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जल वीरांगना मनस्संज्ञिनी ने जल संरक्षण के प्रति सचेत किया
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत
Updated Fri, 24 Feb 2017 12:36 AM IST
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बड़ौत। हिंडन पुनरूज्जीवन परियोजना की ब्रांड एंबेसडर मनस्संज्ञिनी ने सरकार और देशवासियों को आने वाले जल और पर्यावरण संकट को लेकर चेतावनी दी। जल वीरांगना ने अब जल पर्यावरण के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है।
आवास कॉलोनी में स्थित अपने आवास में पत्रकारों से वार्ता करते हुए मनस्संज्ञिनी ने बताया वर्ष 2017 के शुरू में ही गर्मी जैसे हालात बनने लगे हैं। यह स्थिति आने वाले 3-4 माह में भयंकर रूप लेने वाली है। स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है कि कैसे लोग पानी की एक-एक बूंद को तरसते नजर आएंगे और जो थोड़ा बहुत जल बचेगा, वह भी महामारी देने वाला होगा।
नेताओं और सरकारों ने भी पिछले साल सूखाग्रस्त इलाकों में भेजी पानी से भरी मालगाड़ी से कुछ भी सबक नहीं लिया है।
उन्होंने सरकार और देशवासियों को जल पर्यावरण के लिए सचेत किया है। जल वीरांगना मनस्संज्ञिनी ने कहा हमारे प्रजातंत्र का मूल यदि जनहित का मूलाधार यदि हरी-भरी प्रकृति है तो हम कैसे प्रजातंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया यानि चुनाव को प्रकृति से अलग रख सकते हैं। बागपत की इस प्रकृति भक्त बिटिया ने अब कानूनी रूप से भी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है और वे इस लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लेकर जाएगी।
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आवास कॉलोनी में स्थित अपने आवास में पत्रकारों से वार्ता करते हुए मनस्संज्ञिनी ने बताया वर्ष 2017 के शुरू में ही गर्मी जैसे हालात बनने लगे हैं। यह स्थिति आने वाले 3-4 माह में भयंकर रूप लेने वाली है। स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है कि कैसे लोग पानी की एक-एक बूंद को तरसते नजर आएंगे और जो थोड़ा बहुत जल बचेगा, वह भी महामारी देने वाला होगा।
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नेताओं और सरकारों ने भी पिछले साल सूखाग्रस्त इलाकों में भेजी पानी से भरी मालगाड़ी से कुछ भी सबक नहीं लिया है।
उन्होंने सरकार और देशवासियों को जल पर्यावरण के लिए सचेत किया है। जल वीरांगना मनस्संज्ञिनी ने कहा हमारे प्रजातंत्र का मूल यदि जनहित का मूलाधार यदि हरी-भरी प्रकृति है तो हम कैसे प्रजातंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया यानि चुनाव को प्रकृति से अलग रख सकते हैं। बागपत की इस प्रकृति भक्त बिटिया ने अब कानूनी रूप से भी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है और वे इस लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लेकर जाएगी।
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