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मुआवजा और इकाइयों के लिए जगह उपलब्ध न कराने पर पलायन की चेतावनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। एनजीटी के आदेश पर भड़ल गांव में प्रशासन ने एक सप्ताह पूर्व चर्मशोधन इकाइयों को ध्वस्त कराया था। सोमवार को इस मामले को लेकर बैठक हुई। इसमें लोगों ने ध्वस्तीकरण में हुए नुकसान का मुआवजा और गांव के बाहर जगह की दिलाने की मांग की। उन्होंने मांग पूरी न होने पर गांव से पलायन करने की चेतावनी दी।
लोगों का आरोप था कि प्रशासन ने बिना सूचना एवं नोटिस दिए उनकी इकाइयां पर बुलडोजर चलवा दिया था। जिससे उनका काफी नुकसान हुआ है। उनका सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया है। उन्होंने प्रशासन से सामान का मुआवजा दिलाने और इकाइयों को गांव से बाहर करने के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जगह उपलब्ध न कराने पर दूसरा रोजगार उपलब्ध कराया जाए ताकि वे परिजनों का पालन पोषण कर सकें। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान न कराने पर परिवारों के साथ पलायन करने के लिए मजबूर होंगे। बैठक में राजेंद्र, सुंदर, पाल्ली, मुकेश, रामू, नरेश, बिजेंद्र, मगनेश, संजीव, रवि आदि शामिल रहे।
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दोघट। एनजीटी के आदेश पर भड़ल गांव में प्रशासन ने एक सप्ताह पूर्व चर्मशोधन इकाइयों को ध्वस्त कराया था। सोमवार को इस मामले को लेकर बैठक हुई। इसमें लोगों ने ध्वस्तीकरण में हुए नुकसान का मुआवजा और गांव के बाहर जगह की दिलाने की मांग की। उन्होंने मांग पूरी न होने पर गांव से पलायन करने की चेतावनी दी।
लोगों का आरोप था कि प्रशासन ने बिना सूचना एवं नोटिस दिए उनकी इकाइयां पर बुलडोजर चलवा दिया था। जिससे उनका काफी नुकसान हुआ है। उनका सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया है। उन्होंने प्रशासन से सामान का मुआवजा दिलाने और इकाइयों को गांव से बाहर करने के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जगह उपलब्ध न कराने पर दूसरा रोजगार उपलब्ध कराया जाए ताकि वे परिजनों का पालन पोषण कर सकें। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान न कराने पर परिवारों के साथ पलायन करने के लिए मजबूर होंगे। बैठक में राजेंद्र, सुंदर, पाल्ली, मुकेश, रामू, नरेश, बिजेंद्र, मगनेश, संजीव, रवि आदि शामिल रहे।
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