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अनंत ज्ञान के भंडार है वेद: आचार्य अरविंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। महाभारत कालीन लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में चल रहे आठ दिवसीय 63 वें विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का शनिवार को सातवां दिन रहा। वैदिक विद्वान प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने वेदों में निहित ज्ञान, विज्ञान पर चर्चा करते हुए कहा कि चारों वेद अनंत ज्ञान और विज्ञान के भंडार है।
उन्होंने कहा कि सृष्टि की रचना से लेकर आज तक वैज्ञानिकों ने जो खोज की है, उनकी वह खोज सदा से वेदों के अनुरूप रही है। सृष्टि में जो हो रहा है वह वेदों के अनुसार है। तिनके से लेकर ब्रह्मांड तक का संपूर्ण ज्ञान और विज्ञान का भंडार चारों वेदों में समाहित है। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य गुरुवचन शास्त्री, पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य विनोद कुमार शास्त्री, आचार्य सोमदत्त भारद्वाज, सुनील शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री, आचार्य रविदत्त शास्त्री आदि विद्वानों ने भी वेदोपदेश दिए। गुरुकुल के ब्रह्मचारी जयकृष्ण शास्त्री, रोहित शास्त्री, मोहित शास्त्री, कपिल शास्त्री ने सस्वर वेदपाठ किया। अशोक चौहान, कांति त्यागी, महेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, बालकृष्ण त्यागी, हर्षकुमार, फकीरचंद त्यागी, अमित कुमार, मधुसूदनेश्वर, विशू, राहुल त्यागी सपत्नीक यज्ञमान रहे। यज्ञ में बीएसएनएल के पूर्व जीएम चंद्रहास, प्रधान यशोधर्मा सोलंकी, मंत्री राजपाल त्यागी, हरपाल सिंह आर्य, गंगाशरण, सेवाराम आर्य, अजय त्यागी, ब्रह्मप्रकाश त्यागी, अरुण त्यागी, कविराज त्यागी आदि श्रद्धालुओं ने आहुति देकर धर्मलाभ उठाया।
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बिनौली। महाभारत कालीन लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में चल रहे आठ दिवसीय 63 वें विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का शनिवार को सातवां दिन रहा। वैदिक विद्वान प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने वेदों में निहित ज्ञान, विज्ञान पर चर्चा करते हुए कहा कि चारों वेद अनंत ज्ञान और विज्ञान के भंडार है।
उन्होंने कहा कि सृष्टि की रचना से लेकर आज तक वैज्ञानिकों ने जो खोज की है, उनकी वह खोज सदा से वेदों के अनुरूप रही है। सृष्टि में जो हो रहा है वह वेदों के अनुसार है। तिनके से लेकर ब्रह्मांड तक का संपूर्ण ज्ञान और विज्ञान का भंडार चारों वेदों में समाहित है। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य गुरुवचन शास्त्री, पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य विनोद कुमार शास्त्री, आचार्य सोमदत्त भारद्वाज, सुनील शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री, आचार्य रविदत्त शास्त्री आदि विद्वानों ने भी वेदोपदेश दिए। गुरुकुल के ब्रह्मचारी जयकृष्ण शास्त्री, रोहित शास्त्री, मोहित शास्त्री, कपिल शास्त्री ने सस्वर वेदपाठ किया। अशोक चौहान, कांति त्यागी, महेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, बालकृष्ण त्यागी, हर्षकुमार, फकीरचंद त्यागी, अमित कुमार, मधुसूदनेश्वर, विशू, राहुल त्यागी सपत्नीक यज्ञमान रहे। यज्ञ में बीएसएनएल के पूर्व जीएम चंद्रहास, प्रधान यशोधर्मा सोलंकी, मंत्री राजपाल त्यागी, हरपाल सिंह आर्य, गंगाशरण, सेवाराम आर्य, अजय त्यागी, ब्रह्मप्रकाश त्यागी, अरुण त्यागी, कविराज त्यागी आदि श्रद्धालुओं ने आहुति देकर धर्मलाभ उठाया।
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