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Baghpat News: खत्म होगी यूरिया की किल्लत, 1214 मीट्रिक टन मंगवाया
Mon, 05 Feb 2024 01:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Mon, 05 Feb 2024 01:05 AM IST
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बागपत। खेती में प्रयोग होने वाली यूरिया की कोई कमी नहीं रहेगी। जिसके लिए सहकारिता विभाग के अफसरों ने 1215 मीट्रिक टन यूरिया मंगवाई है। अफसरों ने शासन को डिमांड भेजी दी। जिसकी एक सप्ताह में सहकारिता के गोदामों में आपूर्ति भी हो जाएगी।
जिले में सहकारिता विभाग की 36 साधन सहकारी समितियां संचालित हैं, जहां से किसानों को ऋण दिलाने के साथ यूरिया, डीएपी, एनपीके समेत अन्य खाद वितरित किए जाते हैं। इसके अलावा सहकारी समितियों पर किसानों को अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रहीं हैं। सहकारी समितियों पर डिमांड बढ़ने पर किसानों को यूरिया की किल्लत का सामना करना पड़ता है, जिसके चलते किसानोंं को निजी दुकानों से यूरिया खरीदना पड़ता है और दूसरे जिले की दौड़ भी लगानी पड़ती है।
अब गेहूं, सरसों समेत अन्य फसलों में यूरिया की मांग बढ़ रही है। जिसको लेकर सहकारिता विभाग के अफसरों ने पहले ही तैयारी शुरू कर दी है। सहकारिता विभाग की सहायक उपायुक्त इंदू सिंह ने बताया कि सहकारिता के गोदामों में वर्तमान में 870 मीट्रिक टन यूरिया रखा हुआ है, जबकि आगामी सीजन को देखते हुए पहले ही व्यवस्था कराई जा रही है। शासन से 1215 मीट्रिक टन की डिमांड की गई है। जो शासन में मंजूर कर ली गई है। डिमांड के अनुसार यूरिया की आपूर्ति जल्द ही गोदामों में कर दी जाएगी।
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जिले में सहकारिता विभाग की 36 साधन सहकारी समितियां संचालित हैं, जहां से किसानों को ऋण दिलाने के साथ यूरिया, डीएपी, एनपीके समेत अन्य खाद वितरित किए जाते हैं। इसके अलावा सहकारी समितियों पर किसानों को अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रहीं हैं। सहकारी समितियों पर डिमांड बढ़ने पर किसानों को यूरिया की किल्लत का सामना करना पड़ता है, जिसके चलते किसानोंं को निजी दुकानों से यूरिया खरीदना पड़ता है और दूसरे जिले की दौड़ भी लगानी पड़ती है।
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अब गेहूं, सरसों समेत अन्य फसलों में यूरिया की मांग बढ़ रही है। जिसको लेकर सहकारिता विभाग के अफसरों ने पहले ही तैयारी शुरू कर दी है। सहकारिता विभाग की सहायक उपायुक्त इंदू सिंह ने बताया कि सहकारिता के गोदामों में वर्तमान में 870 मीट्रिक टन यूरिया रखा हुआ है, जबकि आगामी सीजन को देखते हुए पहले ही व्यवस्था कराई जा रही है। शासन से 1215 मीट्रिक टन की डिमांड की गई है। जो शासन में मंजूर कर ली गई है। डिमांड के अनुसार यूरिया की आपूर्ति जल्द ही गोदामों में कर दी जाएगी।
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