{"_id":"627fdead92a3193516416b00","slug":"urdu-teacher-has-no-knowledge-of-the-subject-language-baraut-news-mrt5885129182","type":"story","status":"publish","title_hn":"उर्दू के शिक्षक को नहीं विषय भाषा का ज्ञान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उर्दू के शिक्षक को नहीं विषय भाषा का ज्ञान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम के आदेश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बैठाई जांच
बड़का गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय का है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बड़का गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात उर्दू के शिक्षक की डीएम के पास शिकायत पहुंची है। इसमें शिक्षक पर उर्दू का ज्ञान न होने तथा बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। डीएम के आदेश पर बीएसए ने जांच बैठा दी है।
मोहल्ला शोरगिरान निवासी गुलजार अहमद ने डीएम से शिकायत की कि बड़का गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में अली हसन दस वर्ष से सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। बताया कि वर्ष 2010 में उर्दू अध्यापक भर्ती के आधार पर 23 जुलाई 2010 को उनकी नियुक्त हुई थी। आरोप लगाया कि अली हसन को उर्दू भाषा का ज्ञान नहीं है। इसके बावजूद वे दस साल से बच्चों को उर्दू पढ़ा रहे हैं। ऐसा करके बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। डीएम ने इस संबंध में बीएसए को जांच करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया। इसके बाद बीएसए राघवेंद्र ने इस प्रकरण में जांच बैठा दी है। इस संबंध में एबीएसए प्रकाश चंद ने बताया कि बीएसए ने जांच सौंपी है। इसे जल्द पूरी कर रिपोर्ट बीएसए के माध्यम से डीएम को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
बड़का गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय का है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बड़का गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात उर्दू के शिक्षक की डीएम के पास शिकायत पहुंची है। इसमें शिक्षक पर उर्दू का ज्ञान न होने तथा बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। डीएम के आदेश पर बीएसए ने जांच बैठा दी है।
मोहल्ला शोरगिरान निवासी गुलजार अहमद ने डीएम से शिकायत की कि बड़का गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में अली हसन दस वर्ष से सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। बताया कि वर्ष 2010 में उर्दू अध्यापक भर्ती के आधार पर 23 जुलाई 2010 को उनकी नियुक्त हुई थी। आरोप लगाया कि अली हसन को उर्दू भाषा का ज्ञान नहीं है। इसके बावजूद वे दस साल से बच्चों को उर्दू पढ़ा रहे हैं। ऐसा करके बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। डीएम ने इस संबंध में बीएसए को जांच करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया। इसके बाद बीएसए राघवेंद्र ने इस प्रकरण में जांच बैठा दी है। इस संबंध में एबीएसए प्रकाश चंद ने बताया कि बीएसए ने जांच सौंपी है। इसे जल्द पूरी कर रिपोर्ट बीएसए के माध्यम से डीएम को भेजी जाएगी।
विज्ञापन