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इकॉनमिक कॉरिडोर का मुआवजा बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में हंगामा

Thu, 07 Apr 2022 12:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2022 12:33 AM IST
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Uproar to increase the compensation for the Economic Corridor
बागपत। दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकॉनोमिक कॉरिडोर का मुआवजा बढ़ाए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर रालोद कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलक्ट्रेट में हंगामा किया। वहां कुछ देर धरना देने के बाद वे डीएम को ज्ञापन देने पहुंचे। डीएम के बैठक में शामिल होने के कारण कार्यकर्ताओं को तीन घंटे इंतजार करना पड़ा।
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दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनोमिक कॉरिडोर के लिए बागपत के करीब 27 गांवों की करीब 350 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इस अधिगृहीत जमीन के मुआवजे को लेकर विवाद जारी है। किसान मुआवजा बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर बुधवार को रालोद कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे तथा हंगामा कर दिया। डीएम कार्यालय के बाहर कुछ देर बैठने के बाद ज्ञापन देने पहुंचे। कलक्ट्रेट प्रभारी पूजा चौधरी उनके बीच पहुंचीं। रालोद कार्यकर्ताओं ने डीएम को ही ज्ञापन देने की बात कही। इस पर बताया कि डीएम विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में हैं। इस कारण रालोद कार्यकर्ताओं को ज्ञापन देने के लिए तीन घंटे इंतजार करना पड़ा और बैठक खत्म होने के बाद डीएम राजकमल यादव को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. जगपाल तेवतिया, सौराज सिह, जयवीर सिंह तोमर, विकास प्रधान बाछौड़, निशांत तोमर, बसंत तोमर, तिरसपाल, सतीश कुमार, आजाद राठी, सौरभ राठी, संदीप मवीकलां, नीरज कुमार, आकाश राठी, विनीत बालियान, डॉ. फरमान अहमद, ओमपाल कश्यप आदि मौजूद रहे।
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यह रखीं मांगें
-जमीन का मुआवजा वर्ष 2015 के सर्किल रेट के आधार पर दिया जा रहा है, जबकि 2022 के सर्किल रेट के आधार पर दिया जाए।
-पुसार से किशनपुर बराल तक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत मार्ग भी तीन नेशनल हाईवे को जोड़ता है। इस पर गांगनौली में इंटरचेंज दिया जाना चाहिए।
-किसानों को सर्विस रोड, अंडरपास, सिंचाई नाली आदि की सुविधा दी जाएं।
-किसानों की जमीन अधिग्रहण के कागजों में कम दर्शाई है, जबकि मौके पर ज्यादा है। राजस्व विभाग की टीम से पैमाइश कराकर उसी आधार पर मुआवजा दिया जाए।
-टीकरी व टटीरी की भूमि भी ग्रामीण है, जबकि उसे शहरी दर्शाया है। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
-जिन किसानों की जमीन अधिगृहीत की गई है, उनको ग्रीन कार्ड दिए जाएं।
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