटियों को जंगल के बीच से अकेले पढ़ने नहीं भेजते हैं। यही कारण है कि आठवीं के बाद हर साल 20 से 25 बेटियां पढ़ाई छोड़ रही हैं। अभी तक करीब 300 बेटियां केवल इस कारण ही पढ़ाई छोड़ चुकी हैं। लोग कहते हैं कि यदि गांव में कन्या इंटर कॉलेज शुरू हो जाए तो बेटियां आगे की पढ़ाई आसानी से कर सकेंगी। संवाद
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