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पानी की टंकी कई साल से बंद पड़ी, पेयजल को तरसे ग्रामीण
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छपरौली (बागपत)। लूंब गांव में मुस्लिम बस्ती के सैकड़ों ग्रामीण पेयजल के लिए तरस रहे हैं। बस्ती की पानी की टंकी कई साल से बंद है। हैंडपंप के अभाव में लोग एक-दूसरे के सबमर्सिबल से पेयजल की व्यवस्था करने के लिए मजबूर है। सबमर्सिबल से पानी की व्यवस्था के लिए लोगों की कतारें लगी रहती है। लोगों को पेयजल की आपूर्ति के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गांव के लियाकत ने बताया कि बस्ती में आसपास सरकारी हैंडपंप नहीं है और सैकड़ों परिवारों को पानी की दिक्कत है। लोगों को काफी दूर से पानी की व्यवस्था करने के लिए विवश होना पड़ता है। बस्ती की पेयजल टंकी कई वर्षों से खराब पड़ी है। कई बार टंकी ठीक कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हुआ है। गांव के गफ्फार का कहना है कि पानी की टंकी बंद होने के कारण बस्ती के लोग पेयजल के लिए तरस रहे है। बस्ती में सरकारी हैंडपंप का भी अभाव है। बार-बार मांग करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
गुलजार का कहना है कि लोगों को एक-दूसरे के सबमर्सिबल से पानी की व्यवस्था करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। पेयजल की व्यवस्था के लिए लोगों की कतारें लगी रहती है। ग्रामीण सलीम, पप्पू, नसीम, सुहेल, अनीस, रहीस, तालिब, दिलशाद, यामीन, रोजू , काला, जुबैर, आसू , जमील, गफ्फार, राहुल, कल्लू , आरिफ, गुलजार, सद्दाम, कादिर, जाहिद, आदिल व फारूक ने बस्ती की पानी की टंकी का निर्माण कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान बहादुर सिंह का कहना है गांव की पानी की टंकी खराब है। मुस्लिम बस्ती में पेयजल की समस्या का समाधान कराने के लिए हैंडपंप रिबोर कराकर बस्ती में पेयजल की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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गांव के लियाकत ने बताया कि बस्ती में आसपास सरकारी हैंडपंप नहीं है और सैकड़ों परिवारों को पानी की दिक्कत है। लोगों को काफी दूर से पानी की व्यवस्था करने के लिए विवश होना पड़ता है। बस्ती की पेयजल टंकी कई वर्षों से खराब पड़ी है। कई बार टंकी ठीक कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हुआ है। गांव के गफ्फार का कहना है कि पानी की टंकी बंद होने के कारण बस्ती के लोग पेयजल के लिए तरस रहे है। बस्ती में सरकारी हैंडपंप का भी अभाव है। बार-बार मांग करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
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गुलजार का कहना है कि लोगों को एक-दूसरे के सबमर्सिबल से पानी की व्यवस्था करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। पेयजल की व्यवस्था के लिए लोगों की कतारें लगी रहती है। ग्रामीण सलीम, पप्पू, नसीम, सुहेल, अनीस, रहीस, तालिब, दिलशाद, यामीन, रोजू , काला, जुबैर, आसू , जमील, गफ्फार, राहुल, कल्लू , आरिफ, गुलजार, सद्दाम, कादिर, जाहिद, आदिल व फारूक ने बस्ती की पानी की टंकी का निर्माण कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान बहादुर सिंह का कहना है गांव की पानी की टंकी खराब है। मुस्लिम बस्ती में पेयजल की समस्या का समाधान कराने के लिए हैंडपंप रिबोर कराकर बस्ती में पेयजल की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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