{"_id":"685eebceebe183184709547d","slug":"two-fstps-approved-for-the-district265-lakh-families-will-get-the-facility-baghpat-news-c-28-1-bpt1004-133867-2025-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: जिले के लिए दो एफएसटीपी मंजूर...2.65 लाख परिवारों को होगी सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: जिले के लिए दो एफएसटीपी मंजूर...2.65 लाख परिवारों को होगी सुविधा
Sat, 28 Jun 2025 12:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sat, 28 Jun 2025 12:36 AM IST
विज्ञापन
बागपत। जिले में पहली बार शासन ने दो एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) मंजूर किए हैं। इनका निर्माण कराने पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनसे बागपत के 2.65 लाख से ज्यादा परिवारों को सुविधा होगी, क्योंकि सेप्टिक टैंक खाली कराने की समस्या नहीं रहेगी। इनका निर्माण शुरू कराने के लिए जमीन की तलाश शुरू हो गई है।
स्वच्छ भारत मिशन फेज तृतीय के अंतर्गत दोनों एफएसटीपी का निर्माण होगा। प्रत्येक की क्षमता 10 केएलडी होगी। इनका निर्माण उन गांवों की जमीन पर कराया जाएगा, जहां से जिले के सभी छह ब्लॉक कवर किए जा सकें। इनका निर्माण कराने के लिए जलभराव रहित तथा ठोस जमीन चाहिए।
प्रदूषण की संभावना खत्म करने के लिए जिन गांवों में भूजल स्तर काफी नीचे होगा, वहां इनका निर्माण होगा। आबादी क्षेत्र से 250 से 500 मीटर दूरी पर इनका निर्माण होगा, ताकि लोगों को दुर्गंध, शोर तथा संक्रमण की समस्या का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
एफएसटीपी के संचालन के लिए 30 किलोवाट बिजली और पांच हजार लीटर पानी की जरूरत होगी। इसका फायदा 2.65 लाख ग्रामीण परिवारों को होगा, क्योंकि सेप्टिक टैंक खाली कराकर मल निस्तारण की सुविधा मिल सकेगी।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के निदेशक अमित कुमार सिंह ने डीपीआरओ को पत्र भेजकर मंजूर किए दोनों ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन चिन्हित कर 30 जून तक रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
खेती के लिए मिलेगा खाद और पानी
एफएसटीपी से प्राप्त ठोस पदार्थों से खाद बनेगी। उपचारित पानी का उपयोग सिंचाई में होगा। फिकल स्लज के सुरक्षित निपटान से रोगाणुओं व कार्बनिक पदार्थ कम होंगे।
--
सभी बीडीओ तथा एडीओ को एफएसटीपी निर्माण कराने के लिए जमीन चिन्हित कर ग्राम सभा का प्रस्ताव, जमीन की खसरा-खतौनी, चिन्हित जमीन का नजरी नक्शा, लेखपाल की संस्तुति रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। जमीन मिलने पर दोनों प्लांट का निर्माण होगा। - अरुण अत्री, जिला पंचायत राज अधिकारी
विज्ञापन
स्वच्छ भारत मिशन फेज तृतीय के अंतर्गत दोनों एफएसटीपी का निर्माण होगा। प्रत्येक की क्षमता 10 केएलडी होगी। इनका निर्माण उन गांवों की जमीन पर कराया जाएगा, जहां से जिले के सभी छह ब्लॉक कवर किए जा सकें। इनका निर्माण कराने के लिए जलभराव रहित तथा ठोस जमीन चाहिए।
विज्ञापन
प्रदूषण की संभावना खत्म करने के लिए जिन गांवों में भूजल स्तर काफी नीचे होगा, वहां इनका निर्माण होगा। आबादी क्षेत्र से 250 से 500 मीटर दूरी पर इनका निर्माण होगा, ताकि लोगों को दुर्गंध, शोर तथा संक्रमण की समस्या का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
एफएसटीपी के संचालन के लिए 30 किलोवाट बिजली और पांच हजार लीटर पानी की जरूरत होगी। इसका फायदा 2.65 लाख ग्रामीण परिवारों को होगा, क्योंकि सेप्टिक टैंक खाली कराकर मल निस्तारण की सुविधा मिल सकेगी।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के निदेशक अमित कुमार सिंह ने डीपीआरओ को पत्र भेजकर मंजूर किए दोनों ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन चिन्हित कर 30 जून तक रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
खेती के लिए मिलेगा खाद और पानी
एफएसटीपी से प्राप्त ठोस पदार्थों से खाद बनेगी। उपचारित पानी का उपयोग सिंचाई में होगा। फिकल स्लज के सुरक्षित निपटान से रोगाणुओं व कार्बनिक पदार्थ कम होंगे।
सभी बीडीओ तथा एडीओ को एफएसटीपी निर्माण कराने के लिए जमीन चिन्हित कर ग्राम सभा का प्रस्ताव, जमीन की खसरा-खतौनी, चिन्हित जमीन का नजरी नक्शा, लेखपाल की संस्तुति रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। जमीन मिलने पर दोनों प्लांट का निर्माण होगा। - अरुण अत्री, जिला पंचायत राज अधिकारी