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चौगामा क्षेत्र के पांच गांव में कई साल से बंद पड़ी पानी की टंकी
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। चौगामा क्षेत्र के पांच गांव में पेयजल टंकी पिछले कई साल से बंद पड़ी है। इससे शुद्ध पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। क्षेत्र के लोग दूषित पानी पीकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। ग्रामीणों ने नई टंकी का निर्माण कराने की मांग की है।
चौगामा क्षेत्र में पेयजल की किल्लत है। लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। क्षेत्र के दोनों ओर हिंडन व कृष्ण नदी के प्रदूषण से भूजल पानी दूषित है। अधिकतर हैंडपंप दूषित पानी उगल रहे हैं। सरकार ने त्वरित पेयजल योजना के तहत सामूहिक ग्राम पेयजल योजना लागू की थी।
1985 में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए छह पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। वहीं, 36 गांव को पाइप लाइन से जोड़कर लोगों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराई गई थी। टंकी की समय सीमा 30 वर्ष निश्चित की गई थी। समय सीमा पूरी होने पर जल निगम ने चौगामा क्षेत्र की टंकियों को बंद कर दिया है और नई टंकी का निर्माण नहीं कराया है। जिससे दाहा, भड़ल, मुलसम, भगवानपुर नांगल गांव के ग्रामीण शुद्ध जल से वंचित हैं।
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सरकार को उठाने होंगे प्रभावी कदम
सरकार को क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे। इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।-डॉ. चंद्रवीर राणा, सेवानिवृत्त पर्यावरण वैज्ञानिक
एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित
हिंडन और कृष्णा नदियों के दोनों ओर एक दर्जन से भी ज्यादा गांव रासायनिक पानी से प्रभावित हैं। दूषित पानी पीने से गांव में गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं।-धर्मेंद्र राठी, गांगनौली
दूषित पानी पीने के लिए मजबूर
दोघट क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या शुद्ध पेयजल की है। घरों तक टंकियों का पानी न पहुंचने से लोगों को दूषित पानी पीने के लिए विवश होना पड़ रहा है।-जाहुल, फौलादनगर
शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए सरकार
लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार व जल निगम को प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, तभी लोगों को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है।-तेजपाल सिंह राणा, निरपुड़ा
वर्जन
- इन गांवों में पानी की टंकी के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा जा चुका है। बजट जारी होते ही टंकी का निर्माण शुरू कराया जाएगा।-विवेक शर्मा, अवर अभियंता जल निगम
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दोघट। चौगामा क्षेत्र के पांच गांव में पेयजल टंकी पिछले कई साल से बंद पड़ी है। इससे शुद्ध पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। क्षेत्र के लोग दूषित पानी पीकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। ग्रामीणों ने नई टंकी का निर्माण कराने की मांग की है।
चौगामा क्षेत्र में पेयजल की किल्लत है। लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। क्षेत्र के दोनों ओर हिंडन व कृष्ण नदी के प्रदूषण से भूजल पानी दूषित है। अधिकतर हैंडपंप दूषित पानी उगल रहे हैं। सरकार ने त्वरित पेयजल योजना के तहत सामूहिक ग्राम पेयजल योजना लागू की थी।
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1985 में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए छह पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। वहीं, 36 गांव को पाइप लाइन से जोड़कर लोगों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराई गई थी। टंकी की समय सीमा 30 वर्ष निश्चित की गई थी। समय सीमा पूरी होने पर जल निगम ने चौगामा क्षेत्र की टंकियों को बंद कर दिया है और नई टंकी का निर्माण नहीं कराया है। जिससे दाहा, भड़ल, मुलसम, भगवानपुर नांगल गांव के ग्रामीण शुद्ध जल से वंचित हैं।
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सरकार को उठाने होंगे प्रभावी कदम
सरकार को क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे। इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।-डॉ. चंद्रवीर राणा, सेवानिवृत्त पर्यावरण वैज्ञानिक
एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित
हिंडन और कृष्णा नदियों के दोनों ओर एक दर्जन से भी ज्यादा गांव रासायनिक पानी से प्रभावित हैं। दूषित पानी पीने से गांव में गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं।-धर्मेंद्र राठी, गांगनौली
दूषित पानी पीने के लिए मजबूर
दोघट क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या शुद्ध पेयजल की है। घरों तक टंकियों का पानी न पहुंचने से लोगों को दूषित पानी पीने के लिए विवश होना पड़ रहा है।-जाहुल, फौलादनगर
शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए सरकार
लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार व जल निगम को प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, तभी लोगों को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है।-तेजपाल सिंह राणा, निरपुड़ा
वर्जन
- इन गांवों में पानी की टंकी के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा जा चुका है। बजट जारी होते ही टंकी का निर्माण शुरू कराया जाएगा।-विवेक शर्मा, अवर अभियंता जल निगम