फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   'Urchar the word if it is in the mind, then sleep the body if it is the word'

‘मन में हो सो वचन उचरिये, वचन हो सो तन सो करिये’

Sun, 12 Sep 2021 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Sep 2021 11:33 PM IST
विज्ञापन
'Urchar the word if it is in the mind, then sleep the body if it is the word'
बड़ौत के श्री अजीतनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में दशलक्षणधर्म पर्व के तीसरे दिन पूजा करते श्रद्घालु। - फोटो : BARAUT
दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने उत्तम आर्जव धर्म को अंगीकार किया
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने विधिविधान पूर्वक पूजा-अर्चना की और उत्तम आर्जव धर्म को अंगीकार किया। ऊं ह्रीं श्री पार्श्वनाथ जिनेन्द्राय नमो नम: के साथ श्रीजी की पूजा अर्चना की। विधानाचार्य ने संदेश दिया कि ‘मन में हो सो वचन उचरिये, वचन हो सो तन सो करिये’ अर्थात जैसा मन में हो, वैसा ही कहना चाहिए और जो मन में हो वैसा करो।
श्री 1008 अजितनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर मंडी में रविवार को उत्तम आर्जव धर्म की पूजा की गई। ग्वालियर से पधारे पंडित चंद्रप्रकाश के निर्देशन में जैन भक्तजनों ने पारसनाथ भगवान की प्रतिमा का गर्म प्रसूक जल से अभिषेक किया। शांतिधारा का सौभाग्य सोधर्म इंद्र अमित जैन को प्राप्त हुआ। नित्य नियम पूजन में देव, नवदेवता पूजन, रविव्रत पूजन और पारसनाथ भगवान की पूजन की गई। संगीतकार अनुपमा जैन ग्वालियर के मधुर भजनों पर इंद्र इंद्राणियों ने भाव विभोर होकर नृत्य किया। पारसनाथ विधान की पूजन में सोधर्म इंद्र द्वारा पारसनाथ भगवान की आराधना की गई और मंडल पर अर्घ्य समर्पित किए गए। विधान में पंडित चंद्रप्रकाश ने उत्तम आर्जव धर्म के विषय में बताया। उन्होंने कहा कि ‘मन में हो सो वचन उचरिये, वचन हो सो तन सो करिये’ अर्थात जैसा मन में हो, वैसा ही कहना चाहिए और जो मन में हो वैसा करो। विधान में मुकेश जैन, वरदान जैन, अमित जैन, अरुण जैन, विपिन जैन, शशि जैन, डिंपल जैन, इंद्राणी जैन, त्रिशला जैन, रश्मि जैन, सरला जैन आदि उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि शाम सात बजे मंदिर में आरती हुई और बच्चों की धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सोमवार को मंदिर में नवग्रह विधान का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन

48 दीपकों से की गई श्रीजी की आरती
बड़ौत। श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर नेहरू रोड में तीसरे दिन तेरह द्वीप महामंडल विधान के अंतर्गत सर्वप्रथम श्री जी का प्रक्षालन अभिषेक किया गया। सुंदर लाल और कालू राम द्वारा शांतिधारा की गई। इसके बाद तेरह द्वीप महामंडल विधान की पूजा में द्वितीय विजय मेरु की सोलह रूपाचल, सोलह वक्षार, चार गजदंत, दो नैनृत्य दिशा सहित 38 मंदिर की पूजा की गई। 38 अर्घ्य चढ़ाए गए। शाम को भक्तांबर का विधान किया गया। श्रीजी की 48 दीपकों से भव्य संगीतमय आरती की गई। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नमंच किया गया, जिसके विजेताओं को अजय जैन की तरफ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सतेंद्र जैन, नरेश, अनिल, संजीव, मुकेश, आदिश, अभिनदंन, प्रदीप, राजीव, संयम शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है उत्तम आर्जव धर्म
पंडित नेमचंद ने बताया कि पर्युषण महापर्व का तीसरा धर्म उत्तम आजर्व धर्म है। आजर्व शब्द का अर्थ है कि हमारे कर्म में वाणी और नैतिक चरित्र में छल कपट और मायाचार का ना होना। आजर्व भी आत्मा का स्वभाव है, मायाचार छल कपट को त्यागकर मन में सरलता का भाव रखना ही आजर्व धर्म है। मायाचारी व्यक्ति कभी किसी का नहीं होता। उसका मन व दिमाग में हमेशा छल कपट भरा रहता है। ऐसे व्यक्ति के लिए कोई अपना नहीं होता, वह हमेशा अकेला ही होता है। मायाचारी व्यक्ति का विनाश निश्चित है। कभी किसी के साथ छल कपट नहीं करना चाहिए।
दशलक्षण पर्व में आगे
उत्तम सत्य- यथार्थ बोलना। हितकारी बोलना। थोड़ा बोलना।
उत्तम शौच- मन में किसी भी तरह का लोभ न रखना।
उत्तम संयम- मन, वचन और शरीर को काबू में रखना।
उत्तम तप- मलीन वृत्तियों को दूर करने के लिए जो बल चाहिए, उसके लिए तपस्या करना।
उत्तम त्याग- पात्र को ज्ञान, अभय, आहार, औषधि आदि सदुस्त देना।
उत्तम आकिंचन्य- किसी भी चीज में ममता न रखना। अपरिग्रह स्वीकार करना।
उत्तम ब्रह्मचर्य- सदुणों का अभ्यास करना और अपने को पवित्र रखना।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed