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मुआवजा बढ़वाने को चार जिलों के किसानों का हंगामा
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मुआवजे बढ़ाने की मांग को लेकर बागपत कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे चार जिले के किसानों को संबोधित करत
- फोटो : BAGHPAT
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- दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर के लिए चार जिलों के करीब 70 गांवों के किसानों की 1100 हेक्टेयर जमीन हुई अधिग्रहीत
- सरकार 2015 के सर्किल रेट को आधार मानकर दे रही मुआवजा, किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करके धरना दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का मुआवजा बढ़वाने सहित अन्य मांगों को लेकर बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिलों के किसानों ने बुधवार को कलक्ट्रेट में धरना देकर प्रदर्शन किया। किसान डीएम व एडीएम को बुलाकर ज्ञापन देने की मांग पर अड़ गए और उनके नहीं आने पर नेशनल हाईवे जाम करने की चेतावनी दी। एडीएम ने घंटेभर बाद मौके पर पहुंचकर किसानों का ज्ञापन लिया और उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक कॉरिडोर के लिए बागपत के 27 गांव, मुजफ्फरनगर के सात गांव, शामली के 22 गांव, सहारनपुर के 25 गांव की 1100 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। यह जमीन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से सहारनपुर तक है, जिसमें बागपत की 350 हेक्टेयर जमीन शामिल है। किसानों को जमीन का 2015 के सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जा रहा है। क्योंकि उसके बाद से सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है। इसे लेकर ही किसान भड़क गए और वह 2021 के सर्किल रेट तय करके मुआवजा देने की मांग कर रहे है। इसके अलावा भी जिस किसान का खेत कॉरिडोर के कारण दो हिस्से में बंट गए, उन दोनों में जाने के लिए सर्विस रोड व अंडर पास बनवाने की मांग कर रहे है तो सिंचाई की व्यवस्था की मांग हो रही है। इन मांगों को लेकर ही सभी गांवों के किसान बुधवार को ट्रैक्टरों पर कलक्ट्रेट में पहुंचे और प्रदर्शन करने के बाद धरना देकर बैठ गए।
कलक्ट्रेट प्रभारी रामनयन उनसे ज्ञापन लेने पहुंचे तो किसानों ने उनको लौटाते हुए डीएम व एडीएम को ज्ञापन सौंपने की बात कही। इसके करीब एक घंटे बाद एडीएम अमित कुमार पहुंचे और किसानों ने उनको ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आर्य तीरथ पाल, सचिन राठी गांगनौली, टीकरी से सौरभ राठी, योगेश गुर्जर बाघू, ब्रजवीर वाजिदपुर, मास्टर यशवीर सरूरपुर, रवि कुमार काठा, शामली से विदेश मलिक, ठाकुर धीर सिंह, मुजफ्फरनगर से सौरभ मलिक, गौरव मलिक, युद्धवीर, सहारनपुर से आशीष पुंडीर, आकाश त्यागी, भानू त्यागी, राहुल राजपूत आदि मौजूद रहे।
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- सरकार 2015 के सर्किल रेट को आधार मानकर दे रही मुआवजा, किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करके धरना दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का मुआवजा बढ़वाने सहित अन्य मांगों को लेकर बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिलों के किसानों ने बुधवार को कलक्ट्रेट में धरना देकर प्रदर्शन किया। किसान डीएम व एडीएम को बुलाकर ज्ञापन देने की मांग पर अड़ गए और उनके नहीं आने पर नेशनल हाईवे जाम करने की चेतावनी दी। एडीएम ने घंटेभर बाद मौके पर पहुंचकर किसानों का ज्ञापन लिया और उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक कॉरिडोर के लिए बागपत के 27 गांव, मुजफ्फरनगर के सात गांव, शामली के 22 गांव, सहारनपुर के 25 गांव की 1100 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। यह जमीन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से सहारनपुर तक है, जिसमें बागपत की 350 हेक्टेयर जमीन शामिल है। किसानों को जमीन का 2015 के सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जा रहा है। क्योंकि उसके बाद से सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है। इसे लेकर ही किसान भड़क गए और वह 2021 के सर्किल रेट तय करके मुआवजा देने की मांग कर रहे है। इसके अलावा भी जिस किसान का खेत कॉरिडोर के कारण दो हिस्से में बंट गए, उन दोनों में जाने के लिए सर्विस रोड व अंडर पास बनवाने की मांग कर रहे है तो सिंचाई की व्यवस्था की मांग हो रही है। इन मांगों को लेकर ही सभी गांवों के किसान बुधवार को ट्रैक्टरों पर कलक्ट्रेट में पहुंचे और प्रदर्शन करने के बाद धरना देकर बैठ गए।
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कलक्ट्रेट प्रभारी रामनयन उनसे ज्ञापन लेने पहुंचे तो किसानों ने उनको लौटाते हुए डीएम व एडीएम को ज्ञापन सौंपने की बात कही। इसके करीब एक घंटे बाद एडीएम अमित कुमार पहुंचे और किसानों ने उनको ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आर्य तीरथ पाल, सचिन राठी गांगनौली, टीकरी से सौरभ राठी, योगेश गुर्जर बाघू, ब्रजवीर वाजिदपुर, मास्टर यशवीर सरूरपुर, रवि कुमार काठा, शामली से विदेश मलिक, ठाकुर धीर सिंह, मुजफ्फरनगर से सौरभ मलिक, गौरव मलिक, युद्धवीर, सहारनपुर से आशीष पुंडीर, आकाश त्यागी, भानू त्यागी, राहुल राजपूत आदि मौजूद रहे।
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