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Baghpat News: रालोद के गढ़ में सेंधमारी में लगी सपा, अखिलेश से मिले छपरौली के चौधरी
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बागपत। रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच एक तरफ खूब बयानबाजी चल रही है, वहीं सपा ने रालोद के गढ़ में सेंधमारी शुरू कर दी। छपरौली के चौधरी सोमवार को पहली बार लखनऊ में अखिलेश से मिले, जहां उनके बीच राजनीतिक चर्चा भी हुई। हालांकि चौधरियों ने निजी कार्य के लिए वहां जाने और गन्ना मूल्य को लेकर भी चर्चा करने की बात कही है।
सपा ने गुर्जरों को पार्टी से जोड़ने के साथ ही अब जाटों की तरफ रुख किया है। यही कारण माना जा रहा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव चौधरियों से मुलाकात कर रहे हैं। अखिलेश ने सोमवार को लखनऊ में अपने आवास पर छपरौली के रहने वाले चौबीसी खाप के चौधरी सुभाष, मलिक खाप के आजाद मलिक, सिनौली के पूर्व जिला पंचायत सदस्य सोनू प्रधान व महिपाल, भाकियू नेता व दांगी खाप के धर्मपाल दांगी, प्रमोद छपरौली, विजयपाल शबगा समेत अन्य से मुलाकात की।
आजाद मलिक ने बताया कि अखिलेश यादव से मुलाकात के दौरान बागपत के किसानों की समस्याएं रखीं। इसके साथ ही युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। अन्य कई मुद्दों पर बात की गई है। सोनू प्रधान ने बताया कि अखिलेश यादव से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। उन्होंने गन्ने के बकाया भुगतान पर ब्याज, चीनी के बढ़े दामों से उद्योगपतियों को होने वाले लाभ और किसानों को इसका फायदा नहीं मिलने का मुद्दा उठाने की बात कही है।
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इसके साथ ही गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग उठाने के लिए अखिलेश यादव से कहा गया है। उन्होंने सभी बातों को प्रमुखता से उठाने का आश्वासन दिया है। वहीं कई सीटों पर टिकट को लेकर भी अखिलेश से इस मुलाकात के दौरान चर्चा की गई है। हालांकि उसको सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। इस मुलाकात से बागपत में सियासी चर्चाएं काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि रालोद के गढ़ से इस तरह चौधरियों की अखिलेश ये मुलाकात दूसरी पार्टियों को चिंता में डाल रही है।
रालोद का सबसे बड़ा गढ़ है छपरौली
बागपत की छपरौली विधानसभा सीट को रालोद का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है। छपरौली से भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह पहली बार वर्ष 1937 में विधान मंडल के नेता चुने गए थे। उसके बाद से उस सीट पर चौधरी परिवार या उनकी पार्टी का विधायक चुना जाता रहा है। एक बार भी किसी अन्य पार्टी को वहां जीत नहीं मिल सकी है। इसमें छपरौली क्षेत्र के चौधरियों का अहम योगदान रहता है। जिस तरह से चौधरियों से अखिलेश ने मुलाकात शुरू कर दी, उससे रालोद की चिंता बढ़ सकती है।
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सपा ने गुर्जरों को पार्टी से जोड़ने के साथ ही अब जाटों की तरफ रुख किया है। यही कारण माना जा रहा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव चौधरियों से मुलाकात कर रहे हैं। अखिलेश ने सोमवार को लखनऊ में अपने आवास पर छपरौली के रहने वाले चौबीसी खाप के चौधरी सुभाष, मलिक खाप के आजाद मलिक, सिनौली के पूर्व जिला पंचायत सदस्य सोनू प्रधान व महिपाल, भाकियू नेता व दांगी खाप के धर्मपाल दांगी, प्रमोद छपरौली, विजयपाल शबगा समेत अन्य से मुलाकात की।
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आजाद मलिक ने बताया कि अखिलेश यादव से मुलाकात के दौरान बागपत के किसानों की समस्याएं रखीं। इसके साथ ही युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। अन्य कई मुद्दों पर बात की गई है। सोनू प्रधान ने बताया कि अखिलेश यादव से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। उन्होंने गन्ने के बकाया भुगतान पर ब्याज, चीनी के बढ़े दामों से उद्योगपतियों को होने वाले लाभ और किसानों को इसका फायदा नहीं मिलने का मुद्दा उठाने की बात कही है।
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इसके साथ ही गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग उठाने के लिए अखिलेश यादव से कहा गया है। उन्होंने सभी बातों को प्रमुखता से उठाने का आश्वासन दिया है। वहीं कई सीटों पर टिकट को लेकर भी अखिलेश से इस मुलाकात के दौरान चर्चा की गई है। हालांकि उसको सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। इस मुलाकात से बागपत में सियासी चर्चाएं काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि रालोद के गढ़ से इस तरह चौधरियों की अखिलेश ये मुलाकात दूसरी पार्टियों को चिंता में डाल रही है।
रालोद का सबसे बड़ा गढ़ है छपरौली
बागपत की छपरौली विधानसभा सीट को रालोद का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है। छपरौली से भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह पहली बार वर्ष 1937 में विधान मंडल के नेता चुने गए थे। उसके बाद से उस सीट पर चौधरी परिवार या उनकी पार्टी का विधायक चुना जाता रहा है। एक बार भी किसी अन्य पार्टी को वहां जीत नहीं मिल सकी है। इसमें छपरौली क्षेत्र के चौधरियों का अहम योगदान रहता है। जिस तरह से चौधरियों से अखिलेश ने मुलाकात शुरू कर दी, उससे रालोद की चिंता बढ़ सकती है।