बुखार का कहर: जिले में फिर दो की मौत, अस्पताल में पहुंच रहे हजारों मरीज, पर नहीं मिल रहे डॉक्टर, बढ़ रही परेशानी
यूपी के बागपत जिले में बुखार का कहर थम नहीं रहा है। जिले में फिर से दो लोगों की बुखार से मौत हो गई। वहीं बुधवार को 10 नए मरीज भर्ती भी हुए हैं। उधर, जिला अस्पताल में डॉक्टरों के छुट्टी पर जाने से अव्यवस्था फैली हुई है।
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बागपत जिले में बुखार का कहर कम नहीं हो रहा है। बुधवार को बुखार से एक किशोरी और लहचौड़ा में युवक की मौत हो गई। दस से ज्यादा बुखार पीड़ित अस्पताल में भर्ती कराए गए है, जिनका उपचार चल रहा है। डेंगू के भी पांच संदिग्ध रोगी मिले हैं। इस तरह बीमारी फैलने के बावजूद भी जिला अस्पताल में अव्यवस्था फैली हुई है। मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है।
नगर में पांडव रोड पर रहने वाली एक किशोरी को पिछले कई दिन से बुखार था। परिजन निजी चिकित्सक से उसका उपचार करा रहे थे। किशोरी की बुधवार को मौत हो गई। इसके अलावा लहचौड़ा निवासी अरुण पुत्र रामटेक कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। उसका उपचार दिल्ली के अस्पताल में चल रहा था। बुधवार को उसकी भी मौत हो गई। ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की है। इनके अलावा जिला अस्पताल में बुधवार को दस से ज्यादा बुखार पीड़ित भर्ती कराए गए, जिनका उपचार चल रहा है। डेंगू के पांच संदिग्ध भी भर्ती कराए गए है, जिनका भी उपचार शुरू कर दिया गया है।
जिला अस्पताल में छुट्टी पर डॉक्टर, भटकते रहे मरीज
जिला अस्पताल में सख्ती के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधर रही है। सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार के सीएमएस को पत्र लिखने के बाद कई डॉक्टर छुट्टी पर चले गए हैं। जिन फिजीशियन पर रुपये लेने के आरोप लगे थे और उन पर सख्ती के निर्देश दिए गए थे, वह भी बुधवार को छुट्टी पर चले गए। इससे अस्पताल में आने वाले अधिकतर मरीज भटकते रहे। जिला अस्पताल में एक दिन में करीब 1200 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं और उनमें से करीब 200 बुखार से पीड़ित होते हैं। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों के कक्षों पर डॉक्टर छुट्टी पर होने के पर्चे लगे हुए हैं, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। जिला अस्पताल में पहुंचा टीकरी का आरिफ, फैजपुर निनाना का राहुल, खेकड़ा का संजय, बागपत का बबलू ने बताया कि वह अपने परिजनों को उपचार के लिए लेकर आए है। वहां किसी को स्ट्रेचर नहीं मिलने पर परिजनों को गोद में उठाकर चक्कर काटने पड़े तो उसके बाद भी डॉक्टर नहीं मिलने पर परेशानी हुई।
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डॉक्टर ने सर्जरी कराने से किया इनकार, सीएमओ तक पहुंचा विवाद
जिला अस्पताल में सर्जरी कराने के लिए एनेसथीसिया को संबद्ध किया गया है। लेकिन उनका वेतन नहीं दिया जा रहा है। वह सीएमएस के पास पहुंचे तो उनका अनुपस्थित बताते हुए वेतन दिलाने से इनकार कर दिया गया। इससे डॉक्टर ने सर्जरी कराने से इनकार कर दिया और मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। यह विवाद सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार के पास तक पहुंच गया तो उन्होंने डॉक्टर को जल्द वेतन दिलाने का आश्वासन दिया। उसके बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ।
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जिला अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने के कारण मरीजों के परेशान होने के मामले में सीएमएस को व्यवस्था बेहतर करने के लिए कहा जाएगा। - डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ